अँधेरा कहीं भी हो दूर होना चाहिए

अँधेरा कहीं भी हो दूर होना चाहिए,
सूरज न सही दिए के माफ़िक जलना चाहिए,
क्या हुआ जिंदगी में उदासियाँ बहुत हैं,
औरों की ख़ुशी देखकर भी मुस्कुराना चाहिए।

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

4 Comments

  1. ashmita - December 20, 2018, 4:25 pm

    आपने तो दुष्यंत जी की कविता की याद दिला दी

  2. Mithilesh Rai - December 20, 2018, 9:42 pm

    बहुत खूब

  3. Anjali Gupta - December 22, 2018, 1:31 pm

    nice

Leave a Reply