Geet

होली, रुत पर छा गयी है

होली, रुत पर छा गयी है

होली, रुत पर छा गयी। मस्तों की टोली आ गयी।। लाज़ शरम तुम छोड़ो। आज मुख मत मोड़ो।। दिल को दिल से जोड़ो। झूम कर अब बोलो॥ होली, रुत पर छा गयी है। मस्तों की टोली आ गयी है।। यार को गले लगा लो। रंग गुलाल उड़ा लो।। मनमीत को बुला लो। प्रीत से तुम नहा लो।। फागुन में मस्ती छा गयी है। होली, रुत पर छा गयी है। बैठ के फाग गा लो । आज नंगाड़ा बजा लो।। गोरी को भी बुला लो। गालों पे रंग लगा लो। उसकी बोली भा गयी है। ... »

दाँस्ता : एक दर्द

सामने खड़ी  थी  वो  चंचल  हसीना , दीवाना था जिसका मैं पागल कमीना, सब कह रहे थे तुझे देखती है , मुझे भी लगा वो मुझे देखती है , मैं इस  ओर  था  वो उस ओर थी, बीच में खिंच रही प्यार की डोर थी , समाँ खामोश था वक्त मदहोश था , वो भी मशहूर थी मैं भी मजबूर था , जैसे  लफ्जों को  कोई  जुबाँ से खी़च रहा था , सर्द हवाओं में भी बदन पसीने से भीग रहा था, बस  यूँ  ही कट रहा  वक्त  का  वो दौर  था ,      कुछ दिनों त... »

अजीब इत्तफ़ाक़ है

अजीब इत्तफ़ाक़ है अजीब इत्तफ़ाक़ है तेरे जाने और सावन के आने का अजीब इत्तफ़ाक़ है तेरी चुप और मौसम के गुनगुनाने का अजीब इत्तफ़ाक़ है मेरे माज़ी और मेरे मुस्कराने का अजीब इत्तफ़ाक़ है तेरे मिलने और मेरे ज़ख्म खाने का अजीब इत्तफ़ाक़ है तेरे गेसू और घटाओं के छाने का अजीब इत्तफ़ाक़ है तेरे तीर और कहीं चल जाने का अजीब इत्तफ़ाक़ है मिल के और ग़ुम हो जाने का अजीब इत्तफ़ाक़ है बंद आँखें और ख्वाब टूट जाने का अजीब इत्तफ़ाक़ है &#... »

रुकते नहीं वो काफिले

रुकते नहीं वो काफिले कितने चले कितने रुके ये न हम से पूछिए चल पड़े जो बाँह थामें रुकते नहीं वो काफिले | अक्षरों को जोड़ने में हिस्सा हमारा भी रहा इस अधूरी पटकथा में किस्सा हमारा भी रहा मानिए मत मानिए हम कह रहे आदमी के बीच में घटते रहेंगे फासले | लाख कोशिश कीजिए धर्म ध्वज को तोड़ने की आस्था की अकारण गर्दनें मरोड़ने की क्या कमी है गवाहों की यहाँ होते रहेंगे नामुरादी फैसले | संहिताएँ वांचते थक गई हैं पीढ़... »

दिन आ रहे मधुमास के

दिन आ रहे मधुमास के शीत है भयभीत खुशनुमा वातावरण ले रहा अँगड़ाइयाँ तोड़ हिम के आवरण कह गई कोकिला कान में कुहास के दिन आ रहे मधुमास के | गुनगुनी सी धूप होगी मधुभरी सी सुनहरी मंजीरे बजाने आ रही मधुमती सी मधुकरी मकरंद ले कर झूमते झोंके झुके सुवास के | तितलियों से भर गईं क्यारियाँ फुलवारियाँ कलियाँ सियानी मारती रस गंध की पिचकारियाँ ढपली बजाते मधुप चंचल फागुनी उल्लास के | अब जलेंगीं अवदमन की थरथराती होलि... »

VEKH BHAGAT SINGH !

VEKH BHAGAT SINGH ! tere supney’n da desh, jagah-jagah te painda, jaat-dharam da kalesh. ditti si jaan tu,taan jo desh azaad ho jaawe, naa ki mulk andr,gareeb-berozgaar pachtaawe,   ” faansi da fandha aapne gll paundey tu, socheya tan ni hona, kll nu saropey paingye, zaalam sarkaaran de gll..”   Geet’n ch tan tera aksar zikr hunda hai, 23 te 28 di chutti da v fikr... »

ये गीत मेरे

नैनो के सूखे मेघो से मैं आज अगर बरसात करूँ ,हल करुँ ज़मीन ए दिल में मैं नीर कहाँ से मगर भरूँ?है सूख चुका अब नेत्र कूप न मन का उहापोह बचा ,न मेघ रहा न सावन है ,मिट गया जो कुछ था पास बचा .एक बार हौसला करके मैंने बीज प्रेम के बोये थे ,न मौसम ने रखवाली की ,सावन ने पात न धोये थे .अब न मन है , न मौसम है ,न उर्वर क्षमता धरती की ,न नैनो में अब पानी है ,न दिल में इच्छा खेती की .रोते है मेघ और कूप सभी ,करता ... »

तुम ही हो

कैसी कशिश हैं तुम्हारी आँखों में, पल में छपा दिल में अक्स तेरा,, मुझसे जुदा अगर हो जाएगा तो रब से भी छीन लाऊंगा सदा,, Because you are the one, Only you are the one, My destiny is only you are the one,, Tell a way,, I wanna rule your heart,, As you seem to be my dream one.. तू हैं मेरी,, मैं हूँ तेरा,, कुछ भी और हमारा नहीं,, ये मेरा दिल भी हैं घर तेरा,, जिसमे गम भी तुम्हारा नहीं,, तेरे होठों की हर-... »

शिक्षा

हम सबकी तरफ से हर-एक अध्यापक-गुरुजन  को सादर नमन   हैं पावन दिवस आज, करते हैं हम उनको प्रणाम, जो ज्ञान की लौ जला कर मन अलौकिक करते रहते। जन्म दिया माँ–बाप ने और राह दिखलाई हैं सबने, सबके आशीर्वाद से ही हम हैं आगे बढ़ते रहते॥   जिन्दा रहने का असल अंदाज सिखलाया इन्होने। ज़िन्दगी हैं ज़िन्दगी के बाद बतलाया इन्होने। खुद तो तप की अग्नि में जल कर हैं बनते रहते कोयला, पर जहाँ को कोहिनूर मिला सदा इनकी ... »

Page 12 of 12«101112