Hindi-Urdu Poetry

यह दुनिया

हम तो झूठ की ही दुनिया में जीते हैं क्यों कि सच हमे अकेला कर देता है मुखोटा सबका सही लगता है बस अपना आईना साथ लिए घमुते है »

रेत

रेत यू तोह हाथ से फिसलता हैं जितना जोड़ लगाओ उतना तेज़ फिसलता जाता है पढ़ उसमे पानी मिलाओ तोह हाथ मे जम जाता है रिस्ते में इज्ज़त उस पानी का काम करती है »

मुहब्बत का खुमार

तेरे आने से दिल को करार आया है। तुझे पाकर खुशियां बेशुमार पाया है। मैंने पी नहीं लेकिन, मैं नशे में चूर हूं, मुहब्बत का ये कैसा, खुमार छाया है। मौसमें भी अब रंगीन सी लगने लगी, पतझड़ ने भी कैसा, बहार लाया है। एक दूजे में हम, डूबे कुछ इस कदर, तू जिस्म है, तो मेरा आकार साया है। मेरी जिंदगी तो है, एक खुली किताब, फिर क्यों लगता, असरार छिपाया है। तेरे सिवा कोई और नज़र आता नहीं, निगाहों में बस तेरा, निगा... »

सरस

कुछ कहे बिना ही बहुत कुछ कह गया, ख़ामोश बादल यूँही बरस कर रह गया, बनाया आशियाना बड़ी उम्मीदों से हमनें, ज़रा सी हुई हरकत तो परस कर रह गया, कैद ऐ मोहब्बत की गिरफ्त से छूट कर, राही अंजाना सबसे सरस कर रह गया।। राही अंजाना परस- स्पर्श सरस – रसीला, स्वादिष्ट »

आँचल

सर पर आँचल तो लाजमीं है न..!! जमीन-ए-हिन्द से जो हूँ ..!!!😊 @Chandani »

Teri yade

तेरी यादों की जागीर है जन्नत मेरी , हर पल हर छण तुम ही को देखती है आंखें मेरी , नजर तो आओ तुम ही को ढूंढती हैं आंखें मेरी , तेरे सिवा किसी को नहीं देखती हैं आंखें मेरी , अब चले भी आओ कि सूनी है आंखें मेरी , इन हवाओं से कह दो ना रास्ता रोके तेरी , यह दुनिया विरान है बस तुझ बिन मेरी….. »

Tery yade

तेरी यादों की जागीर है जन्नत मेरी , हर पल हर छण तुम ही को देखती है आंखें मेरी , नजर तो आओ तुम ही को ढूंढती हैं आंखें मेरी , तेरे सिवा किसी को नहीं देखती हैं आंखें मेरी , अब चले भी आओ कि सूनी है आंखें मेरी , इन हवाओं से कह दो ना रास्ता रोके तेरी , यह दुनिया बिरान है बस तुझ बिन मेरी….. »

मैं ऐसा होता काश…..

सोचता हूं, मैं पानी होता काश, तुम्हारे प्यासे होठों की बुझाता प्यास। सोचता हूं, मैं हवा होता काश, हर पल अपने स्पर्श का दिलाता एहसास। सोचता हूं, मैं खुशबू होता काश, तुम्हारे तन को महकाता मैं बेतहाश। सोचता हूं, मैं खुशी होता काश, ना होने देता तुम्हें कभी उदास। सोचता हूं, मैं उम्मीद होता काश, आंखें बंद कर मुझ पर करती विश्वास। सोचता हूं, मैं मंजिल होता काश, तो खत्म मुझ पर होती तुम्हारी तलाश। सोचता हूं... »

पापा

मेरा बिगडना तो लाजमीं है न? पापा! तुम साथ कहाँ हो मुझको डाँटनें के लिए??😢😢 @Chandani »

मुलाकात

आज मेरी खुद से मुलाकात हो गई चुप थी जमाने से, आज खुद से बात हो गई। »

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