Sher-o-Shayari

तन्हाई

कभी किताबो का सहारा लिया, कभी भीड में शामिल हो गए, तन्हाई मगर तुझको जुदा कर न सके। »

Mansoobe

Yeh jo kismat ke mansube jane kya ye soch rahe hain Akele milu jo inse kabhi mai lagta hai ye noch rahe hain Raah badi thi lambi yaaron mar mar kar ye kaat rahe hain Humbhi kuch sapne lekar jiwan rekha jaanch rahe hain »

मजबूरी

मजबूरियों से भरे कटोरे के चुल्लू भर पानी को देख, समन्दर भी हार कर एक दिन आंसुओं में डूब गया। राही अंजाना »

Kamjor

हां माना मै कमजोर हूं कि जरा सी बात पर भी आंसू छलका देती हूं पर आंसू छुपाकर मुस्कुराना भी आता है मुझे »

Muskurahat

Jaruri nhi hota jo insaan hass rha hai vo aandar se bhi khush hi ho 😅 »

कितने जमाने आये और गुजर गये

कितने जमाने आये और गुजर गये मुहब्बत के जमाने का असर मगर अब तक है »

मिलना ना हुआ

कितनी मन्नतें माँगी, तब तुझसे मिलना हुआ, मगर मिलकर भी, हमारा मिलना ना हुआ। »

जिस खेत मे पानी दे रहे थे हम बरसो से

जिस खेत मे पानी दे रहे थे हम बरसो से । लोग कहते है वो बंजर थी ज़मीन बरसो ।। »

भूल गयी

जख़्म तो बहुत दिए तुमने, मगर मलहम लगाना भूल गयी याद तो रोज आती थी आपको मेरी, लेकिन आँसु बहाना भूल गयी जब दुनिया में आपके पास कोई न हो तब मुझे बुला लेना लेकिन तब ये न कहना की तेरा नम्बर सेव करना भूल गयी »

प्यार

आँखों की खाई को तुमने बेहता समंदर बना दिया इस प्यार को ठुकराके, मुझे आवारा भवंडर बना दिया »

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