Neha, Author at Saavan's Posts

जब से देखा चेहरा तेरा

जब से तेरा चेहरा क्या देख लिया इन आँखों ने किसी और को पलकें उठा के देखना ही नही चाहतीं ।। »

तेरा चेहरा

एक तेरा ही तो चेहरा है जिसको देख लूँ तो तो मेरा पूरा दिन बन जाता है।। »

यकीन रख बन्दे

आज रात है तो कल सवेरा भी होगा यकीन रख बन्दे जो होगा सब सही होगा।। »

वक़्त

कभी कभी वक़्त ऐसा आता है कि हम उसको जाने नही देना चाहते और कभी ऐसा वक़्त भी आता है जिसको हम आने नही देना चाहते लेकिन वक़्त तो वक़्त है समय के साथ ही चलता चला जाता है चाहे वो सुख का हो या दुःख का सबके सामने आता ही आता है।। »

काश मैं होती तितली रानी

काश मैं होती तितली रानी सबके मन को भाया करती रंग बिरंगे पंखों से मैं बच्चों को भी खूब लुभाती दुनिया भर में घूमा करती न कोई बंधन में मैं बंधती खुले गगन की सैर हो जाती फूल फूल का रस पी जाती कोई भी सीमा लाँघ मैं जाती अपने प्यारे पंखों का रंग तुम्हारे हाथ भी छोड़ मै जाती।। »

मौका

मौका तो दो एक बार खुद को सही साबित करने का क्यों दूसरों से सुनी बातों पर विश्वास कर बैठते हो।। »

काश सपने हकीकत हो जाएँ

काश मेरे सपनों को हकीकत की शक्ल मिल जाये बिन पंखों के आसमान छूने का हौसला मिल जाये यूँ तो खोये रहते हैं दिन भर खवाबों में ही शायद फिर कुछ हकीकत में जीना सीख जाएँ।। »

अंक सात का ईश्वरीय खेल

ईश्वर ने भी अंक सात को बड़ा ही शुभ बनाया है सात दिनों में इस जगत का सुन्दर निर्माण कराया है संग सात फेरों के लेकर रिश्ते वचन निभाते हैं सात दिनों के एक सप्ताह का सुन्दर मेल बनाया है इंद्रधनुष में सात रंग का अद्भुद खेल रचाया है वही सात सुरों से मिलाकर मधुर संगीत बनाया है सात ही हैं अच्छाई जगत में और सात ही हैं बुराई सात ही हैं पूजनीय हमारे सात ही हैं इंसानी बुराई।। »

आइना

ये मेरे आइने को भी आजकल न जाने क्या हो गया है मेरी छवि को छोड़ कर आपकी छवि दिखाने लगा है।। »

क्यों

क्यों जन्म लेने से पहले ही, मार देते हो मुझको क्या मुझको हक़ नही, इस दुनिया में जीने का भूल गए हो तुम, ज़रा अपनी आँखों को खोलो गौर से देखो तुम्हें भी किसी औरत ने ही जन्मा होगा न होते तुम भी इस धरती पर, गर तुम्हारी माँ के साथ भी किया होता ऐसा।। »

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