Mohit, Author at Saavan's Posts

तेरे दुःख मेरा कर्ज

तेरे दुःख मेरा कर्ज

मेरे जीवन का किसान बनकर, तूने सफलता के बीज़ बोए | अपने सपने बेचकर तूने, मेरे मामूली ख़्वाब संजोए | अक्षर का शुरूआती ज्ञान￰￰ देकर मुझे अपना शिष्य बनाया | अपना पेट काट -काट कर , तूने मेरा भविष्य सजाया | अंको का लालच बहुत था मुझे , रात – रात जागना होता था | तेरी नींद अचानक खुलती , न चाहते हुए भी सोता था | एक तेरा साथ रहा , तभी तो मेरा आज है | पूरा श्रेय मुझे दे दिया , कहा , “तू ही तो मेरा... »