Hindi-Urdu Poetry

Adat

meri adat hain tu, meri ebadat hain tu, mere zindangi ka maksad hain tu ab ak pal bhi jiya jaye na, mere sasoon ko ak pal chain aye na, mere sarey abb chupa do tu bas bol ke toh dekh, tujhpe zindagi luta doon tu bol ke toh dekh puri kaynaat luta doon, tu bas kar de bayan, mere es zindagi ko toh tu kar de nawa teri bejuban batien kya karti bayan, ab na janey es pyar ko du kya zuban, tujhmey us ka n... »

Chod Chala Anchal

Pakiza si hain teri nazar, mujhpe zaya na kar, mera thikana dhund raha hun main, apna estakbal tu bewajaha zaya na kar chod chala hun main teri gali, dur bahut dur, yun ratoon ko mere khwabo main aya na kar, tera dedar karaya khuda ne eska shukriya, mere dil ke har chod pe tera agaz hain, hamesha rahega, sun ke apna waqt zaya na kar kalam meri phir se chal rahi, esliye tera shukriya, apney es khad... »

Rabba

rabba de de mujhe tera shukarana, mujhe teri gali hain jana, teri batoon main kya jadu hain, bas ban gaya hun tera dewana mast mauji ban gaya hun main, apney ap main khushnuma hoon main, yeh tere pyar ka nasha ya kiska nasha, yaaroon gali bhi mithi lagey hain teri ebadat ka na pata usul, dekhta hain tu sab main hi rasul, mujhey apni aur khich le tu, tere dar pe dhundun main apna sukuu sufi jaisa h... »

इश्तेहार सी हो गयी है ज़िंदगी मेरी

इश्तेहार सी हो गयी है ज़िंदगी मेरी

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शोक ए हिज़्र करूं या जश्न ए वस्ल करूं

शोक ए हिज़्र करूं या जश्न ए वस्ल करूं

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गंगा की व्यथा

जीवन का आधार हूं मैं भागीरथ की पुकार हूं मैं मोक्ष का द्वार हूं मैं तेरे पूर्वजों का उपहार हूं मैं तेरा आज, तेरा कल हूं मैं तुझ पर ममता का आंचल हूं मैं हर युग की कथा हूं मैं विचलित व्यथित व्यथा हूं मैं तेरी मां हूं मैं, गंगा हूं मैं| अनादि अनंत काल से हिमगिरी से बह रही तेरी हर पीढ़ी को अपने पानी से सींच रही मेरी धारों से गर्वित धरा धन-धान से फूल रही विडंबना है यह कैसी? यह धरा ही मुझको भूल रही क्ष्... »

कहीं हमको भी जाना है..

तू ही दौलत मेरे दिल कि तू ही मेरा खज़ाना है, मेरे दिल में मेरे साक़ी तेरा ही गुनगुनाना है. चलो अब देखते है फिर मुलाक़ातें कहाँ होंगी , कहीं तुमको भी जाना है कहीं हमको भी जाना है.. ….atr »

मुझको पिलाओ यारो…..

आज फिर जी भर के मुझको पिलाओ यारो, मैं तो झूमा हूँ, मुझे और झुमाओ यारो.. आज इतनी पिलाओ कि फिर होश न रहे, अब तो साकी से मुझे और दिलाओ यारो.. रात आधी है बंद है मयकदा, मेरे जीने के लिए इसको खुलाओ यारो.. पी पी के मरने में वक़्त लगेगा मुझे; आज ही बंद करके मय न जलाओ यारो. फिर कभी याद में उसकी न धुआं दिल से उठे , इसलिए दिल में लगी आग बुझाओ यारो… आज फिर जी भर के मुझको पिलाओ यारो.. …atr »

तुझसे रुबरु हो लूं मेरे दिल की आरजू है

तुझसे रुबरु हो लूं मेरे दिल की आरजू है

तुझसे रुबरु हो लूं मेरे दिल की आरजू है तुझसे एक बार मैं कह दू, तू मेरी जुस्तजु है भॅवरा बनकर भटकता रहा महोब्बत ए मधुवन में चमन में चारो तरफ फैली जो तेरी खुशबु है जल जाता है परवाना होकर पागल जानता है जिंदगी दो पल की गुफ्तगु है दर्द–ए–दिल–ए–दास्ता कैसे कहे तुझसे नहीं खबर मुझे कहां मैं और कहां तू है शायर- ए- ग़म तो मैं नहीं हूं मगर मेरे दिल से निकली हर गज़ल में बस तू है »

उनकी उलझी हुई जुल्फ़ें

उनकी उलझी हुई जुल्फ़ें

उनकी उलझी हुई जुल्फ़ें जब मेरे शानों पे बिखरती है सुलझ सी जाती है मेरी उलझी हुई जिंदगी »

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