Sher-o-Shayari

किसी साज़ की आवाज़

किसी साज़ की आवाज़

किसी साज़ की आवाज़ ने मेरे दिल को छुआ ही नहीं कबसे, तुम्हारी साँसों के समन्दर की आवाज़ में मैं डूब गया जबसे।। – राही (अंजाना) »

बारिश

ये बारिश ये हसीन मौसम और ये हवाये लगता है आज मोहब्बत ने किसी का साथ दिया है. »

ज़िद्दी

ये दिल बहुत ज़िद्दी है मेरा! मंज़िल-द़र-मंज़िल सफ़र करता है ठिकाना नहीं कोई इसका, ये सड़कों पर बसर करता है »

उन्हीं की अदालत है, उन्हीं के वकील सारे

उन्हीं की अदालत है, उन्हीं के वकील सारे, अब बेगुनाही के सबूत मेरे सब उन्हीं के हाथ हमारे।। – राही (अनजाना) »

निशानी ऊँगली पर पहन कर मेरी छुपाते हुए

निशानी ऊँगली पर पहन कर मेरी छुपाते हुए

निशानी ऊँगली पर पहन कर मेरी छुपाते हुए, वक्त-वक्त पर वक्त का गिनना तेरा अच्छा लगा, कहा बहुत कुछ ख़्वाबों में हर रात तुमने मुझसे, और मुझे तेरा मुझसे नज़रें चुराना अच्छा लगा।। – राही (अंजाना) »

बारिश

बारिश भी कहीं भी कभी भी हो जाती है सूखे मन को नम कर से ऐसा कोई नहीं »

किस से सिकवा करू

किस से सिकवा करू, किस से सिकायत करू ; जब अपना समझा ही नही तो किस से दिल की बात कहूँ। ज्योति। »

फूलों से फूल कर अक्सर कुप्पा हो जाते हैं

फूलों से फूल कर अक्सर कुप्पा हो जाते हैं

फूलों से फूल कर अक्सर कुप्पा हो जाते हैं, चन्द शब्द मेरे तुमसे जब चुप्पा हो जाते हैं।। – राही (अंजाना) »

बेमोल थे जो झूठे बाज़ार में

बेमोल थे जो झूठे बाज़ार में

बेमोल थे जो झूठे बाज़ार में, वो सारे साहूकार बिक गए, मैं अनमोल ही था सच है,जो मेरा कोई मोल न लगा।। – राही (अंजाना) »

सरहद के मौसमों में जो बेरंगा हो जाता है

सरहद के मौसमों में जो बेरंगा हो जाता है, तिरंगे से लिपट कर एक दिन वो तिरंगा हो जाता है।। राही (अंजाना) »

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