Vijayanand V Gaitonde, Author at Saavan's Posts

अच्छे दिन…!

अच्छे दिन…! अच्छे लोग तो खुश हो ही रहे हैं अच्छे दिनों से ..!. आशा बहुत अच्छा जो हो रहा है और भी होगा…! बुरे लोगों के बुरे दिन आये हैं बरबादी के …! ना सुधरेंगे फंसे हुए जो हैं ये घूस लेकर …! सजा मिलेगी लूटा देश जिन्होंने उन्हें जरूर ..! देश भक्ति के दिन अब आये हैं खुशहाली के ..! ” विश्वनंद” An attempt at Haiku in Hindi (5,7,5). »

The “getting free” lure …..!.

The “getting free” lure …..!. A young family, Mr. John, his wife, two kids, Doing well for themselves, Staying in a small bungalow, Found one morning, Their new car missing, Stolen from garage where it was parking. Very upset, disheartened they investigated, searched, looked everywhere But the car was no where. “Immediately complain to the police”, was neighbors advice, sound & they helped the... »

“नाम” में प्रभू के हम, मस्त हो के जी रहे ……! (गीत)

नाम साधना के अभ्यास के दौरान उभरा हुआ यह गीत प्रस्तुत करने बहुत ख़ुशी महसूस कर रहा हूँ  ..! “नाम”  में  प्रभू  के  हम,   मस्त  हो  के  जी  रहे ……! (गीत)   हम  है  भक्त  “नाम”  के,   हम  तो  मस्त  हो  लिए, “नाम”  में  प्रभू  के  हम,   विश्वमन  में  खो  लिए, “नाम”  में  प्रभू  के  हम,   मस्त  हो  के  जी  रहे ……! “नाम” में   प्रभु  के  हम ,  मस्त  हो  यूं   गा  रहे ……! &nb... »

सारी दुनिया का यही, क्यूँ है ये हाल सही..….!(गीत)

सारी दुनिया  का  यही,  क्यूँ  है  ये  हाल  सही..….! (गीत) सारी दुनिया  का  यही,  क्यूँ  है  ये  हाल  सही, बाँहों  में  और  कोई,   ख्यालों  में  और  कोई… ख्यालों  में  और  कोई,   बाँहों  में  और  कोई..…. यारों,   जिसे  कहते  वफ़ा,   वो  क्या  है  वफ़ा  सही, वफ़ा  ख़ुद  से  बेवफाईi,   तो  ये  कैसी  वफा,  भाई…. सारी  दुनिया  का  यही,  क्यूँ  है  ये  हाल  सही, बाँहों  में  और  कोई,   ख्यालों   में  और  क... »

तेरे गीत प्यार के हैं सुख मेरा …..! (गीत)

तेरे गीत प्यार के हैं सुख मेरा …..! (गीत) मै तो पहले गाता न था, गीत क्या है ये न जानता, तुझसे प्यार क्या हुआ, दिल मेरा चहक उठा, अब तेरे ही गीत गा रहा, तेरे गीत गुनगुना रहा …..! जाने क्या है पाया तेरी भोली आंखों में, रात दिन जो तरसूँ  मैं इन्हें ही  देखने, मुझपे अपनी रहम नजर कर ज़रा….! मैं तो पहले गाता न था….! कब से तेरे प्यार में  मैं जी रहा मगर, कैसे मानूँ तुझको  ही नहीं है ये ख़बर, मेरी दिल की बा... »

भजनों में, पूजन में, हे गणराजा … ! (भक्ति गान )

भजनों में, पूजन में, हे गणराजा … ! (भक्ति गान ) भजनों में, पूजन में, मगन है मन हमरा, हम और हमरा सबकुछ, हे गणराजा है तुम्हरा……! जो हमरा है आता, वो तोसे ही आता, जो हमरा है जाता , वो तोका ही जाता, हमरा ना यहाँ कुछ भी, बस तू ही इक हमरा, हम और हमरा सबकुछ, हे गणराजा है तुम्हरा……! हमरा लगता हम ही करते हैं सारा काम, काम में भूल जाते हम लेना तोरा नाम, तोरी कृपा से ही तो, चले काज ये सब हमरा, हम और हमरा सबकु... »

दुनिया हमारे दम से है …..!( गीत )

दुनिया हमारे दम से है …..! बदले हज़ार बार ज़माना तो गम नहीं, दुनिया हमारे दम से है, दुनिया से हम नहीं …..! क्यूँ फ़िक्र है तुम्हे मेरे यारों बेकार की, मंजिल मिलेगी आ के खुद, जो मंजिल का गम नहीं, दुनिया हमारे दम से है, दुनिया से हम नहीं …..! दुनिया की न परवाह, तो दुनिया बेजार है, आ कर मनाएगी तुम्हें, तुम मानो या नहीं, दुनिया हमारे दम से है, दुनिया से हम नहीं …..! चाहे सताए लाख ज़माना हमें तो क्या, खुशि... »

तेरे ही आसपास कल्पना कवि की है,…..! (गीत)

तेरे ही आसपास कल्पना कवि की है,…..! (गीत) तेरे ही आसपास कल्पना कवि की है, कल्पना कवि की है, वंचना कवि की है, वंचना कवि की है, वंदना कवि की है ……..! तू स्फूर्ति है कवि की, प्रणयमूर्ती तू ही है, तू ही कमी कवि की, और तू ही पूर्ति है तेरे ही आसपास कल्पना कवि की है……! कितने कवि जगाये तूने, उच्चपद चढा दिए, कितने कवि बनाए, जो कि बन के व्यर्थ हो गए, तू ही उदय कवि का, और तू ही अस्त है ….! तूने खिलाये फूल ह... »

चला खुद को लेकर न जाने कहाँ …!

चला खुद को लेकर न जाने कहाँ …! चला खुद को लेकर न जाने कहाँ, अनजाना सफ़र ये, न जाना जहाँ ……! समझ जब ये आया, समझता हूँ मैं, जाना समझता न कुछ भी यहाँ. ……! यहाँ जानना क्या और क्या जानूँ मैं, कहाँ किससे पूंछूँ समझ ये कहाँ. …….! इसी भ्रम में लेकर हूँ खुद को चला, न जानू क्या खोया, क्या पाया यहाँ …..! ये क्या सोचकर मैं भी लिखता हूँ ये, क्या लिखकर पता कुछ मिलेगा यहाँ …? उम्मीद में हूँ पता कुछ चले कहा... »

बेकार की ये बेचैनी है …..!

अपनी  बेचैनी और घबराहट की निरर्थकता पर उभरी हुई इस  रचना ( गीत) को  इसके podcast के साथ प्रस्तुत और share करने बहुत खुशी महसूस कर रहा हूँ  ……   बेकार की ये बेचैनी है ….! बेकार की ये बेचैनी है, बेकार की सब घबराहट है, तुम इससे विचलित मत होना, ये अपने सोच की खामी है ….. रहता इनमें कुछ तथ्य नहीं, मन की ही ये मनमानी है, मन की ही ये शैतानी है……! सोचो ये कौन ठिकाना है, ये जग ही मुस... »

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