Sher-o-Shayari

वही पुरानी तसल्ली

कभी ना हो सके जिसका खात्मा, ऐसा इम्तिहान लिखा था उसने। वर्षों की दुश्मनी थी जैसे ऐसा, इंतेकाम लिखा था उसने।। अधूरी कहानी अधूरी मोहब्बत अधूरी जिंदगी में, मैं खुश हूँ खुद परेशान लिखा था उसने।। Please contact me for any show or function at this number Shayar Rajjneesh kann »

वही पुरानी तसल्ली

मंजिल मेरी वो मुझको श्मशान लिखा था उसने, है गरीब खुद ऐसा खानदान लिखा था उसने। रहता मै पक्के घरों में अब(पहले खपरैल मे रहते थे), झोपड़ी में है वो ऐसा मकान लिखा था उसने।। Please contact me for any show or function at this number 6393465662 Shayar Rajjneesh kann »

वही पुरानी तसल्ली

हम साये थे तेरे मंजिल ए इश्क के, फितूर कोई लाया होगा। मुकाबिल न थे हम तेरे, तुम्हें तो आशिको ने बुलाया होगा। Shayar Rajjneesh kann. Please contact me for any show 6393465662 »

वही पुरानी तसल्ली

आशिक थे उसके, तो जिक्र और पहचान थी हमारी, उसकी खुशी में ही, तो jaan थी हमारी। »

वही पुरानी तसल्ली

कोई साथी नहीं अपना, बेगाने लाख होते हैं , जो होते हैं दिलो के आग, वही तो राख होते हैं। »

बहुत दिनों बाद

बहुत दिनों बाद सावन के द्वार आया पहले की तरह इसको अपना ही पाया सभी कवि लोगों को नमस्कार है सावन की आयी जो बहार है »

और एक दिन

और एक दिन दे दिये शब्द सारी व्यथाओं को लिख डाली एक कविता अपनी पहली कविता … »

कभी लहरों को गौर से देखा है

समंदर के किनारे बैठे कभी लहरों को गौर से देखा है एक दूसरे से होड़ लगाते हुए .. हर लहर तेज़ी से बढ़कर … कोई छोर छूने की पुरजोर कोशिश करती फेनिल सपनों के निशाँ छोड़ – लौट आती – और आती हुई लहर दूने जोश से उसे काटती हुई आगे बढ़ जाती लेकिन यथा शक्ति प्रयत्न के बाद वह भी थककर लौट आती .बिलकुल हमारी बहस की तरह !!!!! »

लफ्ज़ो को बढ़े करीने से सजाया है

लफ्ज़ो को बढ़े करीने से सजाया है इस नज़्म में नूर ए इश्क़ को बहाया है कुछ समन लाकर रख दिये है इसके करीब अपने होठों से हमने इसे गाया है »

वही पुरानी तसल्ली

कोई साथी नहीं अपना, बेगाने लाख होते हैं , जो होते हैं दिलो के आग, वही तो राख होते हैं। »

Page 3 of 15012345»