Mithilesh Rai, Author at Saavan - Page 38 of 53's Posts

मुक्तक

कौन है वो शक्स जो हमारा बनेगा? बेबसी के दौर में सहारा बनेगा! बुझ न जाए तन्हा चिराग जिन्द़गी का, डूबते इरादों का किनारा बनेगा! #महादेव_की_कविताऐं'(22) »

मुक्तक

तेरे लिए हरपल बेकरार सा रहता हूँ! तेरे लिए हरपल तलबगार सा रहता हूँ! गुफ्तगूँ की चाहत भी जिन्दा है लेकिन, तेरी बेरुखी से लाचार सा रहता हूँ! #महादेव_की_कविताऐं'(24) »

मुक्तक

मेरी जिन्दगी से यादों को तुम ले लो! मेरे दर्द की फरियादों को तुम ले लो! हर घड़ी रुलाती हैं अब तेरी ख्वाहिशें, मेरे ख्यालों से इरादों को तुम ले लो! #महादेव_की_कविताऐं'(23) »

मुक्तक

तेरा कमाल आज भी नहीं जाता! तेरे बगैर कुछ नजर नहीं आता! छायी हुई है बेखुदी ख्यालों में, तेरे सिवा कोई भी नहीं भाता! #महादेव_की_कविताऐं'(20) »

मुक्तक

मुझे चाहतों का ईनाम मिल गया है! मुझे बेरुखी का पैगाम मिल गया है! बिखरी हुई लकीरें हैं अरमानों की, दर्द का आलम सुबह शाम मिल गया है! #महादेव_की_कविताऐं'(22) »

मुक्तक

रात जाती है फिर से क्यों रात आ जाती है? धीरे—धीरे दर्द की बारात आ जाती है! भूला हुआ सा रहता हूँ चाहतों को लेकिन, करवटों में यादों की हर बात आ जाती है! #महादेव_की_कविताऐं'(26) »

मुक्तक

तेरी आरजू ने यही काम किया है! मेरी जिन्द़गी को बदनाम किया है! कैसे मैं छुपाऊँ अंजाम को सबसे? दर्द ने नुमाइश तेरे नाम किया है! #महादेव_की_कविताऐं'(22) »

मुक्तक

तुमको मैं जबसे खुदा मान बैठा हूँ! जिन्द़गी को गुमशुदा मान बैठा हूँ! खोजती हैं महफिलें जमाने की मगर, खुद को मैं सबसे जुदा मान बैठा हूँ! #महादेव_की_कविताऐं'(22) »

मुक्तक

मेरे दर्द का आलम गुजर गया है! तेरी बेरुखी का जख्म भर गया है! कोई नहीं है मंजिल न राह कोई, चाहतों का हर मंजर बिखर गया है! #महादेव_की_कविताऐं'(21) »

मुक्तक

मुझको तेरी याद कहाँ फिर से ले आई है? हरतरफ ख्यालों में फैली हुई तन्हाई है! भटके हुए हैं लम्हें गम के अफसानों में, साँसों में चुभती हुई तेरी बेवफाई है! #महादेव_की_कविताऐं’ »

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