Hindi-Urdu Poetry

कबसे चेहरा नहीं देखा!! #2Liner-77

. ღღ__कल फिर आईने ने मुझसे, ये पूछ ही लिया “साहब”; . कि कहाँ रहते हो आज-कल, और कबसे चेहरा नहीं देखा!!…..‪#‎अक्स . »

“प्यार” #2Liner-76

  ღღ__प्यार को अशआरों में, बयान करना बड़ा मुश्किल है; . ये तो अच्छा हुआ, निगाहों की हर बात वो समझते रहे!!….‪#‎अक्स .   »

दिलकशी

दिलकश ख्यालों से दिलकशी का सबक कुछ यूँ सिखा गये हो , हुज़ूर ! अब  तो  दिलकशी  लफ्ज  से भी  डर  लगने लगा है »

पेश ए खिदमत्

पेश ए खिदमत् में तो है ही ये दिल आपके हुज़ूर, मारना है तो मार ही दो ना , यूँ तड़पाना गैरों को किसी बड़प्पन की निशानी तो नहीं, »

बस सिर्फ़ कहने को

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ग़ज़ल

“ हद से बढ़ जाए कभी गम तो ग़ज़ल होती है । चढ़ा लें खूब अगर हम तो ग़ज़ल होती है ॥“ इश्क़ है—रंग , हिना—हुस्न ; याद है : खूशबू । फिर भी भूले न तेरा गम तो ग़ज़ल होती है ॥ कौन परवाह किया करता है आगोश में यहाँ । याद में आँख हो पुर—नम तो ग़ज़ल होती है ॥ लब—औ’–रुखसार ……….. ‘मरमरी वो बदन । संग मिल जाएँ पेंच-औ’-खम तो ग़ज़ल होती है ॥ चुप हो धड़कन ———- जुबां खामोश मेरी । चले वो ख्... »

महफिल-ए-दिल

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Woh hame apna deewana samajhne lage

Ek black face wali ladki ko dekhke arj kiya he. Hum dekhte the unko to log pagal samjhane lage. Hum ishq krne lage unse to rahnuma samajhane lage. Baton hi baton me humne kah diya unko. To woh hame apna deewana samajhne lage. »

गम-ए-अंजाम हमें इसकदर डूबोते हैं

गम-ए-अंजाम हमें इसकदर डूबोते हैं! हँसते हुए ख्याल के ख्वाब हरपल रोते हैं! चलती है जब ज़िन्दगी दर्द की लकीरों पर, कांपते इरादों को अश्क ही भिगोते हैं! Composed By #महादेव »

“यादें” #2Liner-75

ღღ__सुलगती रहीं तुम्हारी यादें “साहब”, कल फिर से रात भर; . मैं जलता रहा तमाम रात, फिर से आंसुओं की बारिश में !!….‪#‎अक्स‬ »

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