Wahid Husaian Qazi, Author at Saavan - Page 2 of 2's Posts

बात वफ़ाओ की होती तो कभी न हारते

बात वफ़ाओ की होती तो कभी न हारते, बात नसीब की थी कुछ ना कर सके। »

मैने इक माला की तरह

मैने इक माला की तरह तुमको अपने आप मे पिरोया हैं, याद रखना टूटे अगर हम तो बिखर तुम भी जाओगे। »

बचपन के खिलौने सा

बचपन के खिलौने सा कहीं छुपा लूँ तुम्हें, आँसू बहाऊँ, पाँव पटकूँ और पा लूँ तुम्हें। »

हम वो ही हैं

हम वो ही हैं, बस जरा ठिकाना बदल गया हैं अब, तेरे दिल से निकल कर, अपनी औकात में रहते हैं। »

जरूरी नही कि हम सबको पसंद आए

जरूरी नही कि हम सबको पसंद आए, बस, जिंदगी ऐसे जीओ कि रब को पसंद आए। ? »

सबने कहा, बेहतर सोचो तो बेहतर होगा

सबने कहा, बेहतर सोचो तो बेहतर होगा, मैंने सोचा, उसे सोचूँ, इससे बेहतर क्या होगा। »

काश एक ख़्वाहिश

काश एक ख़्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर, वो आके गले लगा ले मेरी इज़ाजत के बगैर। »

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