हो हार या कि जीत हो

हो हार या कि जीत हो, करता रह प्रयास तू।।
प्रथम रख तू धर्म को, करता रह तू कर्म को।।
कर समस्या का सामना, समाधान तू खोजना।।
हो हार या कि जीत हो, करता रह प्रयास तू।।
कठिन है तो क्या हुआ, मार्ग है तेरा चुना।।
और है अगर तेरा चुना, तो कर चुनौती का सामना।।
है यही धर्म है यही कर्म, है यही तेरी साधना।।
हो हार या कि जीत हो, करता रह प्रयास तू ।।

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4 Comments

  1. Sridhar - December 14, 2018, 12:52 pm

    Inspirational

  2. Anirudh sethi - December 15, 2018, 1:36 pm

    behatreen prayaas

  3. राही अंजाना - December 15, 2018, 6:15 pm

    वाह

  4. देवेश साखरे 'देव' - December 17, 2018, 4:03 pm

    बहुत खूब

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