Hindi-Urdu Poetry

kah bhi na pau

kah bhe na pau, seh bhi na pau, yeh judayiaan teri nigahoon pe rakha hun, mera pharaar hua dil, kabhi dekha nahin tujhe, padh yeh aihsaas, rakha hain tere hi liye dhere se tu jo meri jindagi main ayi, pal bhar main gam khusiyon main chayi phir kyun chali gayi tu, kah pe na pau, seh bhi na pau, yeh judayiaan »

“ख़ुशी” #2Liner-9

ღღ___अच्छे-बुरे का हिसाब, हम नहीं रखते “साहब” . हम तो बस वो करते हैं, जिसमें तुमको ख़ुशी मिले !!…….‪#‎अक्स‬ »

बाकी सब ले गया मेरा ‘सब कुछ’

कुछ हर्फ़, चंद अहसास और कुछ खारे से मोती यही सब बचा है मेरे पास, बाकी सब ले गया मेरा ‘सब कुछ’ »

तेरी कहानी का तू सिकंदर है।।

जब चारों ओर कीचड़ दिखा, असमंजस तेरे अंदर है। नादान बला, आईना वो नहीं, तेरी रूह तो कमल सी सुंदर है।। दिखा हर तरफ एक धुआँ तुझे, कहीं आग लगी भयंकर है। जग छान लिया, कुछ मिला नहीं, मुई आग वो तेरे अंदर है।। मत बुझा उसे, वो भड़कने दे, जैसे आग का समुन्दर है। अपनी ज़िन्दगी बेफिक्र तू लिख, तेरी कहानी का तू सिकंदर है।। गर हुआ सामना क़ातिल से, और पड़ते दिल पे खंजर हैं। कोई रोक सके तो रोके ज़रा, तू भी क्या कम बव... »

अभी तो बचा है बदलाव का बीज बनना है

कोई जमीन अभी भी है जहां मैं अभी तक गया नहीं हूं कोई आकाश बचा है अभी भी जहां मुझे पहुंचना है दो परतों के दरम्या मैं ठहरा हआ अभी तो बचा है बदलाव का बीज बनना… »

“रातें” #2Liner-8

ღღ___सवाल तो बे-आवाज़ रातों का है “साहब”; . दिन तो गुज़र ही जाता है, ज़रूरतों के शोर में !!…….‪#‎अक्स‬ »

हर कोई रूह से अनजान है

किसी ने कहा था कभी कि मैं उड नहीं सकती अब जमाना मेरी उडान देख के हैरान है कभी लोग मेरी खामोशी की शिकायत करते थे अब मेरे बोलने से परेशान है आज तक समझ न सकी दुनिया मुझको हर कोई रूह से अनजान है….. »

घुल गया उनका अक्स कुछ इस तरह अक्स में मेरे..

  घुल गया उनका अक्स कुछ इस तरह अक्स में मेरे आईने पर भी अब मुझे न एतबार रहा   हमारी मोहब्बत का असर हुआ उन पर इस कदर निखर गयी ताबिश1-ए-हिना, न वो रंग ए रुख़्सार रहा   हमारी मोहब्बत पर दिखाए मौसम ने ऐसे तेवर न वो बहार-ए-बारिश रही, न वो गुल-ए-गुलजार रहा   भरी बज्म2 में हमने अपना दिल नीलाम कर दिया किस्मत थी हमारी कि वहां न कोई खरीददार रहा   तनहाईयों में अब जीने को जी नहीं करता ... »

Aisi Ladki Bas Ek Hai…

Aisi Ladki Bas Ek Hai…

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दर्द

जब दर्द हुआ मेरे सीने में …. तो चुपके से दिल ने कहा ….. ए – सुख़नवर … ” आज थोड़ी तकलीफ़ हो रही हैँ , जीने में “…. पंकजोम ” प्रेम “ »

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