Ghazal

वापस फिर आओगी क्या?

जब एक दिन तुम बिना बताये दूर कही मुझसे चली जाओगी वापस फिर से आओगी क्या वापस फिर से आओगी क्या मैं नाराज था तुमसे उस पल मुझे मनाने वाला कोई नही था अब फिर से मुझे मनाने के लिए वापस फिर से आओगी क्या तुम अक्सर कहती थी मुझे कि ये सिगरेट छोड़ दो तुम क्या अब तुम इस सिगरेट को मेरे हाथ से छिन कर फेकने के लिए वापस फिर से आओगी क्या वो बात जो अधूरी थी तुम्हारी जिसका इंतज़ार मैंने किया था उसका जवाब अब दे पाओगी क्... »

Alvida

जा रही हूँ आज सबसे दूर, खुद की ही तलाश में। वहीं, जहाँ छोड़ आयी थी खुद को, किसी की याद में। पर अब उससे भी ज़्यादा मुझे ज़रूरत है मेरी। अब ढूंढना है मुझे पहचान क्या है मेरी। हो सके तो माफ करना मुझे, मन करे तो याद करना मुझे। ले जा रही हूँ खुद को सबसे चुरा कर कहीं दूर…..कहीं दूर… बहुत दूर….. बहुत दूर… जहाँ मिल सकूं एक बार खुद से, और पूछ लू एक बार मुझसे, की क्यों रह गई मैं इतनी अक... »

Gulabi sa din

Gulabi sa din

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पानी पानी की

एक ताज़ा ग़ज़ल …….. गुलफिशानी – फूलों की बारिश , बदगुमानी – शक ******************************** मैंने दुश्मन पे गुलफिशानी की … आबरू.. उसकी पानी पानी की …. मुझ पे जब ग़म ने मेहरबानी की ….. मैने फिर ग़म की मेज़बानी की …. मैं जिन आँखों का ख़्वाब था पहला क्यों ….. उन्होंने ही बदगुमानी की…. वार मैंने निहत्थों पे न किया यूँ अदा रस्म ख़ानदानी की …... »

तस्वीर

इक तस्वीर है इस दिल के पास। फिर क्यु दिल है उदास – उदास।। माना की तु दुर है सदियों से मगर, तेरी यादे है मेरे दिल के आसपास।। वो लरजते होठो से मेरे गीतो का गाना, उन गीतो को आज भी है तेरी तलास।। “योगेन्द्र” देखना मिल जायेगी मोहब्बत, इसलिये तो दिल मे बसी है इक आस।। योगेन्द्र कुमार निषाद १०.०१.२०१८ »

आज कुछ खाली – खाली लगता है

आज कुछ खाली – खाली लगता है …२ यूँ जो छोड़ गए तुम मुझके … हर चेहरा सवाली लगता है … आज कुछ खाली – खाली लगता है … हँस के मिलती हूँ जब भी मिलती हूँ सब से … ये मेरी आदत थी … पर ये हँसाना भी … अब बेमानी लगता है …… आज कुछ खाली – खाली लगता है … कितने खुश थे जब साथ थे दोनों वो हँसी वो ख़ुशी वो प्यार की बाते वो दिन वो पल संग बिताई र... »

मोहब्बत

जाते जाते बस एक काम कर देना, मेरे मोहब्बत को एक नाम दे देना । गर कभी दुब जाऊं यादों में उसकी, तो मुझे बस दो घुट जाम दे देना ।। बड़ा बदनाम था मैं उसकी गली में, मरने के बाद मुझको पहचान दे देना । जो चार दोस्त रहते थे साथ मेरे, मेरी अर्थी उठाने का उन्हें काम दे देना ।। जो मशगूल था उनके यादों के सहर में, कभी उन्हें भी हिज्र की शाम दे देना । जो मोहब्बत में टूट जाते हैं अक्सर, उन्हें जिंदगी में एक नया मुक... »

Deewana pagal

Deewana pagal

Tere ishq ka deewana, ye deewana ho gya.. Tere pyar me hai pagal, ye parwana ho gya…….. Neend raton me bin tere aati nhi.. Tu kyon khwabo se mere hai jati nhi.. Roop tera suhana hai bhata mujhe.. Meri chilman ko kyon tu mitati nhi…. Mera dil ab to mujhse begana ho gya.. Tere ishq me deewana ye deewana ho gya.. Teri julfo ke saaye hai chhaye yahan.. Tujhko dhudha jahan me yaya aur... »

जल उठे थे बुझ के हम

जल उठे थे बुझ के हम, शमा – ए – लौ से प्यार की; फिर तेरी हर एक झलक, पे नज़रों को झुका जाना; गर कही जो चल पड़े, तेरे बुलाने पे सनम; वो तेरा मंजिल – ए – इश्क, से वापस को बुला जाना; कई असर चलती रही, कूचा – ए – गुल में यार की; वो तेरा मुझको दीदार – ए – तर को तरसा जाना; गर कहीं तुम मिल गए किस्मत सराहेंगे कसम; वो तेरा खा कर कसम, हर कसम को झुठला जाना; रात की खामोशियाँ, हमको सताती है “महक”; तेरी याद से रोज... »

दर्द

तेरी यादों का समन्दर कभी सुखता नही। आँखों में खुशी है मगर दर्द मिटता नही। चौमासें सावन सा बरसता गम है सीने में, जुदा-ए-सनम तुम बीन दिल अब लगता नही। लाख बोई फस्लें आरजुओं की दिल-ए-जमां पे, पर विरान -ए-दिल मे बहारें खुशीयॉ पलता नही। जिन्दगी के हर पहलू से गुजर देखा मैनें, जो प्यार तुमने दिया वो, कही अब मिलता नही। कहां ढुढूं तुमसा और प्यार तेरा सा……., तू तो लाखो में थी तुमसा कही अब मिलता न... »

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