छोड़ दिया

मैंने ज़ाम से ज़ाम टकराना छोड़ दिया।
यारों मैंने पीना – पिलाना छोड़ दिया।

खबर जो फैली, कि मैं हो चला बै-रागी,
दोस्तों ने महफ़िल में बुलाना छोड़ दिया।

दोस्ती का मतलब जानता हूं मैं, लेकिन,
मतलब कि दोस्ती निभाना छोड़ दिया।

हुए क्या ज़रा जो दूर, हम महफ़िल से,
मुश्किलों में मिलना मिलाना छोड़ दिया।

दोस्तों पे दोस्ती निसार है आज भी ‘देव’,
दोस्तों ने दोस्ती आजमाना छोड़ दिया।

देवेश साखरे ‘देव’

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4 Comments

  1. Poonam singh - April 4, 2019, 2:51 pm

    Good

  2. ashmita - April 6, 2019, 11:58 am

    Nice

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