YAWAR KAFEEL, Author at Saavan's Posts

Nazm

” इंतज़ार ” सोचा भी न था मैंने वो मुलाक़ातें मेरे ख़्वाबों का मुक़द्दर बन जाएँगी उसकी बातें, उसकी यादें मुझे तड़पायेगी उसके नाम मेरी सांसों में बस जायेगा और __ हर रात मेरे ख़्वाबों में आके वो मुझसे पूछेगी ” यावर ” कब _____आओगे __ _________यावर कफ़ील »

जाने मेरा शुमार किन में करे है…. तू महफ़िल में ये हालत देखता नहीं मुझे _________________यावर कफ़ील »