Pradeep, Author at Saavan's Posts

भूल जाना मोहब्बत को मुमकिन नही

भूल जाना मोहब्वत को मुमकिन नही भूल जाने की तुम यूँ ही जिद्द न करो अश्को को तुम छुपा लोगे माना मगर इन नजरों को कैसे संभालोगे तुम ये होठो की लाली झूटी सही इन सांसों को कैसे संभालोगे तुम ये आएंगी मिलने की रुत फिर वही सच मे मिलने कभी भी न आओगे तुम इस दिल की मुझे क्या पता क्या कहूँ बिन मेरे जिंदगी क्या बितालोगे तुम इस दुनियां में फिर मिल गए हम कभी खुद को खुद से ही कैसे छुपा लोगे तुम के इतना आसां नही ये... »

ग़ालिब

ग़ालिब के जन्मदिन पर सभी शायरों, कवियों को हार्दिक शुभकामनाये… ग़ालिब ये किस जहान में तू हमे छोड़ गया है ना सच्चाई है ना अफसाने ना यार रहे ना दीवाने @प्रदीप सुमनाक्षर »