Neetika sarsar, Author at Saavan's Posts

आँखों से बहता पानी…

आँखों से बहता पानी…

आँखों से बहता पानी कहाँ एक सा होता है कभी खुद के लिए रोता है, कभी खुदा के लिए रोता है ! कभी कुछ पा के रोता है , कभी कुछ खो के रोता है ! कभी किसी की यादो मे रोता है , कभी किसी को याद करके रोता है ! कभी खतों मे रोता है , कभी ख़ता करके रोता है ! कभी आँखो से पानी टपकाकर रोता है , कभी दिल मे छुपकर रोता है ! रोता है जब भी दर्द का अहसास कराकर रोता है ! »

आज फिर …

कुछ लिख कर आज फिर मिटा दिया, कुछ बना कर आज फिर बिगाड़ दिया, वो आज भी नहीं आएगा मालूम है हमे, पर फिर भी उसके आने के इन्तजार मे खुद को फिर सँवार लिया ! »

मुक्तक

जो यही सजा है मेरे गुनाह की तो यही सही , लेकिन सुनवाई का एक मौका तो दे ! (निसार) »

मुक्तक

पास ना होकर भी जो दूर नहीं बिछड़कर भी जो छूटा नहीं सिर्फ दोस्ती का रिश्ता ही है जो मेरे बदलने पर भी बदला नहीं ! (निसार) »

मुक्तक

यूँ तो हमारा नजरिया बदल गया लेकिन उसे देखने की नजर वही है ! (निसार) »

मुक्तक

दिल मे दर्द उतना ही रखना जितना आँखों मे समां सके क्योकि जो छलक गया वो लोगो की हंसी का हो गया ! (निसार) »

ख्वाब

कुछ ख्वाब ऐसे थे, कुछ ख्वाब वैसे थे, कुछ दिल के हिस्से थे, कुछ दर्द के किस्से थे, कुछ खुदा को समझाने थे, कुछ खुद को समझने थे, कुछ टूटकर रह गए, कुछ अश्क संग बह गए, कुछ आदत बन गए, कुछ भूल बन गए, कुछ ख्वाब ऐसे थे, कुछ ख्वाब वैसे थे! ( निसार) »

मौला….

मौला अपनी तू रहो मे, बैठे रहने दे छाओ मे एक दिन तो होगा कर्म ये भ्रम तो रहने दे ! चाहे सपनो को सपने रहने दे, लकिन अपने तो रहने दे शिकवे, शिकायत क्या करने है पर कुछ तो हक से कहने दे! »

मुक्तक

तुम मेरी सुबह बन जाओ मैं तुम्हारी राते बन जाऊ जो दुआ पूरी करते है मैं तुम्हारा वो तारा बन जाऊ ! »

खुदा से

जब दिल रोए पर अश्क ना हो , जब नफरत हो पर रश्क ना हो , जब सजदा हो पर दुआ ना हो , जब किस्सा हो पर बया ना हो , जब जिन्दा हो पर अहसास ना हो , तब कह दे ना खुदा से अब तू मेरे साथ और बदनाम ना हो ! ‘निसार’ »

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