निर्झर झरता गीत

 

यह गीत धरा का धैर्य

गर्व है, नील–गगन का

यह गीत झरा निर्झर-सा

मेरे; प्यासे मन का ….

 

यह गीत सु—वासित् : चंदन–वन

यह गीत सु-भाषित् : जन-गण-मन

यह गीत प्रकाशित् : सूर्य–बदन

यह गीत गरल का आचमन

यह गीत समर्पण् जीवन का

यह गीत झरा…………..

 

यह गीत वसन् नंगे तन का

यह गीत रंग अल्हड़पन का

यह गीत अलाव जीवन-रण का

यह गीत भीष्म के भीषण-प्रण का

यह गीत व्यथित् भारत–मन का

यह गीत झरा……………

 

यह  गीत ‘तपस्या’ का इक ‘फल’

यह गीत ‘कलशभर’ अमृत–जल

यह गीत पपीहा–सा : ‘बे—कल’

यह गीत ‘लगन’ ‘अनुपम’ प्रतिपल

यह गीत है मन का, इक ‘मनका’

यह गीत झरा…………….

 

यह गीत साँस का उच्छवास्

यह दिव्य–आर्य का पुनर्वास्

यह गीत राम का अरण्यवास्

यह गीत ‘त्रि-काल’ का अट्टहास्

यह गीत है;  देश का, जन-जन का

यह गीत झरा…………….

 

यह गीत ‘लहू’ से मैंने ‘रचा’

यह गीत ‘भाव का नीर’ भरा

यह गीत सनातन आवाहन

यह गीत “शहीदों की है चिता”

यह गीत देश के जागरण का

यह गीत झरा……….

 

यह गीत ‘समर’ का शंख–नाद

यह गीत विधा का ‘नवल वाद’

यह गीत ‘विरह’ का विकल–प्रमाद

यह गीत ‘विजय’ का परम्–प्रसाद

यह गीत है; ‘पाँखी का तिनका’

यह गीत झरा……………

 

यह गीत है, गुंजित् आसपास

यह गीत है ‘मन का कारावास’

यह गीत ‘कालिन्दी-तट’ का ‘रास’

यह गीत ‘अहिल्या का विश्वास’

यह गीत “प्रणाम“ है; ‘अनुपम’ का

यह गीत झरा………..

——-**********——

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

2 Comments

  1. Avantika Singh - July 8, 2016, 10:23 pm

    bahut khoob

  2. Sridhar - July 9, 2016, 8:59 pm

    Nice

Leave a Reply