Independence Day

So jaunga khi m aik din…

Kho jaunga khi m aik din Bo jaunga kuch to m aik din Hounga na jane kha m So jaunga khi m aik din. Mujhe pta h ki kiya hd h meri Pr dr h khi tod na jaun ose khi aik din. Nhi h prbha is duniya ki Khta hu khud se hr aik din jhooti h ye tsli janta hu m Pr khi bhool na jaun ise aik din Haa janta hu m ki So jaunga khi m aik din… »

जय जननी

जय हे भारत स्वर्ण भूमि जय जय जननी, जय कर्म भूमि हे गंगा यमुना ब्रह्म सरस्वती पावन सतलज सिन्ध बहे विन्ध्य हिमालय गिरी अरावली मणि माणिक नवरत्न भरे जलधि हिन्द बंगाल अरब जल स्वर्ण भूमि नित अंक भरे आर्य द्रविड़ मंगोल भूमि हे हिन्दू इसाई यवन मातृ जय जय हे भारत स्वर्ण भूमि जय जय जननी, जय कर्म भूमि हे वाल्मिक मुनि व्यास कालि कवि तुलसी सूर कबीर संत स्वर गूँजे धनुष टंकार राम की गीता का उपदेश गूँजे जय राणा जय... »

जंगे आज़ादी (आजादी की ७०वी वर्षगाँठ के शुभ अवसर पर राष्ट्र को समर्पित)

वर्ष सैकड़ों बीत गये, आज़ादी हमको मिली नहीं लाखों शहीद कुर्बान हुए, आज़ादी हमको मिली नहीं भारत जननी स्वर्ण भूमि पर, बर्बर अत्याचार हुये माता बहन बेटियों के, इज्ज़त धन सम्मान लुटे बिक गये धरम लुट गये करम, सब ओर गुलामी बू छायी प्राचीन सभ्यता संस्कृति गौरव, भूल गये हम सच्चाई ब्राह्मण कहता हम सर्वशेष्ट, छत्रिय कहता हम शासक है बनिया कहता हम धन कुबेर, हरिजन अछूत बस सेवक है मंदिर मस्जिद स्कूल सभी, जाना हरिजन... »

देश मेरा स्वर्ग भूमि है

देश मेरा स्वर्ग भूमि है

देश मेरा स्वर्ग भूमि है, अमृत जिस देश का पानी है। जहाँ का हर बच्चा भगत सिंह, हर बहनें झाँसी की रानी है। आर्य जहाँ के निवासी है, गौरवपूर्ण जिसकी कहानी है। जहाँ का हर पिता ईश्वरतुल्य, और हर माता माँ भवानी है। क्षमाशीलता जिसकी उर है, संस्कृति जिसकी पाणि है। जहाँ के हर युवक में जोश है, और बूढे में भी जवानी है। सुख की दरिया जहाँ बहती है, जहाँ न किसी को क्लेश है। इतनी भोली जनता जहाँ के, पत्थर में भी देख... »

जय हिन्द का नारा

जय हिन्द का नारा फिर बुलंद करो टूटे आत्मसम्मान को फिर एक-सार करो चित की चेतना को फिर चिंतित करो आँखों के पानी को फिर लहु मै परिवर्तित करो अधरों की चुप्पी को फिर बाधित करो जय हिन्द का नारा फिर से बुलन्द करो भारत को इन हुक्कमो से फिर मुक्त करो भारत को नारी के सम्मान से फिर शुशुभित करो भारत को भारत वासीयो की एकता से एक करो उठो-२ ऐ देश भक्तो अपने जीवन को सफल करो ! »

कश्मीरियत ! इन्सानियत !!

  गलतियाँ तुमसे भी हुई है , गुनाह हमने भी किये है पत्थर तुमने फेंके , गोलियों के जख्म हमने भी दिए है । गोली से मरे या शहीद हुए पत्थर से; नसले-आदम का खून है आखिर , किसी का सुहाग ,किसी की राखी; किसी की छाती का सुकून है आखिर । कुछ पहल तो करो , हम दौड़े आने को तैयार बैठे है पत्थर की फूल उठाओ , हम बंदूके छोड़े आने को तैयार बैठे है । बंद करो नफ़रत की खेती , स्वर्ग को स्वर्ग ही रहने दो बहुत बोल चुके अल... »

pride of ‘tiranga’

There was a time Totally Different form today Where people were slaves made to work all day   It was 69 years ago They got out of this nightmare Carrying the tricoloured flag Freedom they declared   And even today we carry The tricoloured flag But why is it found next day In the garbage bag?   The leaders those fighters Who risked their lives Was is just for a day? Is this how we re... »

आजादी

आजादी

स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाये। गुलामी में भी हमारे दिल में देश की शान काफी थी, तोड़ देते थे होंसला अंग्रेजो का हममे जान काफी थी, पहनते थे कुर्ता और पाजामा खादी की पहचान काफी थी, गांधी जी के मजबूत इरादों की मुस्कान काफी थी, आजाद भारत देश को स्वतंत्र भाषा विचार को, लड़ कर मर मिट जाने की तैयार फ़ौज काफी थी, गुलामी की जंजीरों से जकड़े रहे हर वीर में, स्वतंत्र भारत माँ को देखने की तस्वीर काफी थी॥ राही (अंज... »

मेरे भारत का झंडा तब बिन शोकसभा झुक जाता है

देख तिरंगे की लाचारी कैसे हर्शाएं हम आजादी पर कैसे नांचे कैसे झूमे गायें हम   भारत माँ का झंडा जब पैरों के नीचे आता है और जहाँ अफ्जालों पर मार्च निकाला जाता है जिस देश में दीन-हीन कोई पत्ते चाटकर सोता है भूख की खातिर कोई यहाँ जब बच्चे बेच कर रोता है जहाँ अमीरों के हाथो से बेटिया नोची जाती हैं जब कोई सांसद संसद में महिला को गाली दे जाता है मेरे भारत का झंडा तब बिन शोकसभा झुक जाता है इस झंडे को... »

“भागीरथ जी प्रकट हो”

पाकिस्तान की औखात को देखकर ये भाव उठे, कोई गलती हो तो क्षमा करना — जल जला उठा वो सैनिक, जिसमें जान बाकी है, लहु से श्रंगार कर दुंगा, बस यही अहसान बाकी है, काफूर हो उठा हिमगिरी,यह जवां अविनाशी है, महक उठा ये कश्मीर, खुश हो रहा काशी है, किसको क्या फांसी दी,तुम ये क्युँ बतलाते हो, कईयों को मार दिया, क्युँ अब रूह जलाते हो, तुम क्या पाकिस्तानी गोदियों में पले-बढ़े हुए हो, जो ऐक याकूबी मुर्दे पर स... »

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