Geet

बिन तेरे

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सावन का मुग्ध फुहार तू है

सावन का मुग्ध फुहार तू है । बूंदो की रमणीक धार तू है ।। कोमल वाणी मे खिली, आह! लचक सुरीली । खनकती बोली मे ढली, ओह!आवाज सजीली सावन झड़ी मस्त बहार तू है । सावन का मुग्ध फुहार तू है ।। हवा की मादकता मधुर, सरसराहट मे निखरी अजब, बदन मे ऊमंग की सजी, कशमकशाहट अजब।। सावन की बेला साकार तू है । सावन का मुग्ध फुहार तू है ।। पानी मे नहाया यौवन, सांसो मे रफ्तार बढाये। दृश्य सावन मे लाजवाब, मन मे चाहते प्यार जग... »

क्षणिका

क्षणिका 🌹:– ✍ जब गम सताता है, गाने मैं गुनगुनाता हूं । जब ददं रुलाता है, तराने मैं सजाता हूँ ।। (1) जब रंज बढ आता है, रंगीला मन मै हो जाता हूं । जब जख्म गहराता है, मस्ती मगन मै बो जाता हूँ।। (2) देती है पीड़ा जब चुभन, चुप्पी का राग बन जाता हूं । व्यथा करती है जब भी आहत, प्यार का पराग बन जाता हूँ ।। (4) मालूम है मुझे इंसान हूँ मैं! मानवेत्तर ताग बन जाता हूँ । मिलती है चुनौती जब संघर्ष की करमो... »

गीत

–:🌹गीत 🌹:- ✍ सावन का मुग्ध फुहार तू है । बूंदो की रमणीक धार तू है ।। कोमल वाणी मे खिली, आह! लचक सुरीली । खनकती बोली मे ढली, ओह!आवाज सजीली सावन झड़ी मस्त बहार तू है । सावन का मुग्ध फुहार तू है ।। हवा की मादकता मधुर, सरसराहट मे निखरी अजब, बदन मे ऊमंग की सजी, कशमकशाहट अजब।। सावन की बेला साकार तू है । सावन का मुग्ध फुहार तू है ।। पानी मे नहाया यौवन, सांसो मे रफ्तार बढाये। दृश्य सावन मे लाजवाब, म... »

गीत

–:🌹गीत 🌹:- ✍ सावन का मुग्ध फुहार तू है । बूंदो की रमणीक धार तू है ।। कोमल वाणी मे खिली, आह! लचक सुरीली । खनकती बोली मे ढली, ओह!आवाज सजीली सावन झड़ी मस्त बहार तू है । सावन का मुग्ध फुहार तू है ।। हवा की मादकता मधुर, सरसराहट मे निखरी अजब, बदन मे ऊमंग की सजी, कशमकशाहट अजब।। सावन की बेला साकार तू है । सावन का मुग्ध फुहार तू है ।। पानी मे नहाया यौवन, सांसो मे रफ्तार बढाये। दृश्य सावन मे लाजवाब, म... »

स्वच्छ भारत

स्वच्छ्ता हो प्राथमिकता स्वयं से शुरुआत करिए। स्वच्छ हो घर-बार अपना स्वच्छता हो सार अपना ग़र नहीं मिलता समय तो दीजिए इतवार अपना मामला सबसे जुड़ा है इसलिए फिर बात करिए, स्वयं से शुरुआत करिए। स्वच्छ्ता का ध्यान रखिए स्वच्छ्ता का ज्ञान रखिए इसलिए ही पाठ्यक्रम में इसका अब स्थान रखिए एक के बस की नहीं है मिल के सब ही साथ करिए, स्वयं से शुरुआत करिए। स्वच्छ भारत को बनाएं मान भारत का बढ़ाएं आइए मिलकर करें यह ... »

Swach bharat banyenge

गांधी जी का सपना सच करके हम दिखाएंगे अपने भारत को हम स्वच्छ भारत बनाएंगे साफ-सुथरी गलियां होगी साफ सुथरा होगा गांव साफ सफाई करने में कभी ना रुकेंगे हमारे पांव हमने वादा कर लिया है वादा हम यह निभाएंगे अपने भारत को हम स्वच्छ भारत बनाएंगे गांधी जी का सपना सच करके हम दिखाएंगे अपने भारत को हम स्वच्छ भारत बनाएंगे घर का कचरा गली का कचरा कूड़ेदान में डालेंगे गांव से लेकर शहर तक नियम हम यह पा लेंगे कचरा ना... »

mera tera saath sanam

Zindagi me tera saath dungi sanam chahe aa jaye kitne hi mujhpe gam,na hi chuuta hai aur na hi chuutega jab tak hai,mera tera saath sanam Meri duniya basi tujhme o sathiya teri duniya basi mujhme o sathiya,ek ibaadat yahi hai rab se sanam meri sansen ho bas teri o sathiya, Meri duniya tujhi par shuru aur khatam,hai tamanna mile tu hi saaton janam, Na hi chuuta hai aur na hi chuutega jab tak hai me... »

मन थिरक उठो

*मन थिरक उठो…”* *********** कभी पुराने नहीं रहेंगे ये रसभरे , सुरीले गीत । सदा नयापन। देंगे मन को , यह है इन गीतों की रीत। आपका अपना मित्र जानकी प्रसाद विवश »

बोल दू

बोल दू ! जो बातें दबी है इस दिल में बोल दू! जो साँसे महसूस होने लगी है। मोड़ दू! इन नगमों का रुख तेरी तरफ। जैसे कड़ी धूप में पिघलती बर्फ के पानी मे मेरे शब्दों का फिसलना भूझी आग की खाक में बनी राख-ए-तमन्ना बोल दू। इन गहरी आंखों में छुपे राज़ खोल दू! मोल दू? तेरी की उन बहकी बातों को हाथों को खोल दू! तेरा हाथ थाम लेने को? देने को! साथ उम्र भर का। कहो ना! बोल दू। जो बातें दबी है इस दिल मे।? »

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