Rajmati, Author at Saavan's Posts

मुखौटा

नक़ली चैहरो के नक़ली शहर में घूम रहे लिए नक़ली मुखौटा, मन में राम बगल में छुरी ,राम राम की माला जपता मुखौटा। दुनिया की भीड़ में शामिल हों, ईमानदारी की रस्में भूला, हर लम्हा लम्हा लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ कर रहा मुखौटा। परिंदे शुक्रगुजार हैं पेड़ों के, तिनका तिनका कर घरौंदा बुनता, अपने को विश्वास में लेकर कितनों की जिंदगी गुमनाम कर रहा मुखौटा। मुखौटों के पीछे कितने बदरंगी चैहरो की असलियत है छिपी... »