Mithilesh Rai, Author at Saavan - Page 38 of 39's Posts

जब भी तेरी यादें पलक खोलती हैं

जब भी तेरी यादें पलक खोलती हैं! कश्तियाँ ख्वाब की साँसों में डोलती हैं! लफ्ज़ तोड़ देते हैं खामोशी अपनी, #मंजिलें भी तेरा ही नाम बोलती हैं! »

मुझे चाहतों का मिल गया ईनाम है

मुझे चाहतों का मिल गया ईनाम है! डरा-डरा सा हर ख्वाब का पैगाम है! अरमान कुचल रहे हैं दर्द के कदम से, किसी की याद में मयकशी हर शाँम है!     तेरी चाहत का गुनाहगार हूँ मैं! हर लम्हा तेरा ही तलबगार हूँ मैं! हरवक्त नज़र आता है ख्वाब तेरा, तेरी तमन्ना का दर्द-ए-इजहार हूँ मैं! »

जब लबों से दिल की बात नहीं होती

जब लबों से दिल की बात नहीं होती! धड़कनों की कोई रात नहीं होती! कदम फिर रूकते नहीं ख्यालों के, जब किसी से मुलाकात नहीं होती!     क्या होता है जब तुम पास नहीं होती! मेरी जिन्दगी मेरे पास नहीं होती! कटती नहीं है रात गम-ए-तन्हाई की, सहर भी होने की आस़ नहीं होती! #महादेव »

होते ही शाँम मैं किधर जाता हूँ

होते ही शाँम मैं किधर जाता हूँ? जुदा ख्यालों से मैं बिखर जाता हूँ! होता है खौफ यादों का इसकदर, जाँम की महफिल में नजर आता हूँ!   यूँ न मुस्कराओ तुम नजरें बदलकर! नीयत पिघल रही है मेरी मचलकर! धधक रही है चाहत गुफ्तगूं के लिए, ख्वाहिशों की जैसे करवट बदलकर! Written By मिथिलेश राय ( महादेव ) »

मत पूछो हालत मेरे हालात की

मत पूछो हालत मेरे हालात की! सहर कब होगी मेरे गम-ए-रात़ की? ना-काफी है गुफ्तगूं अब नजरों से, तड़प जागी है फिर से मुलाकात की! Written By #महादेव »

मैं तुमको जबसे खुदा मान बैठा हूँ

मैं तुमको जबसे खुदा मान बैठा हूँ! ज़िन्दगी को दर्द-ए-शुदा मान बैठा हूँ! खोजती हैं महफिलें जमाने की मगर, हर शक्स से खुद को जुदा मान बैठा हूँ! Written By #महादेव »

जब किसी की यादें आस-पास होती हैं!

जब किसी की यादें आस-पास होती हैं! शाँम की तन्हाईयाँ कुछ खास होती हैं! कोई ख्वाब देखती हैं निगाह इसतरह, धड़कनें #इरादों की एहसास होती हैं! Written By #महादेव »

हादसे इसकदर कुछ हो गये हैं!

हादसे इसकदर कुछ हो गये हैं! गम-ए-हालात से हम खो गये हैं! हसरतें बिखरी हैं रेत की तरह, ख्वाब भी पत्थर से कुछ हो गये हैं!] »

साँसों की आरजू मचलने दो!

साँसों की आरजू मचलने दो! रोशनी चाहतों की जलने दो! नज़र में आयी है याद तेरी, सरहदें ख्वाबों की पिघलने दो!     हादसे इसकदर कुछ हो गये हैं! गम-ए-हालात में हम खो गये हैं! हसरतें बिखरी हैं रेत की तरह, ख्वाब भी पत्थर से कुछ हो गये हैं! Written By मिथिलेश राय ( महादेव ) »

दीदार-ए-नजर जो हो गयी है

दीदार-ए-नजर जो हो गयी है! आज कयामत़ सी हो गयी है! हसीन लम्हों में उलझा हूँ मैं, जिन्दगी ख्वाबों में खो गयी है! जी रहा हूँ मैं तेरी यादों को लेकर! दर्द़ बन गया हूँ मैं मुरादों कोलेकर! खोजता हूँ हरतरफ़ मंजिलों को अपनी, ‪‎हालात‬ के भँवर में इरादों को लेकर! जागी है इसतरह से तेरी कामना! जाँम को लबों से हो जैसे थामना! बर्फ सी पिघल रही है हसरतें मेरी, ख्वाब का हो आग से जैसे सामना! Written By ‪#‎महादेव‬ »

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