Geet

ख़ुशी जिसे कहते हैं

ख़ुशी जिसे कहते हैं, वो चीज ढूंढता हूँ गैरों की इस दुनिया में अपनों को ढूंढता हूँ अकेला तो न था पहले कभी इतना साथ चले थे जो उन क़दमों को ढूंढता हूँ ख़ुशी जिसे कहते हैं, वो चीज ढूंढता हूँ वक़्त बदला, लोग बदले, तुम बदले, और मैं… जो संभाल कर रखी थी यादें उन यादों की टूटी हुई मालाओं के मोती ढूंढता हूँ गैरों की इस दुनिया में अपनों को ढूंढता हूँ ख़ुशी जिसे कहते हैं वो चीज ढूंढता हूँ मुसीबतों की तपती धुप में ... »

तेरे गीत प्यार के हैं सुख मेरा …..! (गीत)

तेरे गीत प्यार के हैं सुख मेरा …..! (गीत) मै तो पहले गाता न था, गीत क्या है ये न जानता, तुझसे प्यार क्या हुआ, दिल मेरा चहक उठा, अब तेरे ही गीत गा रहा, तेरे गीत गुनगुना रहा …..! जाने क्या है पाया तेरी भोली आंखों में, रात दिन जो तरसूँ  मैं इन्हें ही  देखने, मुझपे अपनी रहम नजर कर ज़रा….! मैं तो पहले गाता न था….! कब से तेरे प्यार में  मैं जी रहा मगर, कैसे मानूँ तुझको  ही नहीं है ये ख़बर, मेरी दिल की बा... »

दुनिया हमारे दम से है …..!( गीत )

दुनिया हमारे दम से है …..! बदले हज़ार बार ज़माना तो गम नहीं, दुनिया हमारे दम से है, दुनिया से हम नहीं …..! क्यूँ फ़िक्र है तुम्हे मेरे यारों बेकार की, मंजिल मिलेगी आ के खुद, जो मंजिल का गम नहीं, दुनिया हमारे दम से है, दुनिया से हम नहीं …..! दुनिया की न परवाह, तो दुनिया बेजार है, आ कर मनाएगी तुम्हें, तुम मानो या नहीं, दुनिया हमारे दम से है, दुनिया से हम नहीं …..! चाहे सताए लाख ज़माना हमें तो क्या, खुशि... »

स्मृति::इंजी. आनंद सागर

स्मृति::इंजी. आनंद सागर

**के जब तुम लौट कर आओ::स्मृति**   हौसला टूट चुका है, अब उम्मीद कहीं जख्मी बेजान मिले शायद, जब तुम लौट कर आओ तो सब वीरान मिले शायदll     वो बरगद का पेड़ जहां दोनों छुपकर मिला करते थे, वो बाग जहां सब फूल तेरी हंसी से खिला करते थे, वो खिड़की जहां से छुपकर तुम मुझे अक्सर देखा करती थी, वो गलियां जो हम दोनों की ऐसी शोख दिली पर मरती थीं, वो बरगद,वो गलियां, वो बाग बियाबान मिले शायद, के जब त... »

विजय पर्व

आजादी का विजय पर्व , हम मिलकर आज मनायें | आज की मधुरिम बेला पर ,हम गीत खुशी के गायें | एक झोपडी भी भारत में , कहीं सूनी न रह जाये | एक भी बन्दा भारत का , कहीं भूखा न सो जाये | रोटी ,कपडा और मकान , सबको अब मिल जाये | बुलेट- ट्रेन दौड़ा कर के , हम भारत को चमकाये | रक्षा कर जंगल की अपने , हम पर्यावरण बचायें | गंगा माँ को साफ़ रखेगें , आज कसम यह खायें | भारत को जो आँख दिखाये, उससे हम लड़ जायें | शांति दू... »

“भीगी रातें”

🌺🙏🏻🙏🏻🙏🏻🌺 ————————- भीगी रातें ————— सावन को जरा खुल के इस बार बरसने दो । राजी ही नही यारा दिल और तरसने को ।। दो तीन बरस बीते कुछ प्यार भरी बातें, अक्सर ही सताती हैं कटती ही नहीं रातें । मौसम बदला बदले हालात बदलने दो, राजी ही नही यारा दिल और तरसने को ।। पाए तन्हाई में आसार खयालों के, ऐसे भीगी रातें किस तरह बिता लोगे । छें... »

विदाई गीत

*एक विदाई गीत* हरे हरे कांच की चूड़ी पहन के, दुल्हन पी के संग चली है । पलकों में भर कर के आंसू, बेटी पिता से गले मिली है । फूट – फूट के बिलख रही वो, फूट – फूट के बिलख रही वो, बाबुल क्यों ये सजा मिली है, छोड़ चली क्यों घर आंगन कू, बचपन की जहाँ याद बसी है, बाबुल रोय समझाय रह्यो है बेटी ! जग की रीत यही है, राखियो ख्याल तू लाडो मेरी, माँ – बाबुल तेरे सबहि वही है नजर घुमा भइया को देखा भ... »

झूकने न देंगे तिरंगे को हम

झूकने न देंगे तिरंगे को हम

दिनांक-२०-७-२०१६ विधा- गीत संदर्भ- स्वतंत्रता दीवस तर्ज- बहुत प्यार करते है तुझसे सनम… …………………………………………………… झूकने न देंगे तिरंगे को हम-२ हमको हमारी भारत माता की कसम -२ झूकने न देंगे तिरंगे को हम-२ हमे मातृभूमि अपने प्राणों से प्यारी-२ हम है दुलारे ये है माता हमारी -२ सब कुछ... »

अधूरा गीत

अधूरा गीत तुम बिन मेरे साजन बोलो कैसे ये जज़्बात लिखूँ, दिन मेरा कैसा बीता कैसे बीती रात लिखूँ। मन में उलझन भारी था तो ख़त तुमको ये लिख डाला, याद तुम्हारी दर्द लिखूँ या लम्हों की बारात लिखूँ। #काफ़िर »

निर्झर झरता गीत

  यह गीत धरा का धैर्य गर्व है, नील–गगन का यह गीत झरा निर्झर-सा मेरे; प्यासे मन का ….   यह गीत सु—वासित् : चंदन–वन यह गीत सु-भाषित् : जन-गण-मन यह गीत प्रकाशित् : सूर्य–बदन यह गीत गरल का आचमन यह गीत समर्पण् जीवन का यह गीत झरा…………..   यह गीत वसन् नंगे तन का यह गीत रंग अल्हड़पन का यह गीत अलाव जीवन-रण का यह गीत भीष्म के भीषण-प्रण का यह गीत व... »

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