Geet

तुम देह नहीं तुम देहाकार हो

तुम देह नहीं तुम देहाकार हो देह में हो देह से मगर पार हो क्या दिखायेगा रूप दर्पण तुम्हारा देखो अंतर में, खुलेगा राज सारा शाश्वत सौंदर्य ज्योति पारावार हो देह में हो देह से मगर पार हो. क्षणिक मौजों सा देह का उभार है मुखडे में देखे क्यों सौंदर्य-सार है भूले तुम, आत्मा का कैसे श्रंगार हो देह में हो देह से मगर पार हो. देख दर्पण ना जीवन गवां प्राणी ह्दय नगरी में उतर हो जा फानी ज्ञान रत्नों पूर्ण तेरे उ... »

गीत

“गीत” :::::::::::: हे!री सखी कैसे भेजूं , प्रिय को प्रणय निवेदन। दूर देश विदेश भय हैं वो मन का मेरे प्रिय साजन। हे! री सखी कैसे करू मै, स – श्रृंगार मन यौवन। हे!री सखी कैसे भेजूं , प्रिय को प्रणय निवेदन। सावन आ कर बहक गया, दामनि लगे है मोहे डरावन। हे! री सखी कैसे पाऊँ मै, साजन का वो प्रिय आलिंगन। हे!री सखी कैसे भेजूं , प्रिय को प्रणय निवेदन। जब – जब देखूं मैं दर्पण होता मन ... »

Sapna

Ek Sapne Ke Piche Bhaag Rahi Hu Main, Na Jane Yeh Sach Hoga Bhi Ya Nahi, Phir Bhi Umeed Ka Man Me Deep Jalaye, Chali Ja Rahi Hu Main, Ek Sapne Ke Piche………………….. Mera Yeh Sapna Sirf Sapna Nahi, Meri Khwaish Hai Yeh, Hai Yeh Meri Tamanna, Ya To Banega Mere Jivan Ka Sach, Ya Rahegi Sirf Ek Kalpana, Is Sapne Ko Na Jane Kitne Dino Se, In Ankho Me Paal Rahi Hu M... »

बिन तेरे

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सावन का मुग्ध फुहार तू है

सावन का मुग्ध फुहार तू है । बूंदो की रमणीक धार तू है ।। कोमल वाणी मे खिली, आह! लचक सुरीली । खनकती बोली मे ढली, ओह!आवाज सजीली सावन झड़ी मस्त बहार तू है । सावन का मुग्ध फुहार तू है ।। हवा की मादकता मधुर, सरसराहट मे निखरी अजब, बदन मे ऊमंग की सजी, कशमकशाहट अजब।। सावन की बेला साकार तू है । सावन का मुग्ध फुहार तू है ।। पानी मे नहाया यौवन, सांसो मे रफ्तार बढाये। दृश्य सावन मे लाजवाब, मन मे चाहते प्यार जग... »

क्षणिका

क्षणिका 🌹:– ✍ जब गम सताता है, गाने मैं गुनगुनाता हूं । जब ददं रुलाता है, तराने मैं सजाता हूँ ।। (1) जब रंज बढ आता है, रंगीला मन मै हो जाता हूं । जब जख्म गहराता है, मस्ती मगन मै बो जाता हूँ।। (2) देती है पीड़ा जब चुभन, चुप्पी का राग बन जाता हूं । व्यथा करती है जब भी आहत, प्यार का पराग बन जाता हूँ ।। (4) मालूम है मुझे इंसान हूँ मैं! मानवेत्तर ताग बन जाता हूँ । मिलती है चुनौती जब संघर्ष की करमो... »

गीत

–:🌹गीत 🌹:- ✍ सावन का मुग्ध फुहार तू है । बूंदो की रमणीक धार तू है ।। कोमल वाणी मे खिली, आह! लचक सुरीली । खनकती बोली मे ढली, ओह!आवाज सजीली सावन झड़ी मस्त बहार तू है । सावन का मुग्ध फुहार तू है ।। हवा की मादकता मधुर, सरसराहट मे निखरी अजब, बदन मे ऊमंग की सजी, कशमकशाहट अजब।। सावन की बेला साकार तू है । सावन का मुग्ध फुहार तू है ।। पानी मे नहाया यौवन, सांसो मे रफ्तार बढाये। दृश्य सावन मे लाजवाब, म... »

गीत

–:🌹गीत 🌹:- ✍ सावन का मुग्ध फुहार तू है । बूंदो की रमणीक धार तू है ।। कोमल वाणी मे खिली, आह! लचक सुरीली । खनकती बोली मे ढली, ओह!आवाज सजीली सावन झड़ी मस्त बहार तू है । सावन का मुग्ध फुहार तू है ।। हवा की मादकता मधुर, सरसराहट मे निखरी अजब, बदन मे ऊमंग की सजी, कशमकशाहट अजब।। सावन की बेला साकार तू है । सावन का मुग्ध फुहार तू है ।। पानी मे नहाया यौवन, सांसो मे रफ्तार बढाये। दृश्य सावन मे लाजवाब, म... »

स्वच्छ भारत

स्वच्छ्ता हो प्राथमिकता स्वयं से शुरुआत करिए। स्वच्छ हो घर-बार अपना स्वच्छता हो सार अपना ग़र नहीं मिलता समय तो दीजिए इतवार अपना मामला सबसे जुड़ा है इसलिए फिर बात करिए, स्वयं से शुरुआत करिए। स्वच्छ्ता का ध्यान रखिए स्वच्छ्ता का ज्ञान रखिए इसलिए ही पाठ्यक्रम में इसका अब स्थान रखिए एक के बस की नहीं है मिल के सब ही साथ करिए, स्वयं से शुरुआत करिए। स्वच्छ भारत को बनाएं मान भारत का बढ़ाएं आइए मिलकर करें यह ... »

Swach bharat banyenge

गांधी जी का सपना सच करके हम दिखाएंगे अपने भारत को हम स्वच्छ भारत बनाएंगे साफ-सुथरी गलियां होगी साफ सुथरा होगा गांव साफ सफाई करने में कभी ना रुकेंगे हमारे पांव हमने वादा कर लिया है वादा हम यह निभाएंगे अपने भारत को हम स्वच्छ भारत बनाएंगे गांधी जी का सपना सच करके हम दिखाएंगे अपने भारत को हम स्वच्छ भारत बनाएंगे घर का कचरा गली का कचरा कूड़ेदान में डालेंगे गांव से लेकर शहर तक नियम हम यह पा लेंगे कचरा ना... »

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