Neetika sarsar, Author at Saavan's Posts

मुझे यकीन है

मुझे यकीन है की इक रोज़ तेरा भी सवेरा होगा, अंधेरो का कोई साया ना होगा! इक रोज़ तेरा भी सब कुछ होगा, कुछ ना होने को कुछ ना होगा! इक रोज़ चाहा है जैसा वैसा ही होगा, अनचाहा कुछ भी ना होगा! मुझे यकीन है की इक रोज़ तुम्हे मेरे यकीन पर यकीन होगा! खूबसूरत सूरज का डूबना भी होता है क्योंकी सबको, उसके फिर से उगने पर यकीन होता है! »

shayari

ख्वाबो की ख्वाहिशो ने मार डाला, हमको तो वारना जीना तो हमे भी आता था, उनकी तरह झूठ का ! »

अभी बाकि है!

अभी और बनना बाकि है, अभी और बिगड़ना बाकि है , जिन्दा है यहाँ कौन-कौन सबको ये साबित करना बाकि है, जीने के लिए खुद के अभी खुद का मरना बाकि है ! »

दफन होने से पहले,

दफन होने से पहले, एक बार ये काम करके देखना! जो जुस्तजू हो, जीने की तो मुझपर भी मरकर देखना! आदत जो ना हो शिकायत करने की तो पास मेरे बैठकर देखना! चाहत जो ना हो भटकने की तो संग मेरे चलकर देखना! मैं आज तेरा ख्वाब हूँ, मुझे एक बार हकीकत बनाकर देखना! »

आँखों से बहता पानी…

आँखों से बहता पानी…

आँखों से बहता पानी कहाँ एक सा होता है कभी खुद के लिए रोता है, कभी खुदा के लिए रोता है ! कभी कुछ पा के रोता है , कभी कुछ खो के रोता है ! कभी किसी की यादो मे रोता है , कभी किसी को याद करके रोता है ! कभी खतों मे रोता है , कभी ख़ता करके रोता है ! कभी आँखो से पानी टपकाकर रोता है , कभी दिल मे छुपकर रोता है ! रोता है जब भी दर्द का अहसास कराकर रोता है ! »

आज फिर …

कुछ लिख कर आज फिर मिटा दिया, कुछ बना कर आज फिर बिगाड़ दिया, वो आज भी नहीं आएगा मालूम है हमे, पर फिर भी उसके आने के इन्तजार मे खुद को फिर सँवार लिया ! »

मुक्तक

जो यही सजा है मेरे गुनाह की तो यही सही , लेकिन सुनवाई का एक मौका तो दे ! (निसार) »

मुक्तक

पास ना होकर भी जो दूर नहीं बिछड़कर भी जो छूटा नहीं सिर्फ दोस्ती का रिश्ता ही है जो मेरे बदलने पर भी बदला नहीं ! (निसार) »

मुक्तक

यूँ तो हमारा नजरिया बदल गया लेकिन उसे देखने की नजर वही है ! (निसार) »

मुक्तक

दिल मे दर्द उतना ही रखना जितना आँखों मे समां सके क्योकि जो छलक गया वो लोगो की हंसी का हो गया ! (निसार) »

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