कोशिश

हुनर किसी ज़रिए का मोहताज नहीं होता ।
कल उन्हीं का है, जो कुछ आज नहीं होता ।
गिरने से डरता क्यों है, पहले उड़ान तो भर,
वो भी सीख जाता, जिनका परवाज़ नहीं होता ।
मंजिल मिलेगी ज़रूर, पहले शुरुआत तो कर,
अंजाम नहीं होता, जब तक आगाज़ नहीं होता ।
खुद पे यकीं रख, शिद्दत से अपना काम तो कर,
कामयाबी शोर करेगी, उसमें आवाज़ नहीं होता।
यूं हिम्मत ना हार ‘देव’, पहले कोशिश तो कर,
कोशिश करने वालों से, ख़ुदा नाराज़ नहीं होता ।

देवेश साखरे ‘देव’

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

2 Comments

  1. Anjali Gupta - January 7, 2019, 4:20 pm

    nice

Leave a Reply