Hindi-Urdu Poetry

“मौत” #2Liner-43

ღღ__मौत को भी आखिर, गुमराह कब तलक करते; . ज़िन्दगी छोड़ दी हमने, हर लम्हा तुम्हारा करके !!…….‪#‎अक्स‬ »

“वे”

आकाश से आती हैं जेसे ठंडी ठंडी ओस की बुंदे। नन्हे नन्हे बच्चे आते हैं आँखे मूंदे।। इन बूंदों को सँभालने वाली वो कोमल से पत्तियां। बन जाती है नजाने क्यों जीवन की आपत्तियां।। गोद में जिनकी किया इस जीवन का आगाज़ । लगती है नजाने क्यों कर्कश उनकी आवाज़।। दुःख हमारे उनके आंसू,ख़ुशी हमारी उनके चेहरे की मुस्कान। करते नही नजाने क्यों उनका ही सम्मान।। हमें खिलाया फिर खाया हमे सुलाकर सोय थे। खुद की उन्हें फिकर ... »

बारिश के मौसम मे अकसर

बारिश के मौसम मे अकसर अदरक वाली चाय की खातिर…. हल्की सी एक “walk” लेकर… “कॉलेज” की “कैंटीन” तक हो आते थे दोनो… चाय क्या थी एक बहाना था तुम्हे जी भर के देख लेने का…. और फिर अफसानों का दौर चल पड़ता तुम बातो की ढील छोड़ती….. और मैं किस्सों वाले “माँजे” का… एक सिरा थाम लेता… पतंग अच्छी ही उड़ी थी हम दोनो के रिश्ते क... »

तुम आहिस्ता से पर्दे खोल देना

तुम आहिस्ता से पर्दे खोल देना सुबह खिड़की के…. मैं बन के धूप चौखट से तुम्हारी छन के आऊँगा… जब पंछी चहचायेंगे तुम्हारे घर के आँगन मे… जरा तुम गौर से सुनना मेरी आवाज मिलेगी… कभी जो सर्द सा झोंका तेरे चेहरे से टकराये…. समझना मैं हवा मे था… तुम्हे छू कर गुजर गया…. मैं साया तेरा बन कर… तुम्हारे साथ रहा हूँ… मैं उन गीतो मे होता हूँ… जिन्हें तुम ... »

हमारे जीवन की कविता

हमारे जीवन की कविता कहानी सी हो गयी है चली जा रही है, बिना किसी लय के, बिना किसी तुक के »

बदलता ज़माना

सूना था वक़्त रुकता नहीं, बहता है, बदलता है, बस राह अपनी; जाने कब खो गए वो दिन प्यारे जाने कब छूट गए वो लोग सारे, बच गई तो बस कुछ एहसास न्यारी, रूठ गई क्या हमसे ये ज़िंदगी प्यारी? बदल गई क्या वो सूरज की रोशनी निराली, बदल गई क्या वो चिड़ियों की ची ची प्यारी, या बदल गई पवन की शीतलता सारी, बदल गई क्या बचपन की कोमलता क्या री? बदल गई क्या मानवता की जीविका सारी, बदल गई किताबो की पंक्तियाँ सारी, रूठ गई क... »

दीदार-ए-नजर जो हो गयी है

दीदार-ए-नजर जो हो गयी है! आज कयामत़ सी हो गयी है! हसीन लम्हों में उलझा हूँ मैं, जिन्दगी ख्वाबों में खो गयी है! जी रहा हूँ मैं तेरी यादों को लेकर! दर्द़ बन गया हूँ मैं मुरादों कोलेकर! खोजता हूँ हरतरफ़ मंजिलों को अपनी, ‪‎हालात‬ के भँवर में इरादों को लेकर! जागी है इसतरह से तेरी कामना! जाँम को लबों से हो जैसे थामना! बर्फ सी पिघल रही है हसरतें मेरी, ख्वाब का हो आग से जैसे सामना! Written By ‪#‎महादेव‬ »

बूँद बारिश की यादें ले आयी है

बूँद बारिश की यादें ले आयी है! चाहतों की फरियादें ले आयी है! करवटें फिर ले रही है रात मेरी, दिल में तेरी #इरादें ले आयी है! Written By #महादेव »

तुम्हारे लब पर नाम मेरा जब आएगा

तुम्हारे लब पर नाम मेरा जब आएगा! गुजरा हुआ मंजर तुमको नज़र आएगा! ‪ #‎बिखरे‬ हुए अफसाने घेरेंगे इसतरह, दर्द का समन्दर पलकों में उतर आएगा! Written By ‪#‎महादेव‬ »

ख्वाबों के दरमियाँ सवाल आ गये हैं

ख्वाबों के दरमियाँ सवाल आ गये हैं! नाकामियों के फिर ख्याल आ गये हैं! उठ रहीं हैं लहरें इसकदर यादों की, दर्द बनकर सूरत-ए-मलाल आ गये हैं! »

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