Mithilesh Rai, Author at Saavan - Page 32 of 51's Posts

मुक्तक

किस किस को मैं अपनी नादानी को कहूँ? किस किस को मैं दर्द की रवानी को कहूँ? जले हुए से ख्वाब हैं अश्कों में तैरते, किस किस को मैं प्यार की कहानी को कहूँ? मुक्तककार- #महादेव'(23) »

किस किस को मैं अपनी नादानी को कहूँ? किस किस को मैं दर्द की रवानी को कहूँ? जले हुए से ख्वाब हैं अश्कों में तैरते, किस किस को मैं प्यार की कहानी को कहूँ? मुक्तककार- #महादेव'(23) »

मुक्तक

तेरी सूरत का मैं दीवाना हूँ कबसे! तेरी बेताबी का परवाना हूँ कबसे! अंजामे-बेरूखी से बिखरी है जिन्दगी, जख्मे-तन्हाई का अफसाना हूँ कबसे! मुक्तककार- #महादेव'(24) »

मुक्तक

मेरी बेखुदी को कोई नाम न देना! मेरी तमन्नाओं को इल्जाम न देना! बहके हुए इरादों को तड़पाना न कभी, सुलगी हुई तन्हाई की शाम न देना! मुक्तककार- #महादेव'(23) »

मुक्तक

कबसे तड़प रहा हूँ तुमको याद करते करते! कबसे तड़प रहा हूँ मैं फरियाद करते करते! बैठा हुआ हूँ मुद्दत से तेरे इंतजार में, कबसे जिन्द़गी को मैं बरबाद करते करते! मुक्तककार- #महादेव'(27) »

मुक्तक

कभी तो तेरे लब पर मेरा नाम आएगा! कभी तो मेरी चाहत का पैगाम आएगा! खींच लेगी तुमको कभी यादों की खूशबू, कभी तो तेरी नजरों का सलाम आएगा! मुक्तककार- #महादेव’ »

मुक्तक

खामोश नजरों के नजारे बोलते हैं! खामोश लहरों के किनारे बोलते हैं! मुश्किल है कह देना लबों से चाहत को, खामोश कदमों के इशारे बोलते हैं! मुक्तककार- #महादेव'(23) »

मुक्तक

कभी राहे-जिन्दगी में बदल न जाना तुम! कभी गैर की बाँहों में मचल न जाना तुम! सूरत बदल रही है हरपल तूफानों की, कभी हुस्न की आँधी में फिसल न जाना तुम! मुक्तककार- #महादेव'(24) »

मुक्तक

तेरी आरजू का कैसा ये असर है? ख्वाबों का सफर भी जैसे एक कहर है! जिन्दगी बेचैन है चाहत में हरपल, धड़कनों में शामिल यादों की लहर है! मुक्तककार- #महादेव'(22) »

मुक्तक

दौर-ए-सितम में सभी यार चले जाते हैं! दौरे-ए-सितम में वफादार चले जाते हैं! हर आदमी की जिन्दगी लेती है करवटें, हौसले मंजिल के बेकार चले जाते हैं! मुक्तककार- #महादेव’ »

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