Sher-o-Shayari

रिश्ता

झूठ के रस्ते पे सच का फ़रिश्ता मिला, मुझे हर कोई रिश्ता बड़ा पक्का मिला।। राही (अंजाना) »

दवा

जिस्म छोड़ कर रूह पे असर उसका होता रहा, दवा नहीं मर्ज़ ऐ मोहब्बत की चपेट में था मैं।। राही (अंजाना) »

छल

ख्वाबों में आकर वो हमसे रोज़ मिलते रहे, और हम मासूम बस उनसे यूँहीं छलते रहे।। राही (अंजाना) »

तालीम

मोहब्बत की तालीम कहीं मिलती नहीं यहाँ पर, फिर भी इस रंग में लोग रंगे नज़र आते हैं।। राही (अंजाना) »

तजुर्बा

हर सुबह ज़िन्दगी की नई जंग शुरू करता हूँ, हर शाम तजुर्बों से अपनी किस्मत बुनता हूँ।। राही (अंजाना) »

खामोश

जवाब देने में हाजिरजवाब बताये गए हम, अपने ही घर में खामोश कराये गए हम।। राही (अंजाना) »

सुनने वाला

जब बोलते रहे तो कोई सुनने वाला न मिला, जब खामोश हो गए तो बहुत सुना गया हमें।। राही (अंजाना) »

Sabera

मान लिया था हमने हर सबेरा है अपना, फिर कुछ यूँ हुआ के कभी रात हि ना गुजरी… —विद्या भारती — »

सपने

तुझको अपने सिरहाने रख सोता हूँ, मैं तुझ संग ही अपने सपने बोता हूँ।। राही (अंजाना) »

इंतज़ार

इंतज़ार के बाद मिलने का मज़ा आ गया, सुबह दरवाजे पर मेरे उसका तार आ गया।। राही (अंजाना) »

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