Saurabh Dhrma, Author at Saavan's Posts

Kho jaunga khin m aik din

Kho jaunga khi m aik din Bo jaunga kuch to m aik din Hounga na jane kha m So jaunga khin m aik din. Pta to h ki kiya hdd h meri, Pr dr h khin todd na jau ose aik din. Nhi h prbha mujhe iss duniya ki Khta hu khud se hr aik din Ha janta hu m ki, So jaunga khin m aik din… »

सबसे बढ़कर देश की शान

छोड़ चुके थे, जीवन अपना जीने की वो आशा मे। तोड चुके थे, अपना हर सपना सपनो की वो, आशा मे। अनेक हुए बलिदान ओर, कई ने दे दी अपनी जान लेकिन ठान उन्होंने रखा था कि, सबसे बढ़कर देश की शान। न देखा था धर्म उन्होंने, न ही किया था, जातिवाद उखाड़ उन्होंने फैका था, इस भूमि से आतंकवाद। तब स्वतन्त्र हुआ था, भारत मेरा पर कुछ लोगो ने इसे फिर बखेरा। अब तो शहीदो की भांति हसते – हसते दे दूंगा अपनी जान क्योंकि ... »