Yogesh Chandra Goyal, Author at Saavan's Posts

हँसकर जीना दस्तूर है ज़िंदगी का

हँसकर जीना दस्तूर है ज़िंदगी का एक यही किस्सा मशहूर है ज़िंदगी का बीते हुए पल कभी लौट कर नहीं आते यही सबसे बड़ा कसूर है ज़िंदगी का जिंदगी के हर पल को ख़ुशी से बिताओ रोने का समय कहां, सिर्फ मुस्कुराओ चाहे ये दुनिया कहे पागल आवारा याद रहे, जिंदगी ना मिलेगी दोबारा »

ये दोस्ती

मेरी दोस्ती पर लिखी ये कविता, दोस्तों को समर्पित ये दोस्ती अल्हड़पन के लंगोटिये, ५० साल से साथ चल रहे हैं दोस्ती की किताब में रोज़, नये अध्याय लिख रहे हैं हमारी दोस्ती जगह, जाति, धर्म, वंश से अनजान है विद्वानों की फौज का जीवन में अहम् योगदान है सभी एक दूसरे की शान है, आधार जैसी पहचान है सब दोस्त जब तक साथ है, हर मुश्किल आसान है दो हज़ार का पता नहीं, कभी दो रूपए को लड़ते थे खाई में धकेल कर, बचाने भी खु... »

निराशा बोल रही है

माफ़ करना, ये मैं नहीं, मेरी निराशा बोल रही है नासमझ, मेरी सहनशीलता को, फिर तोल रही है सुकून गायब है, ज़िंदगी उलझी २ सी लग रही है कोशिशों के बाद भी, कोशिश, बेअसर लग रही है मंजिल तक पहुँचने की कोई राह नज़र नहीं आती जूनून दिल में बरकरार है, निराशा घर कर रही है सीधी सच्ची मौलिक बात, इन्हें समझ नहीं आती मेरी कोई कोशिश, किसी को भी, नज़र नहीं आती मेरी कोशिश में ये लोग अपनी पसंद क्यूं ढूंढते हैं उनकी पसंद से... »

आवाज को नहीं, अपने अलफ़ाज़ को ले जाओ बुलंदी पर

आवाज को नहीं, अपने अलफ़ाज़ को ले जाओ बुलंदी पर बादलों की गरज नहीं, बारिश की बौछार फूल खिलाती है »

जलने और जलाने का बस इतना सा फलसफा है

जलने और जलाने का बस इतना सा फलसफा है फिक्र में होते है तो खुद जलते हैं बेफ़िक्र होते हैं तो दुनिया जलती है »

मुझ पर दोस्तों का प्यार

मुझ पर दोस्तों का प्यार, यूँ ही उधार रहने दो बड़ा हसीन है ये कर्ज, मुझे कर्जदार रहने दो »

ये कमबख्त दोस्त, उम्र की चादर खींच कर उतार देते हैं

ये कमबख्त दोस्त, उम्र की चादर खींच कर उतार देते हैं ये कमबख्त दोस्त ही है, जो कभी बूढा नहीं होने देते हैं दोस्तों से रिश्ता रखा करो जनाब, तबीयत मस्त रहेगी ये वो हकीम हैं जो अल्फाज से इलाज कर दिया करते हैं »

अपनी छाया में भगवन, बिठा ले मुझे

अपनी छाया में भगवन, बिठा ले मुझे (२) मैं हूँ तेरा तू अपना बना ले मुझे (२) अब मुझे गम का गम, ना ख़ुशी की ख़ुशी (२) है अंधेरा भी मेरे लिये रोशनी मैं जीयूं जब तलक (२), आजमा ले मुझे (२) मैं हूँ तेरा तू अपना बना ले मुझे अपनी छाया में भगवन, बिठा ले मुझे मैं हूँ तेरा तू अपना बना ले मुझे देखकर मैं किसी की ख़ुशी ना जलूं (२) राह इंसानियत की हमेशा चलूँ भूल जाऊं तो (२), जग से उठा ले मुझे (२) मैं हूँ तेरा तू अपना... »

किसी ने पूछा, दिल की खूबी क्या है

किसी ने पूछा, दिल की खूबी क्या है, हमने कहा, हजारो ख्वाहिशों के नीचे दबकर भी धड़कता है »

मुझे मंजूर नहीं है

मुझे मंजूर नहीं है १६ जुलाई २०१८ जग में अपने अस्तित्व को लेकर मैं हैरान हूँ इस जीवन का उद्देश्य क्या है, मैं अनजान हूँ आखिर मेरा जन्म हुआ क्यों है मैं परेशान हूँ तेरा यूं खामोश बने रहना मुझे मंजूर नहीं है तेरी मर्जी तेरी इच्छा, तूने चाहा, जन्म दिया तेरी मनमानी, जब तू चाहेगा उठवा भी लेगा ये जिंदगी तेरी चाहत है, पर मेरी मजबूरी है निरुद्देश्य ज़िंदगी बिताना, मुझे मंजूर नहीं है तुझसे साक्षात्कार को हम ... »

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