Hindi-Urdu Poetry

कोई खिडकी न खुले और गुजर जाऊं मैं

हादसा ऐसा भी उस कूचे में कर जाऊं मैं कोई खिडकी न खुले और गुजर जाऊं मैं सुबह होते ही नया एक जजीरा लिख दूं आज की रात अगर तह में उतर जाऊं मैं मुन्तजिर कब से हूं इक दश्ते करामाती का वह अगर शाख हिला दे तो बिखर जाऊं मैं जी में आता है कि उस दश्ते सदा से गुजरूं कोई आवाज ना आये तो किधर जाऊं मैं सारे दरवाजों पे आईने लटकते देखूं हाथ में संग लिये कौन से घर जाऊं मैं »

कभी कभी सोचता हूं

कभी कभी सोचता हूं कि हमने पत्थर को भगवान बनाया है या भगवान को भी पत्थर बना दिया »

4 liner#3

कम शब्दों में ज्यादा बात »

यह कैसी जिंदगी है

यह कैसी जिंदगी है जो अपनी होकर भी परायी है भीड तो है चारो तरफ़ फिर भी हर तरफ़ फैली तन्हाई है »

दीदार – ए – रुख़ – ए – रोशन

उसकी यादों की बारिश से , एक एक पल है यूँ भीगा…… किया है जब से दीदार – ए – रुख़ – ए – रोशन हो गए संजीदा….. क़दम रखा जैसे ही उसने दिल के आशियाने में…. एक – एक गम का लम्हा हो गया अलविदा …. शुक्रिया अदा करते करते नहीं थकते मेरे अल्फ़ाज़ …. मेरी क़िस्मत को क्या ख़ूब ख़ुदा ने हैं लिखा….. वो मुस्कराहट की मल्लिका , जिंदगी में ले आई खु... »

दुनियाँ बदल रही है !!

ये दुनियाँ बदल रही है, या बस हम बदल रहे हैं ; दौड़ बची है पैसों की, सब, सबसे आगे निकल रहे हैं ! यारियाँ है मतलब की, फर्ज अब हक़ में बदल रहे हैं ; रिश्तों में विश्वाश अब कहाँ, यक़ीन अब शक़ में बदल रहे हैं ! माँ, बहनें महफूज़ नहीं, रक्षक अब भक्षक में बदल रहे हैं ; जिनके कदमो में हैं राम-ओ-रहीम, उनको पैरों से कुचल रहे हैं ! हर चेहरे पर इक नकाब है ‘अक्स’, और लफ्जों में सियासत; हर शख्स खुदी में ... »

4 Liner#2

4 पंक्तियाँ :दिल से ... »

तूम चले जाओगे तुम्हारी यादें रह जायेंगी

 ############################ दिल के बागों मे खुशबुयें ही खुशबुयें रह जायेंगी तूम चले जाओगे तुम्हारी यादें रह जायेंगी रहेगा सदा इन्तजार तेरा इन आंखो को दरवाजे ए दिल पर तुम्हारी दस्तकें रह जायेंगी आना था तुमको खुशी खुशी हमारी यादों में क्या पता था रूखसारों पर खारी लकीरें रह जायेंगी जो कह ना पाये वो लिख देते है आज नहीं तो तुम्हारी यादें तडपती रह जायेंगी ############################# »

VEKH BHAGAT SINGH !

VEKH BHAGAT SINGH ! tere supney’n da desh, jagah-jagah te painda, jaat-dharam da kalesh. ditti si jaan tu,taan jo desh azaad ho jaawe, naa ki mulk andr,gareeb-berozgaar pachtaawe,   ” faansi da fandha aapne gll paundey tu, socheya tan ni hona, kll nu saropey paingye, zaalam sarkaaran de gll..”   Geet’n ch tan tera aksar zikr hunda hai, 23 te 28 di chutti da v fikr... »

क्यों तन्हा रहते हो..

जिंदगी एक बार दी है , ख़ुदा ने … फिर क्यों तन्हा रहते हो….. मैं हमराज़ हूँ , तेरे हर राज़ में .. फिर राज़ की बातें , आबो से क्यों कहते हो……   तेरी मुस्कराहट  के दीदार का दीवाना है , ये सुख़न – वर …. बेख़बर तुम हो , लेकिन मेरी रहती है , तेरी हर नज़र पर नज़र …… अनजान बन नहीं समझते मेरे लफ़्जो को …. लेकिन ग़ज़ले बड़ी ग़ौर से सुनते हो ….... »

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