Sher-o-Shayari

एक यादृच्छिक विचार

तुम गणनों में जीते हो, हम गणों में जीते हैं। तुम सिफ़र में जीते हो, हम सफ़र में जीते हैं। »

दर्द के हर एक कतरे को

दर्द के हर एक कतरे को सहेज कर रखती हूं मैं कब जाने कौन सा कतरा तुम्हे मेरे करीब ले आये »

मंजिल का रास्ता

हम जब भी थके तो मंजिल को पास बुला लिया। कूछ रास्ता हमने तय किया तो कूछ मंंजिल ने, दोनों ने मिलकर अपना तकदीर बना लिया।। »

ज़िंदगी से हम अपनी कुछ उधार नही लेते

ज़िंदगी से हम अपनी कुछ उधार नही लेते, कफ़न भी लेते है तो अपनी ज़िंदगी देकर!!🌹Wahid✍ »

मुट्ठी में छुपा कर किसी जुगनू की तरह

मुट्ठी में छुपा कर किसी जुगनू की तरह  ….. हम तेरे नाम को चुपके से पढ़ा करते हैं🌹✍Wahid »

माटी मेरी प्रीत की

माटी मेरी प्रीत की पल पल पक्की होती जाये देख जीत मेरी प्रीत की, तेरा रंग क्यों फीका पड़ता जाये »

इन्तेहा

थक गया देखते देखते राह तेरी आँसू भी बहने लगे आँख से मेरी »

डर

ख्याल आते तो है मगर दब जाते है कहीं दिल में अक्सर डर जाते है जमाने के कहर से »

कैसे बयां करें अपनी दास्ता

कोई लफ़्जों में कैसे बयां करें अपनी दास्ता दर्द हर लफ़्ज के साथ गहराता जाता है »

ख़रीददार

किसी कीं ख़ातिर दिल में मोहब्बत लेकर भटक रहे हैं सब ख़रीददार मिलते हैं, बिकनेवाले नहीं मिलते | »

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