Hindi-Urdu Poetry

वोही तो लौटी हैं आज बन खंजर सीने में

क्या हुआ आज एक हाथ ही तो छूटा है वक्त-बेवक्त कईयों को तूने भी लूटा है लूटते हुए जो खुशियाँ खिलीं थी सीने में वोही तो लौटी हैं आज बन खंजर सीने में ……यूई »

ख़ुद पे भरोसा खोता क्यों है

उम्मीद टूटी तो रोता क्यों है ख़ुद पे भरोसा खोता क्यों है ……यूई »

दिल से गर तूं साँचा है

दिल से गर तूं साँचा है यार के दिल का कांचा है ……यूई »

वफ़ा कहने को बस एक लफ्ज

वफ़ा कहने को बस एक लफ्ज निभाना इसको है सबसे सहज़ अडिग है गर तेरा खरा ईमान ता-उमर पयेगा साथ निष्ठावान ……यूई »

आईने आपके घर में टूट गए

इल्ज़ाम-ए-बेवफाई सच तो नही झूठे तेवर आपको जच्ते नही आईने आपके घर में टूट गए या आपने सँँवरना छोड दिया ……यूई »

फिज़ा यहाँ की बदरंग हुई

क्या फिज़ा यहाँ की बदरंग हुई यहाँ सोच ही सब की तंग हुई ……यूई »

बिकती नही वफाएँ बाज़ारों में

बिकती  नही वफाएँ बाज़ारों में दिखती भी नही यह हजारों में ……यूई »

बदला ख़ुद को तो

बदला ख़ुद को तो कुछ पा जाएगा ना बदला ख़ुद को सब खो जाएगा ……यूई »

“आदत” #2Liner-80

. ღღ__रात के सन्नाटे की, कुछ ऐसी आदत लगी है “साहब”; . कि सुबह के शोर में हमसे, अब और जिया नहीं जाता!!….‪#‎अक्स‬ . »

दर्द ए अश्क

तेरा  ज़िक्र  तो  हर  जगह  होता  है दर्द ए अश्क आंखों में जो भरा होता है »

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