शहीदी काव्य प्रतियोगिता

जब छूटेंगे हम तीरों से

कितने भी जुल्म तुम कर लो, बांध दो कितनी ही जंजीरो से मिटा देंगे तेरी हस्ती पल भर में जब छूटेंगे हम तीरों से »

नमन वीर

भारत माँ के प्यारे वीरो मेरा आप सबको प्रणाम है जो हो गए शहीद, देश की खातिर वीर तुम्हे सलाम है घर छोड़ा ,संग छोड़ी मोह माया सर्वस्व निछावर कर दिया ऐसे मेरे भारत के वीरों मेरा शत शत प्रणाम है आँधी झेली तूफ़ां झेले झेलीं राहों में मुश्किलें फिर भी अडिग खड़े रहे तुम देश की सीमा पर डटे हुए नमन करें हम उन सबको मिलकर जिनके खातिर हम सलामत हैं चैन की नींद से सुला रहें हैं खुद रातों को जाग रहें।। »

Teri yado ke sahare

कब तक जिए हम तेरी यादों के सहारे तेरे बिना नींद भी आती नहीं यादों के सहारे तेरे बिना जीना नहीं ये माना था मैंने पर तेरे बिना पड़ेगा जीना ये न जाना था मैंने, तेरे ख्वाबों को सजा कर एक-एक पल संजोए थे मैंने , पर सब बिखर कर रह गए वह सपने हमारे , अब पड़ेगा जीना तुझ बिन हमारी निशानी के लिए , देना पड़ेगा हम दोनों का प्यार उन्हें जीने के लिए, तिल तिल जोड़कर जिंदगी भर लगाया आपने , खुशियों की तमन्ना जीवन भर... »

Teri yado ke sahare

कब तक जिए हम तेरी यादों के सहार तेरे बिना नींद भी आती नहीं यादों के सहारे तेरे बिना जीना नहीं ये माना था मैंने पर तेरे बिना पड़ेगा जीना ये न जाना था मैंने, तेरे ख्वाबों को सजा कर एक-एक पल संजोए थे मैंने , पर सब बिखर कर रह गए वह सपने हमारे , अब पड़ेगा जीना तुझ बिन हमारी निशानी के लिए , देना पड़ेगा हम दोनों का प्यार उन्हें जीने के लिए, तिल तिल जोड़कर जिंदगी भर लगाया आपने , खुशियों की तमन्ना जीवन भर ... »

teri yado ke sahare

कब तक जिए हम तेरी यादों के सहारे, तेरे बिना नींद भी आती नहीं यादों के सहारे, तेरे बिना जीना नहीं ये माना था मैंने, पर तेरे बिना पड़ेगा जीना ये न जाना था मैंने, तेरे ख्वाबों को सजा कर एक-एक पल संजोए थे मैंने , पर सब बिखर कर रह गए वह सपने हमारे , अब पड़ेगा जीना तुझ बिन हमारी निशानी के लिए , देना पड़ेगा हम दोनों का प्यार उन्हें जीने के लिए, तिल तिल जोड़कर जिंदगी भर लगाया आपने , खुशियों की तमन्ना जीवन... »

Pulbama

छोड़कर मुझे तुम इतनी जल्दी क्यों चले गए , अभी तो सुख के पल आए ही थे अभी ही चले गए , जाने किसकी बुरी नजर लगी सब सपने अधूरे कर चले गए, जी रही हूं तुझ बिन अधूरी अधूरे सपने लिए , जी रही हूं तेरी यादों के सहारे तेरे अधूरे ख्वाबों के लिए, जी रही हूं तेरी निशानी के सहारे बस सिर्फ उनके लिए , हसरत थी साथ जीने साथ मरने की पर हो ना सका ये, तू ही बता कैसे जियूं मैं तुझ बिन अपनों के लिए, तेरी कही हर बात याद आत... »

Adamya sahas ki pahchan

अदम्य साहस की पहचान, भारत के ये वीर जवान , मातृभूमि की रक्षा के लिए, जान हथेली पर रखकर, ये कर देते जीवन कुर्बान, ये है अभिनंदन जैसे वीर जवान , हमारे पूज्य है ये वीर जवान, पर है कुछ लोग यहां के , जो दाव लगा देते हैं वतन का सम्मान , जो दे रहे हैं जाने अनजाने साथ पाक का, यह वक्त नहीं है राजनीति का , यह वक्त नहीं है सबूत मांगने का, यह वक्त है हौसला बढ़ाने का , जरा होश में आओ वतन के लोगों, छोड़कर सब अप... »

Adamya sahas ki pahchan, Bharat ke ye vir jawan.

अदम्य साहस की पहचान, भारत के ये वीर जवान , मातृभूमि की रक्षा के लिए, जान हथेली पर रखकर, ये कर देते जीवन कुर्बान, ये है अभिनंदन जैसे वीर जवान , हमारे पूज्य है ये वीर जवान, पर है कुछ लोग यहां के , जो दाव लगा देते हैं वतन का सम्मान , जो दे रहे हैं जाने अनजाने साथ पाक का, यह वक्त नहीं है राजनीति का , यह वक्त नहीं है सबूत मांगने का, यह वक्त है हौसला बढ़ाने का , जरा होश में आओ वतन के लोगों, छोड़कर सब अप... »

पुलवामा

लकड़बग्घे से नहीं अपेक्षित प्रेम प्यार की भीख, किसी मीन से कब लेते हो तुम अम्बर की सीख? लाल मिर्च खाये तोता फिर भी जपता हरिनाम, काँव-काँव हीं बोले कौआ कितना खाले आम। डंक मारना हीं बिच्छू का होता निज स्वभाब, विषदंत से हीं विषधर का होता कोई प्रभाव। कहाँ कभी गीदड़ के सर तुम कभी चढ़ाते हार? और नहीं तुम कर सकते हो कभी गिद्ध से प्यार? जयचंदों की मिट्टी में हीं छुपा हुआ है घात, और काम शकुनियों का करना होता ... »

सरहद के शहीद

वीर थे अधीर थे सरहद के जलते नीर थे, इस देश के लिए बने तर्कश के मानो तीर थे, भगतसिंह राज गुरु सहदेव ऐसे धीर थे, बारूद से भरे हुए ये जिद्दी मानव शरीर थे। इंकलाब से हिलाये दिए अंग्रेज चीर थे, स्वतंत्रता संग्राम में फूँके सहस्र शीष थे, इतिहास के पटल पे छोड़े स्वर्णिम प्रीत थे, तिरंगे में लिपटके बोले वन्दे मातरम् गीत थे।। राही अंजाना »

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