Aye asman

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मत रो ऐ आसमान यूँ बिखर के ऐसे , थम जा जरा !
गम का बस एक किस्सा सुनाया था , अभी तो पुरी कीताब बाकी है !!

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5 Comments

  1. Wahid Husaian Qazi - July 27, 2018, 9:13 pm

    Nice

  2. Mahtab - July 27, 2018, 11:28 pm

    aye dile nadan tujshe hua kya hai……haha…

  3. राही अंजाना - July 28, 2018, 10:46 am

    Sahi

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