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Nazm

” इंतज़ार ” सोचा भी न था मैंने वो मुलाक़ातें मेरे ख़्वाबों का मुक़द्दर बन जाएँगी उसकी बातें, उसकी यादें मुझे तड़पायेगी उसके नाम मेरी सांसों में बस जायेगा और __ हर रात मेरे ख़्वाबों में आके वो मुझसे पूछेगी ” यावर ” कब _____आओगे __ _________यावर कफ़ील »

जाने मेरा शुमार किन में करे है…. तू महफ़िल में ये हालत देखता नहीं मुझे _________________यावर कफ़ील »

kehna tha..

Bite palo ki baad aaj hme unse kehna tha.. Diye the pyar me jo drd aaj bhi sehna tha.. Waqt ke faslo ne aaj unhe badal dia jrur… kiya hi pyar kyu jb unhe dur hi rehna tha… Kehta h fir bhi dil baar baar aaj unse kehna tha… Kehna tha….vk »

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This servitude eternal, Bound by duty and faith, I find hope fading, Devoured by these, Ordeals. These trials, Harbringers of all That is ordained, Also conduct terrible fate. Dread comes, For this bounding main Of darkness, Lies absolute. Imploring for dilligence, We are engulfed. a.s. »

तकदीर की क्या खूबी है

तकदीर की क्या खूबी है, मेहनत करने वाले नंगे बैठे है काले धन वाले मोटे लिहाफ़ कम्मल लपेटे है »

सोच जरुरी …

देश में उथल पुथल का माहौल बना है, जियो लेने को भी यहाँ भीड़ घना है, व्यस्त यहाँ इंसान हर रोज़ इस तरह सा, हज़ार का पत्ता भी अब हर ओर मना है। देश प्रेम बातूनी दे रहे बहोत से सलाह हैं, जियो सही, बैंक की लाइन पे कर रहा वही आह है, तो मुखौड़ा क्यों ओढ़े हुए सब देश भक्ति का यहाँ, हमेशा आलोचना करने की कैसी ये चाह है। सरहद पे खड़ा है सैनिक, तो कहता उसका काम है, जान भी दे दे तो करते नही उसका ये सम्मान है, ट्विटर ... »

“हलाला देती बरबादी ?”

“हलाला देती बरबादी ?” मुद्दा तलाक का तीन तलाक लाना | बिना विचार किये महिला को हटाना || हजरत उमर का था वह रहा ज़माना | तीन तलाक पर चालीस कोड़ा लगाना || किस्सा था पुराना जब दुल्हन का लाना | खोलकर नकाब उसका घर उसे लौटाना || मजहवी बहाना करता रहा है मनमाना | महिला को अधिकार जनता को दिलाना || उपयोग की वस्तु नही! बदला नव ज़माना | तरक्की पसंद जहां है कुछ करके दिखाना || आओ मिल बैठकर परिवार को है ब... »

Meri jindagi uske aane se..

Main kuch kuch rutha rutha tha.. main kuch kiya kiya tha. kisi me mujhko pehchana kisi ne bnaya diwana. chahat hazaro hoti h bedardi ke bzaar me. pehla eshshaas mujhe hua. duza uska purana koi diwana tha. Uski chahat bhi badli. Aaj hum sath h dosto ko tarah. are dosti to ek bahana tha   »

बचपन की याद

जब भी बैठता हूं किसी सिरहाने से सटकर, बहुत सी यादें याद आ जाती हैं… इस आधुनिकता के खेल में भी मुझे, अपने बचपन की याद आ जाती है.. रसना खुश नही इन मंहगे पकवानो से, बस बचपन की वो ‘मलाई’ याद आती है… नही मिलता जब चैन ठंडे आशियानों में भी, तो नीम के नीचे पङी वो ‘चारपाई’ याद आती है… अकेले जब किसी सफर में थक जाता हूं मैं, तो सुकून देने वाली वो मां की गोद याद आती ह... »

नजर नहीं आये

शहर छोड़ गये हो सोचा मैंने, जब से तुम नजर नही आये… अजीब हो तुम भी शहर में होकर भी, तुम हमारे शहर नही आये… जो तुम न दिखते हो पास तो, अल्फाजों की निंदा कर देता हूँ मैं… कागजों और अल्फाजों को प्रताड़ित करके, इन्हें  शर्मिंदा कर देता हूँ मैं… जो तुम दिख जाते हो पास तो, नयी कोशिश चुनिंदा कर लेता हूं मैं… दोनों की सुलह करवा कर, नए अल्फाज़ जिंदा कर लेता हूँ मैं… गीले क... »

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