Hindi-Urdu Poetry

prem samandar hota hai

ऊपर से कुछ दिख न पाए , अंदर अंदर होता है गहराई में नप न पाए , प्रेम समंदर होता है लोगो ने है कितना लूटा प्रेम तो फिर भी पावन है जिसमे आंख से आंसू छलके, प्रेम वो सूंदर होता है प्रेम का देखो साधक बनकर, व्याकुल ब्यथित कबीरा है लोक लाज को त्याग के नाची , प्रेम दीवानी मीरा है बिन देखे ही बिन परखे ही करते लोग समर्पण है दिल में तक जो घाब बनादे ,पेना खंजर होता है सहज सहज सा भलापन है ,सहज है इसमें कठिनाई प... »

कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामना

तन को दीप बनाय के, मन में ज्योति जलाय मोती हरि आरत करें, जीवन भोग लगाय मोहक मन भावन छवि, मेघ वर्ण अति रूप मृगी नयन कोमल बदन, लज्जित मदन अनूप रूप राशि मुख चन्द्र सों, चकाचौंध चहुँ लोक चकित होय चित्रवत खड़े, मोती मुदित बिलोक किलकारी कान्हा सरस, सुन सुर मुदित अघाय खिला बसंत ब्रज भूमि वन, जलद सरस चहुँ छाय »

एक राह अक्सर चलोगे

एक राह अक्सर चलोगे

एक राह अक्सर चलोगे मिले न मिले तुम याद अक्सर करोगे, हम गुमसुम बैठे अगर तुम बात अक्सर करोगे , नुमाइश होगी कुछ अगर पूछ लेना हमसे , हमारी याद आये तो तुम बात अक्सर करोगे, ज़िन्दगी की पहल भी अजीब है, जीने की राह मिल जाये तो तुम साथ अक्सर चलोगे, तुम्हे नहीं पता नाम हमारा , तुम बिन नाम के भी याद अक्सर करोगे , कभी भूल जाऊ रास्तें या चहेरे कही, तुम यादों में आकर साथ अक्सर चलोगे, मुझे नहीं पता ये मौत कब गले ... »

माफ़ करना

माफ़ करना

माफ़ करना कुछ कहे कभी दिल दुखाया तो माफ़ करना , दर्द दिल को कभी पहुंचाया तो माफ़ करना , हसरत तो नहीं हमारी , देने को कोई गम की , पर आँखों को कभी रुलाया तो माफ़ करना , बोल जाते है कुछ शब्द आग़ोश में , उन् शब्दों को दिल से लगाया तो माफ़ करना , अरमान बहुत है रब तुझसे ,इबादत करना , उस वक़्त में गुस्ताख़ ऐ दिल आज़माया तो माफ़ करना , मुमकिन नहीं मिलना हर चाह ज़िन्दगी की, पर कोशिश ही न करू में, तो खुदा तू माफ़ करना ... »

उलझन

गोली चली थी उस रात, हमारे इरादों की छाती पर मर गयी हमारी हमदर्दी, शहनाई की ख़ामोशी सुनकर. ज़िद्दी दिलो और भोले विचारो के संग निकले थे हम कुछ साबित करने, किंतु राह में कही खो गए हम, सखा जो दुशमन बन गए. अकेली सी संसार, और सिर्फ एक खिलाडी कैसी पहली हैं यह प्यास और अजीब यह ज़िंदगानी. »

Barish

Barish

kaisi hain yeh birha ki agan, jo barish ke panio se na bujhe, kaisi hain yeh teri yaad, jo ankho ke pani se na bujhe satat sangram toh zindagi ka maksad tha, Par es mamley main anshru hi sahara hain, Tere aney main kiasmat ka haath tha, Tere janey main mera Afsos hota hain apney abhiman main, Afsos hota hain es barish ke mausam main, Thora gussey ko darkinar karkey kash hum mil saktey, Ak chai ya ... »

जमाने बीत गए जिनको भुलाये हुए आजफिर हैं क्यो याद वही आये हुए कितने बेरुखी से तोड़े थे वो दिल को दिल के टूकड़ो को हैं हम सम्भाले हुए सोचते थे न आएगी क़यामत कभी ये क्या हुआ वो हैं दर पे आये हुए जिसे छूने की चाहत में उम्र गुज़ार दी ज़नाज़े को मेरे हैं वही गले से लगाये हुए जिन्दा था तो तन्हाई ने मार डाला,मौत पे अपने तो ठीक दुश्मन भी रोते हैं आये हुए “विपुल कुमार मिश्र” »

उसी का शहर था उसी की अदालत।

उसी का शहर था उसी की अदालत। वो ही था मुंसिफ उसी की वक़ालत।। , फिर होना था वो ही होता है अक्सर। हमी को सजाएं हमी से ख़िलाफ़त।। , ये कैसा सहर है क्यू उजाला नहीं है। अब अंधेरों से कैसे करेंगें हिफ़ाजत।। , चिरागों का जलना आसान नहीं था। हवाओं ने रखा है उनको सलामत।। , तुमको फिक्र है न हमकों है फुरसत। न है कोई मसला न कोई शिकायत।। , साहिल भँवर में है जिंदा अभी तक। ये उसका करम है उसी की इनायत।। #रमेश »

इश्क़ करना बहुत आसान निभाना है बहुत मुश्किल।

इश्क़ करना बहुत आसान निभाना है बहुत मुश्किल। किसी ने पा लिया सब कुछ किसी को है नही मंजिल।। सफ़र में हम रहे तन्हा मिली तन्हाइयां हमको। नहीं अफ़सोस इसका है हुए जो हम नहीं कामिल।। @@@@RK@@@@   »

pyaar

Hamne to mohabbat Ke nashe me unhe khuda bana diya. Hosh to tab aaya jab unhone kaha ki khuda kisi ek ka nahi hota. »

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