Independence Day

Happy Independence Day

Watan hamara misaal mohabat ki, Todta hai deewaar nafrat ki, Meri Khush naseebi, Mili zindagi is chaman mein Bhula na Sake koi iski khushbo saton janam mein. Happy Independence Day! – Yash »

आज़ादी

खून से मिली आज़ादी हैं , जूनून से मिली आज़ादी हैं , बलिदान से मिली आज़ादी हैं सोचने की आज़ादी हैं , लिखने की आज़ादी हैं , इस देश मैं आज़ादी ही आज़ादी हैं भूल हम जाते हैं बस ऐसे की , कितने बलिदानों के बाद मिली हैं यह आज़ादी हैं , चलो हम याद करे उन सपूतो को , जिनके लिए मिली हमे यह आज़ादी हैं »

मैं आज़ाद हूँ

मैं आज़ाद हूँ

मैं आज़ाद हूँ , तुम लोग मुझे पागल कहोगे , मैं आज़ाद हूँ आपसी घृणा से , आपसी बैर से , मैं आज़ाद हूँ मैं आज़ाद हूँ , धन का मेरा कोई मोल नहीं हैं , मन का मोल ही सब कुछ मेरा हैं , मैं आज़ाद हूँ , तुम लोग मुझे पागल कहोगे »

क्या आप राष्ट्र वादी हैं?

क्या आप राष्ट्र वादी हैं?

आज सुबह से मैं, राष्ट्रवादी खोज रहा हूँ। कौन-कौन है देशभक्त ये सोच रहा हूँ॥ सुबह-सुबह किसी ने दरवाजा खटखटाया, देखा तो कन्हैया आया। उसके हाथ में दूध के डिब्बा था। उसके पास अपना ही किस्सा था। देखकर -मुझे कहने लगा कवि साहेब- बर्तन लेकर आओ। चुपचाप क्यों खड़े हो, बताओ? मैं तो आज राष्ट्रवादीयों को खोज रहा हूँ। कौन-कौन है राष्ट्रवादी सोच रहा हूँ।। इसीलिए दूध वाले पूछ बैठा, कन्हैया- क्या तुम राष्ट्र वादी ... »

तुम वीर मेरे

तुम वीर मेरे तुम वीर मेरे हम साथ तेरे मनमीत मेरे जिस पल लगे तुम हार गये समझो उस पल तुम जीते गये आजा के अब अँखिया तरस गई आँखों के आँसू सूख गये तुम हो और रहोगे हमेशा दिल में आवाम ये कहते रह गये.. #UniqueMaya »

भारत माँ

चूड़ियाँ पहनी जिन हाथों में, मैं तलवार उठा सकती हूँ। नहीं देश का एक कोना दूँगी, बदले में जां दे सकती हूँ। जिन्होंने मुझे खोटा समझा, उन्हें गर्व करा सकती हूँ। पापा ने समझा खोटा सिक्का, भारत माँ, मैं खरा बन सकती हूँ। #UniqueMaya »

एक संवाद तिरंगे के साथ।

जब घर का परायों का संगी हुआ। क्रोधित तेरा शीश नारंगी हुआ। ये नारंगी नासमझी करवा न दे। गद्दारों की गर्दने कटवा न दे।। साँझ को अम्बर जब श्वेत हुआ। देख लेहराते लंगड़ा उत्साहित हुआ।। श्वेताम्बर गुस्ताखी करवा न दे। मेरे हाथों ये तलवारें चलवा न दे।। तल पे हरियाली यूँ बिखरी पड़ी। खस्ता खंडहरों में इमारत गड़ी।। ये हरियाली मनमानी करवा न दे। गुलमटों को अपने में गड़वा न दे।। तेरा लहराना मुसलसल कमाल ही है। तेरी भ... »

वन डे मातरम

स्वतंत्र हैं हम देश सबका। आते इसमें हम सारे हर जाती हर तबका।।   सोई हुई ये देशभक्ति सिर्फ दो ही दिन क्यूँ होती खड़ी। एक है पंद्रह अगस्त और दूसरा छब्बीस जनवरी।।   देश रो रहा रोज़ रोज़ फिर एक ही दिन क्यों आँखे नम अब बंद करदो बंद करदो ये वन डे वन डे मातरम्   देखो कितना गहरा सबपर दिखावे का ये रंग चढ़ा। एक दिन तिरंगा दिल में अगले ही दिन ज़मीन पे पड़ा।।   उठते तो हो हर सुबह चलो उठ भी जाओ अ... »

अमन की कुछ बात

अमन की कुछ बात

दरिया में बहा दो रंजिश सब अब अमन की कुछ बात हो जाये मेरे देश में खुशहाली हो बस इत्मिनान से मुलाकात हो जाये एक अनोखी ख्वाहिश सी सजी जमीन है फ़ुर्सत से अब माटी के पहलू से कुछ नई फ़सल-सौगात हो जाये जब सारे अरमान देख लिये क्यों अपने प्यारे खफ़ा हुए आज मिली आज़ादी में फ़िर ईद-मिलन दस्तूर हो जाये मैं सब्र में आज डूबा हूँ कुछ दूर चलके रोया हूँ वजूद को अपने ढूँढू हर दम मैं फ़िर कहीं जाके खोया हूँ रेत के घरोंदो ... »

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