Priya Bharadwaj, Author at Saavan's Posts

हसासो का दरिया

लफ्ज ही है जो कतराते है कागज पर उतरने से वरना अहसासो का दरिया तो साथ लिये फिरते है »

गुमराह मोहब्बत

गुमराह मोहब्बत में हम गुमराह हो गए कोई राह न मिली कोई साथ न मिला मिली तो बस तनहाई जिसे साथ लेकर हम तन्हा चलते रहे »

गुजर गये बहुत दिन मुस्कुराये हुए

गुजर गये बहुत दिन मुस्कुराये हुए अब खुदा ने भी सोचा कि कुछ खुशियां इकट्टी की जायें और दुनिया में बांट दी जायें 🙂 🙂 »