Hindi-Urdu Poetry

तेरे न होने का वज़ूद

एक तू ही है जो नहीं है बाकि तो सब हैं लेकिन… तेरे न होने का वज़ूद भी सबके होने पे भारी है मुझे भी जैसे तुझे सोचते रहने की एक अज़ीब बीमारी है। नहीं कर सकता आंखे बंद क्योंकि तेरा ही अक्ष नज़र आना है उसके बाद तब तक जब तक मैं बेखबर न हो जाऊ खुद के होने की खबर से और अगर आंखे खुली रखूँ तो दुनिया की फ्रेम में एक बहुत गहरी कमी मुझे साफ नज़र आती है जो बहुत ही ज्यादा चुभती चली जाती है क्योंकि उस फ्रेम में... »

SHAYARI

उसके चुप रहने का अंदाज़ बहुत कुछ कहता है इशारो की बातें हैं कोई लफ्ज़ भी इतने सलीखे से नहीं कहता है। »

कुछ भी नहीं

कुछ भी नहीं

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“Darta Hun Kahin Kho Na Dun”- अपने अधुरे प्यार को एक बार जरूर सुनना…,

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prem samandar hota hai

ऊपर से कुछ दिख न पाए , अंदर अंदर होता है गहराई में नप न पाए , प्रेम समंदर होता है लोगो ने है कितना लूटा प्रेम तो फिर भी पावन है जिसमे आंख से आंसू छलके, प्रेम वो सूंदर होता है प्रेम का देखो साधक बनकर, व्याकुल ब्यथित कबीरा है लोक लाज को त्याग के नाची , प्रेम दीवानी मीरा है बिन देखे ही बिन परखे ही करते लोग समर्पण है दिल में तक जो घाब बनादे ,पेना खंजर होता है सहज सहज सा भलापन है ,सहज है इसमें कठिनाई प... »

कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामना

तन को दीप बनाय के, मन में ज्योति जलाय मोती हरि आरत करें, जीवन भोग लगाय मोहक मन भावन छवि, मेघ वर्ण अति रूप मृगी नयन कोमल बदन, लज्जित मदन अनूप रूप राशि मुख चन्द्र सों, चकाचौंध चहुँ लोक चकित होय चित्रवत खड़े, मोती मुदित बिलोक किलकारी कान्हा सरस, सुन सुर मुदित अघाय खिला बसंत ब्रज भूमि वन, जलद सरस चहुँ छाय »

एक राह अक्सर चलोगे

एक राह अक्सर चलोगे

एक राह अक्सर चलोगे मिले न मिले तुम याद अक्सर करोगे, हम गुमसुम बैठे अगर तुम बात अक्सर करोगे , नुमाइश होगी कुछ अगर पूछ लेना हमसे , हमारी याद आये तो तुम बात अक्सर करोगे, ज़िन्दगी की पहल भी अजीब है, जीने की राह मिल जाये तो तुम साथ अक्सर चलोगे, तुम्हे नहीं पता नाम हमारा , तुम बिन नाम के भी याद अक्सर करोगे , कभी भूल जाऊ रास्तें या चहेरे कही, तुम यादों में आकर साथ अक्सर चलोगे, मुझे नहीं पता ये मौत कब गले ... »

माफ़ करना

माफ़ करना

माफ़ करना कुछ कहे कभी दिल दुखाया तो माफ़ करना , दर्द दिल को कभी पहुंचाया तो माफ़ करना , हसरत तो नहीं हमारी , देने को कोई गम की , पर आँखों को कभी रुलाया तो माफ़ करना , बोल जाते है कुछ शब्द आग़ोश में , उन् शब्दों को दिल से लगाया तो माफ़ करना , अरमान बहुत है रब तुझसे ,इबादत करना , उस वक़्त में गुस्ताख़ ऐ दिल आज़माया तो माफ़ करना , मुमकिन नहीं मिलना हर चाह ज़िन्दगी की, पर कोशिश ही न करू में, तो खुदा तू माफ़ करना ... »

उलझन

गोली चली थी उस रात, हमारे इरादों की छाती पर मर गयी हमारी हमदर्दी, शहनाई की ख़ामोशी सुनकर. ज़िद्दी दिलो और भोले विचारो के संग निकले थे हम कुछ साबित करने, किंतु राह में कही खो गए हम, सखा जो दुशमन बन गए. अकेली सी संसार, और सिर्फ एक खिलाडी कैसी पहली हैं यह प्यास और अजीब यह ज़िंदगानी. »

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