Sher-o-Shayari

SHAYARI

अंत तो तेरा भी वही होगा अंत मेरा भी वही होगा लेकिन फर्क इस बात से पड़ेगा कि किसकी जगह लेने वाला कोई नहीं होगा। »

SHAYARI

  साथी तो मेरे वो भी खूब रहे जो लगातार मेरी तनकीद करते रहे लेकिन अमल–अंगेज़ तो मेरे वो बखूबी रहे जो लगातार मुझसे कोई उम्मीद करते रहे। तनकीद=आलोचना अमल–अंगेज़ = उत्प्रेरक   »

SHAYARI

  जिंदगी की जंग  मुझसे जारी है कभी मैं उसपे तो कभी वो मुझपे भारी है। »

इन्तजार….

इन्तजार….

तेरा इन्तजार करू, तेरा एतबार करू लेकिन कब तक बता यू ही सुबह से शाम करू ! तेरे बिना राहे चलती नहीं मेरी लेकिन कब तक बता यू ही मंजिल-ऐ-राह को बदनाम करू! ‘निसार’ »

SHAYRI

  ज्ञानी को होता है एकांत पसंद लेकिन किसीसे मिलने की तलब मूर्खता का प्रमाण तो नहीं होता कम से कम प्यार में तो नहीं होता। »

SHAYRI

क्या नाम है उसका कौन से देश से है वो असल मे दिल देने वाला तो सोचता ही नहीं इन सब बातों को। »

Zindagi

Zindagi

बेशक़ सहमा ज़रूर, पर कभी टूटा नही, तेरे लाख डराने पे, कभी रूठा नही,   तेरा इतरांना भी अंदाज़-ए-हसीन ज़िंदगी, पर मेरे हौंसलो का साथ अभी छूटा नही। – पीयूष निर्वाण »

SHAYARI

है मुझे एक मर्ज़ लेकिन मुझे खौफ नहीं क्योंकि है वो मर्ज़ बेखौफी का ही। »

SHAYARI

SHAYARI

प्रेम के बारे में क्या बात करूँ प्रेम की अभिव्यक्ति शब्दों मे कहां होती है मिले न सबको प्रेम वो अलग बात है लेकिन प्रेम की चाह तो हरेक दिल में होती है। »

सपने

सपने देखा करो ओह यारों सपने साकार भी होते हैं। आज हम जिस मंजिल पर हैं कईओ के ख़्वाब ही होते हैं। बैठे बिठाए नहीं मिलती मंजिल मेहनत करने वाले ही कामयाब होते हैं। उनके सपने सिर्फ सपने ही रहेंगे जो सपनों के नाम पर सोते हैं। »

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