Mithilesh Rai, Author at Saavan - Page 32 of 37's Posts

मुक्तक

गम-ए-तकदीर के भी कैसे नजारे हैं! खौफ़ की राह पर ख्वाब सब हमारे हैं! मंजिलों को खोजती है ज़िन्दगी कोई, किसी की ख्वाहिशें ही टूटते सितारे हैं! Composed By #महादेव »

मुक्तक

मैं जी रहा हूँ तेरी कहानी बनकर! दीवानगी की तेरी रवानी बनकर! नाखुदा सी बन गयी हैं चाहतें मेरी, जख्में-जिगर में तेरी निशानी बनकर!   Composed By #महादेव »

मुक्तक

जिन्दगी कभी आज है कभी कल होती है! कभी तन्हा कभी धूप की सकल होती है! लेना-देना पाना-खोना है जिन्द़गी, रोती हुयी आवाज ही गज़ल होती है!   Composed By #महादेव »

मुक्तक

तेरे बगैर जिन्दगी की सूरत क्या है? तेरे बगैर कुछ भी खूबसूरत क्या है? जिन्दा हैं मेरी साँसें सोचकर तुमको, तेरे बगैर जीने की जरूरत क्या है? Composed By मिथिलेश राय ( महादेव ) »

शायद मेरे गम की कभी रात आखिरी हो

शायद मेरे गम की कभी रात आखिरी हो! तेरे दर्द़ से कभी मुलाकात आखिरी हो! मैं कबतक याद रखूँ तेरे अफसानों को? तेरी यादों से तो कभी बात आखिरी हो! Composed By #महादेव mkraihmvns@gmail.com »

टूटते ख्वाबों के अफसाने बहुत से हैं

टूटते ख्वाबों के अफसाने बहुत से हैं! मयकशे-जाम के भी बहाने बहुत से हैं! एक तू ही नहीं है तन्हा गम-ए-हालात से, शमा-ए-हुस्न के भी परवाने बहुत से हैं! Composed By #महादेव »

मेरी आरजू तो तुमको पाने की थी

मेरी आरजू तो तुमको पाने की थी! हर कोशिश तेरी महफिल सजाने की थी! समझ न पाया मैं तेरी बेवफाई को, तेरी अदा हर शक्स को सताने की थी! Composed By #महादेव »

होकर जुदा तुमसे हर शाम यूँ ही होती है

होकर जुदा तुमसे हर शाम यूँ ही होती है! शामों-सहर जिन्दगी तमाम यूँ ही होती है! मैं खोजता हूँ सब्र को जाम के पैमानों में, मेरी मयकशी तेरे नाम यूँ ही होती है! Composed By #महादेव »

मिल गया अंजाम मुझे तुमसे दिल लगाने का

मिल गया अंजाम मुझे तुमसे दिल लगाने का! #दर्द मुझे होता है जैसे किसी परवाने का! नाकामियों के आलम से परेशान हूँ मगऱ, हौसला अभी बाकी है बेखौफ मुस्कुराने का! Composed By #महादेव »

दर्द देकर चैन से तुम जीने नही देते

दर्द देकर चैन से तुम जीने नही देते! बेरहम जख्मों को तुम सीने नही देते! खोजता हूँ जिन्दगी जाम के पैमानों में, उसको मगर चैन से तुम पीने नही देते! Composed By #महादेव »

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