Sher-o-Shayari

उम्र

उम्र तो बस तेरी कोख में बढ़ रही थी, अब तो हर पल जिंदगी घटटी नज़र आती है।। राही (अंजाना) »

सफर

हार के अँधेरे से कभी डरता नहीं, मैं राही सफर में कहीं रुकता नहीं।। राही (अंजाना) »

उलझन

मैं खुद उलझनों से कभी जब निकल पाता नहीं, वो हर बार अपने बालों सा सुलझा देती है मुझे।। राही (अंजाना) »

नज़र

रात भर ख़्वाबों में परेशान करती है जो नज़र, सहसा ही सुबह को हैरान करती है वो नज़र।। राही (अंजाना) »

ऐलान

वो अपने होने का एलान कर देता है, मेरे हर सफर को वो यूँ आसान कर देता है।। राही (अंजाना) »

रिश्ता

झूठ के रस्ते पे सच का फ़रिश्ता मिला, मुझे हर कोई रिश्ता बड़ा पक्का मिला।। राही (अंजाना) »

दवा

जिस्म छोड़ कर रूह पे असर उसका होता रहा, दवा नहीं मर्ज़ ऐ मोहब्बत की चपेट में था मैं।। राही (अंजाना) »

छल

ख्वाबों में आकर वो हमसे रोज़ मिलते रहे, और हम मासूम बस उनसे यूँहीं छलते रहे।। राही (अंजाना) »

तालीम

मोहब्बत की तालीम कहीं मिलती नहीं यहाँ पर, फिर भी इस रंग में लोग रंगे नज़र आते हैं।। राही (अंजाना) »

तजुर्बा

हर सुबह ज़िन्दगी की नई जंग शुरू करता हूँ, हर शाम तजुर्बों से अपनी किस्मत बुनता हूँ।। राही (अंजाना) »

Page 2 of 1371234»