Geet

कम आंकी

मेरी बातों में बस तुम थी , मगर मेरी बात कम आंकी तेरे यारों के कुनबे में , मेरी जात कम आंकी अपने अल्फाजों से मुझे दो पल में पराया करने वाले तूने प्यार के आगे मेरी औक़ात कम आंकी ।। »

द्वय–वय–जीवन उत्कृष्ट विभूषित

हृदय–पटल पर नृत्यमय नुपुर झनक से झंकृत हूँ विस्मित मैं मधु-स्वर से विह्वल अभिराम को आह्लादित तिमिर अंतस को कर धवल— कनक–खनक करके उज्जवल सारंग–सा हो भाव प्रज्जवलित सोम–सुधा सा रुप लक्षित दृग–कामना भी छलक रही— पलक पर व्याकुलता थिरक रही विधु–विनोद–अनुराग मिश्रित गुण–प्रभा इला चंचला सुसज्जित प्रखर–सौन्दर्य अपूर्व–अनुपम आलिंगन को प्... »

||देखो क्या है हालत मेरे हिन्दूस्तान की ||

किस्मत हमारी लटक रही है जैसे पाव में पायल , भारत माँ विलख रही है जैसे दीन-दुखी घायल , जिस आँचल में पले- बढे उसमे बम- गोले फुट रहे है , एक सिरे से खुद बेटा दूसरे से दुश्मन लूट रहे है , रूह काँप उठता है देखकर हालत वर्तमान की , देखो क्या है हालत विधाता मेरे हिन्दूस्तान की| जहा सोने की चिड़िया रहती वो भारत मेरा बगीचा था , जिसको खुद ‘बिस्मिल’ ने अपने खुनो से सिंचा था , जिसने भारत माँ की सेवा... »

दूर-दूर का रहना…

तेरा दूर-दूर का रहना ले जाये मोर चैना तेरी रहा तकै है अंखिया ताने देती घर गालिया तेरी राह तकै हुए बरसो अब छोड़ भी कल परसो तेरी सोच मे बीती रैना मोर लोटा अब तू चैना तेरा दूर-दूर का रहना ले जाये मोर चैना ! कब तक रहु मैं ऐसे कब तक राहु मैं वैसे इक पल मे ये  सोचू इक पल मे वो सोचू तू ज्यादा है छलिया या ज्यादा है मनबसिया तेरा दूर-दूर का रहना ले जाये मोर चैना ! कभी तुझ पे दिल हारु कभी तुझ से हारु छोड़ हार ... »

चला जाऊँगा एक दिन मैं।।

चला जाऊँगा एक दिन मैं तेरी मेहफिल से उठ करके। हमारा काम ही क्या है क्या होगा अब यहाँ रुकके।। मेरी यादो को आँखों में कभी आने न तुम देना। जमाना जान जाएगा कभी रोना नहीं छुप के।। »

मैं अकेला ही चलूँगा

मैं अकेला ही चलूँगा । शीश पर तलवार मेरे, पाँव में अंगार मेरे, या काटूँ या फिर जलूँगा । मैं अकेला ही चलूँगा ।। तुम न मेरा साथ देना, हाथ में मत हाथ देना, अब सहारा भी न लूँगा । मैं अकेला ही चलूँगा ।। दीन दिखलाना नहीं है, हाथ फैलाना नहीं है, सब अभावों में पलूँगा । मैं अकेला ही चलूँगा ।। वेदना दो मैं सहूँगा, “हर्ष है”, दुख में कहूँगा, इस तरह तुमको छलूँगा । मैं अकेला ही चलूँगा ।। घाव अपने कर... »

मैं ही रहूँगा…..

——————— तेरे दिल में याद बनकर समा जाऊँगा तेरी आँखों में नशा बनकर छा जाऊँगा कशिश की सरहद से दूर ना जा पाओग मैं खुशबू बनकर एहसास की———– ———–तेरी साँसों में घुल जाऊँगा ये तो सांसारिक बातेें हैं, कि….. मैं तुम्हारा रहा नहीं कभी– लेकिन— ख़्वाबों–ख़्यालों से छुड़ाओगे तुम पीछा कैसे—-? &... »

Raahe …. (Like a Song)

Raahe …. (Like a Song)

Sapno me Sapne Hajar Hai, Yaado me Tuhi Dildar hai. Hume Zindagi se hua Pyar hai, Tera-hi-tera Intjaar hai. Ronak to Dekho in Raaho ki tum, Apne se ab lagne lage Hum. Khuli ye wadi Mahka Chaman, Dilbar ki bato me Dil h Magan. Ab Hume Zindagi se hua pyar hai, Tera-hi-tera Intjaar hai. Sapno me sapne Hajar hai, Yaado me ab tuhi Dildar hai….. (For you my Tamatar) »

जिंदगी जिंदगी जिंदगी जिंदगी।

जिंदगी जिंदगी जिंदगी जिंदगी। बेबसी बेबसी बेबसी बेबसी।। , ख्वाहिशे ख्वाहिशें ख्वाहिशे ख्वाहिशे। कुछ नहीं कुछ नहीं कुछ नहीं कुछ नहीं।। , काफिले काफिले काफिले काफिले। हम नहीं हम नहीं हम नहीं हम नहीं।। , मंजिलो से फासले मंजिलोे से फासले। गम नहीं गम नहीं गम नहीं गम नहीं।। , ख्वाब ही ख्वाब है ख्वाब ही ख्वाब है। हर जगह हर पहर हर घडी हर घडी।। , रातो में काँपना काँपना जागना जागना। थी भूख भी ठंड भी मुफलिसी ... »

“चिड़िया”

“चिड़िया” चीं चीं करती चिड़िया आती अम्बर ऊपर घोसला बनातीं | पानी जहां पर वहाँ मडरातीं औ जमी से उड़ -उड़ जाती | »

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