Sakshi Chandra, Author at Saavan's Posts

मंजिल का रास्ता

हम जब भी थके तो मंजिल को पास बुला लिया। कूछ रास्ता हमने तय किया तो कूछ मंंजिल ने, दोनों ने मिलकर अपना तकदीर बना लिया।। »

हम तो नयन बंद कर बैठे थे

हम तो नयन बंद कर बैठे थे, आपने हमे ऑखे खोलना सिखाया। हम तो सिर्फ सोना ही जानते थे, आपकी संगत ने हमें जीना सीखा दिया।। पर फक्र न करना ऐ मेरे मालिक, हमें जगाकर आप न जाने कहाँ खो गए। हमारी दुआ पूरी कर खुद ही हमारी दुआ बन गए।। »