Geet

वक्त हमारा है

वक्त हमारा है

हर ओर उम्मीदें हैं, हर ओर सहारा है। हम बदलेंगें दुनिया को, वक्त हमारा है।। थपेड़े सह लेगें, लहरों से लड़ लेंगे। समन्दर हमारा है, साहिल भी हमारा है।। लाख गहरा हो दरिया, पार उसे कर देंगे। कश्ती हमारी है, किनारा हमारा है।। लक्ष्य मुश्किल हो फिर भी, पा उसे हम लेंगे। तीर हमारा है, निशाना हमारा है।। वो लाख बुरा खोजता है, खोज ले वो मुझमें। जिंदगी हमारी है, पैमाना हमारा है।। हर ओर उम्मीदें हैं, हर ओर सहार... »

गीत-ये मत सोंचो

ये मत सोंचो एक कलम के बूते पर मैं दुनिया रोज बदलता हूँ । ये मत सोंचो कवि हूँ मैं तो बस कविता कर सकता हूँ ।। ठेले पर सपनो की दुनिया, लेकर चलने वाला हूँ । मैं सूरज के साथ गगन के, पार निकलने वाला हूँ । सागर को तो एक घूँट में, पीने का दम रखता हूँ…. ये मत सोंचो कवि हूँ मैं तो, बस कविता कर सकता हूँ ..।। मेरी कलम सितारों को भी, आँख दिखाती चलती है , दिल के पन्नों के भीतर भी, एक नदी सी पलती है । चिंग... »

#‎_मेरा_वाड्रफनगर_शहर_अब_बदल_चला_है‬

‪#‎_मेरा_वाड्रफनगर_शहर_अब_बदल_चला_है‬ _______**********************__________ कुछ अजीब सा माहौल हो चला है, मेरा “वाड्रफनगर” अब बदल चला है…. ढूंढता हूँ उन परिंदों को,जो बैठते थे कभी घरों के छज्ज़ो पर शोर शराबे से आशियानाअब उनका उजड़ चला है, मेरा “वाड्रफनगर” अब बदल चला है….. भुट्टे, चूरन, ककड़ी, इमलीखाते थे कभी हम स्कूल कॉलेजो के प्रांगण में, अब तो बस मैकडोनाल्ड,पिज़्जाहट और ... »

छीनकर खिलौनो को बाँट दिये गम

छीनकर खिलौनो को बाँट दिये गम। बचपन से दूर बहुत दूर हुए हम।। अच्छी तरह से अभी पढ़ना न आया कपड़ों को अपने बदलना न आया लाद दिए बस्ते हैं भारी-भरकम। बचपन से दूर बहुत दूर हुए हम।। अँग्रेजी शब्दों का पढ़ना-पढ़ाना घर आके दिया हुआ काम निबटाना होमवर्क करने में फूल जाये दम। बचपन से दूर बहुत दूर हुए हम।। देकर के थपकी न माँ मुझे सुलाती दादी है अब नहीं कहानियाँ सुनाती बिलख रही कैद बनी, जीवन सरगम। बचपन से दूर ब... »

Engg. Dewana

(girlfriend ki kasam de ke doston se kaam karana) (mein hun india ka engg. dewana)x2 pocket money uda kar udhari mein khana khana (mein hun india ka engg. dewana)x2 (free wifi mile to bhaiya sab kuch hain khote)x2 supplyon ka dukh dard bhul bhalke,net ki speed pe rote (din-raat bas computer hai chalana) (mein hun india ka engg. dewana)x2 (ek raat jag kar hum exam clear karte hain)x2 knowledge ka t... »

मोर रंग दे बसंती चोला, दाई रंग दे बसंती चोला

मोर रंग दे बसंती चोला, दाई रंग दे बसंती चोला

ये माटी के खातिर होगे, वीर नारायण बलिदानी जी। ये माटी के खातिर मिट गे , गुर बालक दास ज्ञानी जी॥ आज उही माटी ह बलाहे, देख रे बाबु तोला। मोर रंग दे बसंती चोला, दाई रंग दे बसंती चोला॥ ये माटी मा उपजेन बाढ़ेन, ये माटी के खाये हन। ये माटी कारण भईया मानुस तन ल पाये हन॥ काली इही माटी मिलही, तोर हमर ये चोला। मोर रंग दे बसंती चोला, दाई रंग दे बंसती चोला।। पुराखा हमर ज्ञानी रीहीस अऊ अबड़ बलिदानी जी। भंजदेव ... »

हाँ मैं कश्मीर हूँ

क्या यही सरजमीं थी मेरे वास्ते ये कैसी कमी थी मेरे वास्ते खुद को देखू तो स्वर्ग का अहसास हैं मेरे दामन में आतंक का आभास हैं सहमे सहमे है बच्चे मेरे हर घरी जाने कब टूटेगी ये नफरत की लड़ी साडी दुनिया के नज़रो में मैं हीर हूँ बहुत बेबस और खामोश मैं कश्मीर हूँ नहि हिन्दू हूँ और न मैं मुस्लमान हूँ सिर्फ जंग और लाशो का साक्षिमान हूँ यूँ न बारूद से मुझ को जीतोगे तुम पैगाम अमन का देने को आतुर मैं हूँ कभी भा... »

आज मुझे आलिंगन देकर मुक्त करो हर भार से

आज मुझे आलिंगन देकर मुक्त करो हर भार से

आज मुझे आलिंगन देकर मुक्त करो हर भार से… प्रियतम मेरा हाथ पकड़ कर ले चल इस मझधार से… नयन मौन हैं किन्तु प्रणय की प्यास संजोये बैठे हैं.. भाव हृदय के स्मृतियों में अब तक खोये बैठे हैं… तुमसे तृष्णा पाई है तृप्ति तुमसे अभिलाषित है.. विगत दिवस आकुल श्वासों में..खुद को बोये बैठे हैं.. निरीह हूँ लेकिन तुमसे तुमको माँग रहा अधिकार से.. प्रियतम मेरा हाथ पकड़ कर ले चल इस मझधार से.. मेरे स... »

अब तुम्हारे बिना जी ना पाऊंगा मैं

बेसबब प्रश्न हैं शब्द सब मौन हैं पूछते हैं कि हम आपके कौन हैं मैं युधिष्ठिर सा  सच झूठ भी बोल दूँ वो कहां शष्त्र त्यागे हुऐ द्रोण हैं जानते हैं वो सब मानते कुछ नहीं अब कहाॅ तक भरोसा दिलाऊगा मैं प्यार तुम सार तुम मेरा आधार तुम अब तुम्हारे बिना जी ना पाऊंगा मैं   मन ये मंदिर बने देवता तुम बनो सारी इच्छाओं का इक पता तुम बनो जन्म जन्मों का कर लूँ सफर हस के मैं तुम ही मंजिल बनो रास्ता तुम बनो बिन ... »

जंजीर और मज़दूर

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