Hindi-Urdu Poetry

मुक्तक

मैं तेरी गुफ्तगूं की राह ढूंढ़ता रहता हूँ। मैं तेरी ज़ुल्फ़ों की पनाह ढूंढ़ता रहता हूँ। जब भी नज़र में आती हैं तस्वीरें यादों की- मैं अपनी मयकदों में आह ढूंढ़ता रहता हूँ। मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

Harkat

Ek hasin harkat hai, esa ho jana tumhari ankhon main chalna aur kho jana… »

Life is not bona fide.

Life is not bona fide. It is house of rent as if it is mine or elase it is the wroth. The price of mud, Breaking the world in the world So the Person is running away . Also earns money Jyoti Mob 9123155481 »

कैसा होगा अपना हिंदुस्तान

कैसा होगा अपना हिंदुस्तान…! ————————————— सुनो..सुनाई देगी तुम्हें भारत माँ की चीत्कार लहू बहे जो मेरे बेटों के- क्यों होता जा रहा बेकार—? शहादत मेरे लाल की– चुप पत्थरों में सिमट गई है मुझपर मरना मेरे बच्चों का क्यों.सिर्फ कहानी बनकर रह गयी है क्या सोचकर वे हुए थे क़ुर्बान कि, ऐसा हो जाएगा अपना हिन्दुस्त... »

चाहतों की चाह में बहुत आगे निकल आये

चाहतों की चाह में बहुत आगे निकल आये, कुछ लोग देखो अपनों से आगे निकल आये।। राही अंजाना »

चलो आज मेरे दर्द की इंतेहा लिखता हूँ

चलो आज मेरे दर्द की इंतेहा लिखता हूँ, खुद ही हक़ीम बनके एक दवा लिखता हूँ। कोई मिला दे यार से, या दे दे ज़हर कोई। ❤Wahid✍ »

कलम की स्याही को फीकी होने न देना

कलम की स्याही को फीकी होने न देना, जो ज़िंदा हैं इतिहासों में मुर्दा होने न देना, छीन भी ले गर तुमसे कोई कविता तुम्हारी, अपनी कलम का वजूद पर कभी मिटने न देना।। राही (अंजाना) »

उसको चाहा तो मोहब्बत की तकलीफ नजर आई

उसको चाहा तो मोहब्बत की तकलीफ नजर आई ! वरना इस मोहब्बत की बस तारीफ़ सुना करते थे..!!🌹Wahid✍ »

अभी हम नशे में नहीं हैं इसलिए खुशियों भरा संदेश लिख पाए

अभी हम नशे में नहीं हैं इसलिए खुशियों भरा संदेश लिख पाए, नहीं तो दर्द लिखकर स्याही ख़त्म कर देने में हम माहिर हैं।। »

किरदार कई बदले पर यार न बदला

किरदार कई बदले पर यार न बदला हालात कई बदले पर उसका प्यार न बदला जीवन के सफर में ठोकरें लगी कई हज़ार पर बार-बार वो यही बोला “तू इतनी चिंता क्यों करता है मेरे यार” मस्ती करने में माहिर हर पल उसका यह व्यवहार न बदला, जग बदला कदम-कदम पर पर वो मेरा यार बिलकुल न बदला।। -मनीष »

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