Pradeep, Author at Saavan's Posts

मुझसे अब वो बड़ी तंगदिली से मिलता है

मुझसे वो अब बड़ी तंगदिली से मिलता है ऐसे लगता है जैसे किसी अजनबी से मिलता है।। अब उसके मिलने में वो पहली जैसी बात कहाँ जमाने को दिखाने को ही शायद गले मिलता है।। ये तो हम ही है जिसे सब बेवफा समझते है उसका जिक्र अब भी वफ़ाओं की किताबो में मिलता है।। उसकी आँखों मे अब भी भरी है नमी प्यार की फिर भी वो बड़ा मुस्कुरा के मिलता है।। रिश्ते कब के तल्ख हुए जो थे हमारे दरमियां फिर भी वो आ सबसे पहले हमी से मिलता ... »

जलन

चिरागों की बात मत करो उनका काम जलना है जब तन्हा मैं होता हूँ मेरे साथ जलते है जब साथ होती हो तुम मेरे हमें देख ये सारी रात जलते है बे बात जलते है @प्रदीप सुमनाक्षर »

दिल मे क्या दर्द है

दिल मे क्या दर्द है बताऊं क्या बोलो सहारा दोगे दिखाऊँ क्या।। आंखों में सन्नाटा नही ये आग है बोलो बुझाओगे करीब आऊं क्या।। तन्हाइयां बसी है मेरी दुनिया मे घंटियां बजाओगे लगवाऊं क्या।। होठों पे नाम नही है किसी का भी अपना रचाओगे रचवाऊं क्या।। नजरें खामोश है मेरी वर्षो से बोलना सिखाओगे मिलाऊँ क्या।। दिल धड़कता नही अब सीने में धड़काओगे दिल मे बसाऊं क्या।। ख़्वाबों में मेरे कोई नही आता तुम आओगे बिस्तर लगवाऊ... »

भूल जाना मोहब्बत को मुमकिन नही

भूल जाना मोहब्वत को मुमकिन नही भूल जाने की तुम यूँ ही जिद्द न करो अश्को को तुम छुपा लोगे माना मगर इन नजरों को कैसे संभालोगे तुम ये होठो की लाली झूटी सही इन सांसों को कैसे संभालोगे तुम ये आएंगी मिलने की रुत फिर वही सच मे मिलने कभी भी न आओगे तुम इस दिल की मुझे क्या पता क्या कहूँ बिन मेरे जिंदगी क्या बितालोगे तुम इस दुनियां में फिर मिल गए हम कभी खुद को खुद से ही कैसे छुपा लोगे तुम के इतना आसां नही ये... »

ग़ालिब

ग़ालिब के जन्मदिन पर सभी शायरों, कवियों को हार्दिक शुभकामनाये… ग़ालिब ये किस जहान में तू हमे छोड़ गया है ना सच्चाई है ना अफसाने ना यार रहे ना दीवाने @प्रदीप सुमनाक्षर »