Sher-o-Shayari

दिल का गरूर

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“शौक-ए-दीदार” #2Liner-59……

ღღ__इबादतगाह भी जाऊं तो, तुझे ही ढूँढती हैं नज़रें; . शौक-ए-दीदार ने तेरे, मुझे काफ़िर बना दिया !!…..#अक्स . »

“खत” #2Liner-58…..

ღღ__आखिर इसमें उनकी, खता भी क्या है साहब; . जब मोम सा दिल रखोगे, तो दुनिया जलाएगी !!……#अक्स . »

“मोहब्बत” #2Liner-57….

सुनते हो साहब, मोहब्बत गुज़र रही है अपनी; . ღღ__मैंने देखा था उसे, तेरे साथ जाते हुए !!….‪#‎अक्स‬ . »

बेतक़लुफ्फ

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“तौबा साहब, तौबा” #2Liner-56…

ღღ__वो इक पल जिसमें तुम्हारे लब हों, मेरे लबों के पास; . उस वक़्त भी हम रहें शरीफ?? “तौबा साहब, तौबा” !!…..#अक्स . »

आँखों का ग़रूर

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कसम ख़ुदा की

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चाहतों की दुनिया से अब उकता गये है

चाहतों की दुनिया से अब उकता गये है सब दिखता है यहां, मगर कुछ मिलता नहीं »

“तुमसे गले मिले हुए” #2Liner-56

ღღ__यूँ तो अरसा हुआ है साहब, तुमसे गले मिले हुए; . पर जिस्म मेरा आज भी, इत्र-सा महकता है !!……#अक्स . »

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