सुरेश, Author at Saavan's Posts

मैं अकेला ही चलूँगा

मैं अकेला ही चलूँगा । शीश पर तलवार मेरे, पाँव में अंगार मेरे, या काटूँ या फिर जलूँगा । मैं अकेला ही चलूँगा ।। तुम न मेरा साथ देना, हाथ में मत हाथ देना, अब सहारा भी न लूँगा । मैं अकेला ही चलूँगा ।। दीन दिखलाना नहीं है, हाथ फैलाना नहीं है, सब अभावों में पलूँगा । मैं अकेला ही चलूँगा ।। वेदना दो मैं सहूँगा, “हर्ष है”, दुख में कहूँगा, इस तरह तुमको छलूँगा । मैं अकेला ही चलूँगा ।। घाव अपने कर... »