Sujata Tiwari, Author at Saavan's Posts

दहेज

दहेज

मेरे माथे को सिंदूर देके मेरे विचारों को समेट दिया मेरे गले को हार से सजाया पर मेरी आवाज़ को बांध दिया मेरे हाथों मे चूड़ियों का बोझ डालके उन्हें भी अपना दास बना दिया मैं फिर भी खुश थी मुझे अपाहिज किया पर थाम लिया मेरे पैैरों में पायल पहनाई और मेरे कदमों को थमा दिया मैं फिर भी खुश थी कि मेरा संसार एक कमरे में ला दिया पर आज मुझे मेरा और मैं शब्द नहीं मिल रहे शायद वो भी दहेज में चले गये… »