Independence Day

हम सबका हिंदुस्तान

इस देश में अजीब किस्म की बात चल रही है, हिन्दू , मुस्लिम ,सिख ,ईसाई कहने को है सब भाई-भाई ख़ास तौर पर हिन्दू और मुस्लिमान इस कविता में न कोई ऐसा नाम हैं जो हिन्दू या मुसलमान हैं , बल्कि एक हिंदुस्तान हैं सदियों लंबा इतिहास है ये , सारे देशों में ख़ास हैं ये दुनिया कहती है क्या चीज़ हैं ये , गंगा , जमुना तहज़ीब है ये ये देश शिवा,राणा का हैं ; यह देश महाराणा का हैं जय हो , अशोक , महावीर , विक्रमादित... »

Bharat Maa Ke Teen Stambh

Bharat Maa Ke Teen Stambh

Bharat maa ke in stambhon ko shat shat mera pranam hai Ek jawan ek kisaan aur ek vigyaan hai. Bharat maa ke vagyaniko ka kya kehna…. Ye hai hamari matribhumi ka anmol gehna Aaj inki hi badolat udta mangalyaan hai America cheen aur japan bhi hairan hai Bharat maa ke in stambhon ko shat shat mera pranam hai Ek jawan ek kisaan aur ek vigyaan hai Bharat maa ke veer jawano ka kya kehna Balidani a... »

मेरे भारत का झंडा तब बिन शोकसभा झुक जाता है

देख तिरंगे की लाचारी कैसे हर्शाएं हम आजादी पर कैसे नांचे कैसे झूमे गायें हम   भारत माँ का झंडा जब पैरों के नीचे आता है और जहाँ अफ्जालों पर मार्च निकाला जाता है जिस देश में दीन-हीन कोई पत्ते चाटकर सोता है भूख की खातिर कोई यहाँ जब बच्चे बेच कर रोता है जहाँ अमीरों के हाथो से बेटिया नोची जाती हैं जब कोई सांसद संसद में महिला को गाली दे जाता है मेरे भारत का झंडा तब बिन शोकसभा झुक जाता है इस झंडे को... »

श्रद्धांजलि

गीत आधार छंद-द्विगुणित चौपाई कुल ३२ मात्राएँ , १६-१६ पर यति ★■◆●★■◆●★■◆●★■◆●★■◆●★■◆◆●★■◆●★■◆●★ आओ तुमको ले चलूँ वहाँ, जिस जगह वीर इक सोया था । डोली थी सजी हुई लेकिन, वह आत्ममुग्ध सा खोया था । आँखों में चमक अजब सी थी, जैसे पौरुष को जीता हो । था मगर उनींदा ज्यों सपनों, को हाला जैसा पीता हो । होंठों पर मुस्कानें लेटीं, खुद का सौभाग्य जताती थीं । उस वीर पुरुष की दिव्य कथा, सम्मान सहित बतलाती थीं । फलद... »

स्वतन्त्रता की कहानी

स्वतन्त्रता की कहानी

गुलामी में भी हमारे दिल में देश की शान काफी थी, तोड़ देते थे होंसला अंग्रेजो का हममे जान काफी थी, पहनते थे कुर्ता और पाजामा खादी की पहचान काफी थी, गांधी जी के मजबूत इरादों की मुस्कान काफी थी, आजाद भारत देश को स्वतंत्र भाषा विचार को, लड़ कर मर मिट जाने की तैयार फ़ौज काफी थी, गुलामी की जंजीरों से जकड़े रहे हर वीर में, स्वतंत्र भारत माँ को देखने की तस्वीर काफी थी॥ राही (अंजाना) »

पत्र

पत्र

ये लहू कह रहा है कि भूल न जाना, न हम कर सके जो वो करके दिखाना, हम मिटे सरहदो पे कोई गम हमें नहीं इस हिन्द की आजादी का , न कोई मोल तुम लगाना कण कण समेट हम धरा से,एक अडिग शैल बन जाएंगे तुम छू सको हर कोर को, एेसा स्वतंत्र नभ दे जाएंगे कभी शूल जो बिखरे हुए हो मुश्किलों के वतन पे, इस देह में उनको समा, कहीं तिरंगे में लिपट जाएंगे I प्रेम का विश्वास का नित दीप तुम जलाना, मेरे हिन्द को विकास के पथ पर तुम ... »

सच में मिली आजादी?

हिन्द के निवासियों धरती माँ पुकारती है उठ खड़े हो जाओ तुम माँ भारती पुकारती है धर्म, जाती-पाती से तुम बाहर आकर भी देख लो आजाद भारत में आज भी मजदूर बंधुआ बने देख लो ये आजादी है या भ्रमजाल वक्त चल रहा ये कैसी चाल भूख की खातिर जहाँ जिस्म बिकते देख लो शौक की खातिर जहाँ जिस्म नुचते देख लो मानव की औकात क्या पशु असुरक्षित हैं, देख लो भारत के कर्णधारों से भविष्य के सितारों से माँ भारती ये पूछती है सच में म... »

फ़िर बतलाओ जश्न मनाऊँ मैं कैसी आजादी का

आतंकी की महिमा मंडित मंदिर और शिवाले खंडित पशु प्रेमी की होड़ है फ़िर भी बोटी चाट रहे हैं पंडित भ्रष्टों को मिलती है गोदी देशभक्त होते हैं दंडित सत्ता का हर इक दलाल बन बैठा ससुर जिहादी का फ़िर बतलाओ जश्न मनाऊँ मैं कैसी आजादी का   ईद खून का खेल हो गयी हत्या रेलमपेल हो गयी होली और दिवाली पर हावी बढ़ती विषबेल हो गयी दोषी घूम रहे हैं बाहर निर्दोषों को जेल हो गयी जुल्म ढह रहा है सब पर ही खास वर्ग आब... »

क्रांतियुवा

खल्क ये खुदगर्ज़ होती। आरही नज़र मुझे।। इंकलाब आयेगा ना अब। ये डर सताता अक्सर मुझे।। अशफ़ाक़ की,बिस्मिल की बातें। याद कब तक आएँगी।। शायद जब चेहरे पे तेरे। झुर्रियां पड़ जाएँगी।। क्या भूल गए हो उस भगत को। जान जिसने लुटाई थी।। तेईस में कर तन निछावर। दीवानगी दिखाई थी।। वीरता के रास्तों से आज़ादी घर पर आई थी। बेड़ियों के निशां थे सर पर और खून में नहाईं थी।। आज सूरज वीरता का। बादलों में गुम है।। आधुनिक समय का... »

स्वतंत्रता दिवस

पंद्रह अगस्त का पावन दिन , वीरों की याद दिलाता है | शहीद हुए जो देश के खातिर , उनकी कथा सुनाता है | तेरह वर्ष की उम्र में आकर , चौदह कोड़े थे खाये | भारत माँ के लिए लड़े और , आजाद चन्द्र शेखर कहलाये | गांधी ,सुभाष, बिस्मिल, रोशन ने , देश के खातिर प्राण दिये | भारत की आजादी के हित , सारे सुख थे त्याग दिये | लाल ,बाल और पाल ने मिलकर , आजादी का बिगुल बजाया | लक्ष्मी, तात्या तोपें ने था , विद्रोह का स्व... »

Page 3 of 1012345»