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मुक्तक

मैं खुद को यादों में भुलाकर रह गया हूँ! मैं खुद को दर्द से रूलाकर रह गया हूँ! हर कोशिश नाकाम है दीदार की जबसे, मैं अश्क को आँखों में लाकर रह गया हूँ! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

तेरी चाहत मेरे गुनाह की तरह है! तेरी तिश्नगी दिल में आह की तरह है! खींच लेती है खुशबू तेरे ख्यालों की, तेरी याद बेखुदी की राह की तरह है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

मेरी हर कोशिश तुम्हें पाने के लिए थी! तेरी जुल्फों के तले आने के लिए थी! लेकिन समझ न पाया मैं तेरी दिल्लगी, तेरी हर अदा तो तड़पाने के लिए थी! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

हमें दर्द जिंदगी में मिलते रहेंगे! हम राहे-मंजिलों पर चलते रहेंगे! डरते नहीं किसी से रंग मौसमों के, फूल तमन्नाओं के खिलते रहेंगे! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

मुझको तेरी चाहते-नजर चाहिए! दिल में तमन्नाओं की लहर चाहिए! झिलमिलाते ख्वाब हों जुगनू की तरह, मुझको यादों का वही शहर चाहिए! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

मैं कैसे कहूँ कि तेरा दीवाना नहीं रहा? मैं कैसे कहूँ कि तेरा परवाना नहीं रहा? मुझे खींचती है मधुशाला तेरे नयनों की, मैं कैसे कहूँ कि आशिके-पैमाना नहीं रहा? मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

बंद होकर भी आँखें कुछ बोल जाती हैं! राह तमन्नाओं की कुछ खोल जाती हैं! रोशनी जल जाती है यादों की शक्ल में, दर्द की लहरें जेहन में डोल जाती हैं! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

मेरी शामें-तन्हाई न खाली जाएगी! मेरी जुबां पे फिर से आह डाली जाएगी! सोहबत बुरी है मेरी दिलजलों से साकी, मयखानों से गम की राह निकाली जाएगी! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

तुम मेरी जिन्दगी से यादों को ले लो! तुम मेरे दर्द की फरियादों को ले लो! मैं कब तलक सहता रहूँ आहे-तमन्ना? तुम मेरे ख्यालों से इरादों को ले लो! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

सोचता हूँ आज तुमसे मुलाकात कर लूँ! रात की तन्हाई में तुमसे बात कर लूँ! तेज कर लो तुम फिर से तीर-ए-नज़र को, जख्मों को सह लेने की करामात कर लूँ! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

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