मुखौटा

mukhotta

es kaach ke ashiyane main dar pathar ka nahin pratibimb ka hain mukhotte ki aar main chipa chehra mera hain ya kisi aur ka hain zindagi ki hodh main pagla chala kis aud logon ne kaha haso toh has diye  mudhon toh mudh diye zindagi ke paristhion main mukhotte ka hi sahara hain khud ke chehre se mukhotte se hi ashiyana hain »

दर्द

मुखौटे सजाये फिर रहे हो आजकल. दिल में जख्म़ लिये जिये जा रहे हो. हर किसी ने ओढ़ रक्खा मतलबी नकाब. एक दुशरे को दर्द दिये जा रहे है। न मंसूबा मेरी जवां हसरतें मुल्तवी हो रही. मेरी ख्वाहिशे मुखौटा बन गई है। हसता हूंँ, सिर्फ हसाने को आपकों. भला कौन हँसे मुखौटे लिऐ. हम नकाब लिए जिये जा रहे. अवधेश कुमार राय “अवध” »

मुखौटा

बड़े सलीके से मुखौटे के पीछे वो अपना चेहरा छुपा लेता है, अपनों की हंसी की खातिर वो अपना दर्द भुला लेता है, कितना मुश्किल है किरदार उस गरीब का यारों, जो गरीबी की एक चादर में अपना जीवन गुजार लेता है, यूँही होती नहीं पहचान उस जिस्म के अक्स की हमसे, जिस चेहरे से मुखौटे वो अपना आईना उतार लेता है।। राही (अंजाना) »

Mukhota

Kiya h aik asl antr insaan or asli janwr me Iska bodh krata h hme mukhota. M ho sktisali, blwan M ho hr cheej me bda or too h chota Yhi to h asli mukhota Ye mukhota koi cheti mele me ni milte Are ye to bo h Jiski aad me rhkr hi ab hr aik insan ka chra h khilta Meri mano to otar do duniya balo Ye jhoot dikhawa or nhfrt ka mukhota Brna Bo din door na hoga jis din teyar ho jayega tumhari asthiyo ka l... »

Sccha jhoot

Do trh ke hote hn mukhote Aik ko phnkr khud ko dikhate h bdda Orr Dusre ko phnkr kuch khud hi bn jate hn chote In mukhoto ka istemal hota h hr jgha Fir chahe bo gaab ho shr ho film jgt ho ya ho fir dekh ki sima Aik mukhote ne bccha rkha h deish To aik ne kr rkha h muskil dusre ka jina »

Mukhota ka asli chra

Scchai ko chupata h mukhota Boorai ka jhnda fhrata h mukhota Asliyt iske samne dikhai ni deti Or jhoot ka to surkhcha kbchh hota h mukhota Isse phnne se bn jate h log duniya ki njr me hero Or jo na phnne bo to aisa h Jeise ki log poochte h Akhir kisne bnaya tha zero »

मुखौटा

सादर नमन ‘सावन’ २/२/२०१८ शीर्षक- ‘मुखौटा’ ———————————————– चहरे पर चहरे का खेल है, सूरत सीरत से बेमेल है, कोई हमको नहीं भाता, किसी को हम नहीं भाते, जाहिर सी बात है साहेब, मुखौटे बदलने के हुनर, हमको नहीं आते, एक दिन ज़िन्दगी ने हमसे ही पूछ लिया, क्या तुझे जिंदगी जीने के हुनर नहीं आते?? दुनिया संगदिल, जेब ... »

मुखौटा

सब मुखौटा है लगाए फिर रहे और सच को सब छिपाए फिर रहे एक वो है कुछ बताता ही नही एक हम है सब बताए फिर रहे लोग पैसो के लिये है बावले और रिश्तो को भुलाए फिर रहे कामयाबी से मेरी हैरान सब दांतो में उगंली दबाए फिर रहे मर मिटेगें एक दिन दिल में लिये दर्द जो दिल में दबाए फिर रहे हाल वो ही पूँछते है अब लकी देख लो जिनके सताए फिर रहे »

मुखौटा

इक मुखौटा है जिसे लगा कर रखता हूं जमाने से खुद को छुपा कर रखता हूं दुनिया को सच सुनने की आदत नहीं सच्चाई को दिल में दबा कर रखता हूै बस रोना आता है जमाने की सूरत देखकर मगर झूठी हंसी चेहरे से सटा कर रखता हूं आयेगी कभी तो जिंदगी लौट के मेरे पास इंतजार में पलके बिछा कर रखता हूं आज इक नया मुखौटा लगा कर आया हूं मैं कई सारे मुखौटा बना कर रखता हूं »

मुखौटा

नक़ली चैहरो के नक़ली शहर में घूम रहे लिए नक़ली मुखौटा, मन में राम बगल में छुरी ,राम राम की माला जपता मुखौटा। दुनिया की भीड़ में शामिल हों, ईमानदारी की रस्में भूला, हर लम्हा लम्हा लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहा मुखौटा। परिंदे शुक्रगुजार हैं पेड़ों के, तिनका तिनका कर घरौंदा बुनता, अपने को विश्वास में लेकर कितनों की जिंदगी गुमनाम कर रहा मुखौटा। मुखौटों के पीछे कितने बदरंगी चैहरो की असलियत है छिपी... »