Geet

वो कौन है……

ये प्यारी मुस्कान आपकी पहचान बन जाए खिलता चेहरा लोगो के लिए ये शराब बन जाए ये होठ ये पलकें और ये गाल मानो मुझसे यह कह रहे हैं की खोजा इन सब में और तू मेरा गुलाम बन जाए ये झरने ये परिंदे और हवा के झोंके, सब तेरे साथ चलने लगेंगे तुझसे मेरी दोस्ती देख ये जमाने वाले मुझसे जलने लगेंगे बस तू कभी खफ़ा होने की बात न करना मेरी दिल-ए-धड़कन वरना तेरे साथ बिताए वो हसीं पल, मेरे दिल को चीरने लगेंगे दिल देने की... »

नव वर्ष

“नव वर्ष की शुभकामनाएं ” ————————— नव वर्ष की शुभकामनाएं / बच्चों में उत्साह जगाएं | प्रांगन मंदिर संस्कृति अपनाएँ / देवी को सुमधुर गीत सुनाएँ || भगवा ध्वज की पताकायें | तिलक चन्दन टीका लगाएं ? नव वर्ष धूम से मनाएं | देवी को सुमधुर गीत सुनाएँ || शंख ध्वनि मृदंग बजाएं / पुरुषोत्तम राम को याद दिलायें | विक्रमादित्य का विक्रमी मनाएं / ... »

कुंभ

कुंभ कुंभ ये है. कुंभ कुंभ कुंभ. कुंभ कुंभ कुंभ. कुंभ कुंभ कुंभ . कुंम्म्मभ। संगम तट पर प्रयागराज में, ये है कुंभ कुंभ कुंभ. कुंभ कुंभ कुंभ. कुंभ कुंभ कुंभ. कुंम्म्मभ। श्रिवेणी में शाही स्नान. देखता पूरा ब्रह्मांड, अदभूत नज़ारे. भस्म रमाये, भक्तों का ये भव्य रूप. देख भगवन अमृत बरसाए, हर हर महादेव …… ये है भक्तों का… कुंभ कुंभ कुंभ. कुंभ कुंभ कुंभ. कुंभ कुंभ कुंभ. कुंम्म्मभ। ध्वजा... »

अच्छा किया तुमने याद दिला दिया……..

अच्छा किया तुमने याद दिला दिया…….. हक नही मुझे कोई फ़रमाइश करने का, हक नही मुझे कोई बेबुनियाद सी जिद्द करने का, सिर्फ तुम्हारी हर ख़्वाहिश पूरी करनी हैं मुझे…. कोई हक नही मुझे अपनी बात मनवाने का, अच्छा किया तुमने याद दिला दिया…..!!! हक नही मुझे कोई आरज़ू रखने का, हक नही मुझे किसी की चाहत पाने का, तुम्हारे हर सपने को पूरा करना हैं मैंने…. कोई हक नही मुझे ख़्वाब देखने क... »

Tera peyar

Teri bo najr jo ek ham par mehrban hui ham to lela ban gaye tere chaht mai ham fakir ho gaye »

यादें

बेवजह, बेसबब सी खुशी जाने क्यों थीं? चुपके से यादें मेरे दिल में समायीं थीं, अकेले नहीं, काफ़िला संग लाईं थीं, मेरे साथ दोस्ती निभाने जो आईं थीं। दबे पाँव गुपचुप, न आहट ही की कोई, कनखियों से देखा, फिर नज़रें मिलाईं थीं। मेरा काम रोका, हर उलझन को टोका, मेरे साथ वक्त बिताने जो आईं थीं। भूले हुए किस्से, कुछ टुकड़े, कुछ हिस्से यहाँ से, वहाँ से बटोर के ले आईं थीं। हल्की सी मुस्कान को हँसी में बदल गईं मेरे... »

सरहद के पहरेदार

मीठी सी है वो हँसी तेरी, आँसू तेरा भी खा़रा है, उन उम्र-दराज़ नज़रों का तू ही तो एक सहारा है। मेंहंदी से सजी हथेली भी करती तुझको ही इशारा है, कानों में गूँजी किलकारी ने पल-पल तुझे पुकारा है। ये सारे बँधन छोड़ के तू ने रिश्ता एक निभाया है, सरहद के पहरेदार तुझे पैगा़म सरहद से आया है। जब-जब धरती माँ जलती है, संग-संग तू भी तो तपता है; सर्द बर्फ़ के सन्नाटे में मीलों-मील भी चलता है। दूर ज़मीं से, नील गगन मे... »

याद

गहरा है ये मेरा प्यार, बहना करती है इंतज़ार जा बसे तुम विदेश भैया कैसे बांधूंगी अब राखी राखी के धागों में पिरोये प्यार के मोती तेरा सुखी रहे संसार मत भूलना मेरा प्यार आया राखी का त्यौहार बहना करती है इंतज़ार -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)- »

कान्हा

प्रेम की डोरी से,यशोदा की लोरी से बंध गए नन्द किशोर छल कीन्हे बड़े कान्हा,प्यारी मईया से, बहुत प्रेम है इनको, ग्वाल औ गैया से माखन चोरी से,ब्रज की होरी से बंध गए नन्द किशोर -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)- »

देश प्रेम

मेरा देश प्रेम,मन है बेचैन कब शांति सन्देश मिलेंगे माटी से प्रेम, इसकी सुगंध में रमे हैं होऊं निहाल, जब भारत दर्श किये हैं -विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)- »

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