Bullesha

Bulesha saudayi,
Ab sahi nahin jati yeh judai,
Mujhe rab se mila,
Usse mila,

Meri aasiqee woh hain,
Meri tishnagi woh hain,
Meri rooh main woh hain,
mere har aghas main woh hain,

Main ki kara,
jitna dur bhagu,
woh aa kar takra jati hain,
apney ap se ab bhagna bhi,
kyun jaruri ho jati hain

Bulesha saudayi,
Ab sahi nahin jati yeh judai

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