Mithilesh Rai, Author at Saavan - Page 32 of 42's Posts

मुक्तक

मेरा नसीब मुझसे क्यों रूठ गया है? राहे-मंजिल से रिश्ता टूट गया है! यादें सुलग रहीं हैं पलकों में लेकिन, तेरा दामन हाथों से छूट गया है! मुक्तककार – #महादेव’ »

मुक्तक

मेरा नसीब मुझसे क्यों रूठ गया है? राहे-मंजिल से रिश्ता टूट गया है! यादें चल रहीं हैं पलकों में हर घड़ी, तेरा दामन हाथों से छूट गया है! मुक्तककार – #महादेव’ »

मुक्तक

तुमको देखकर मेरे ख्याल मचलते हैं! तुमको सोचकर मेरे ख्वाब बहलते हैं! किसतरह हालात पर लगाऊँ मैं बंदिशें? मुझको दर्द के कदम दिन रात कुचलते हैं! मुक्तककार – #महादेव’ »

मुक्तक

तुम बिन उम्र तन्हा गुजरती रहेगी! तुम बिन जिन्दगी भी बिखरती रहेगी! हर ख्वाब तैरते रहेंगे पलकों में, तेरी याद रगों में चलती रहेगी! मुक्तककार #महादेव’ »

मुक्तक

मेरा ख्याल तुमको यादों से चुन लेता है! तेरी ख्वाहिशों से ख्वाबों को बुन लेता है! दूरियाँ मिट जाती हैं इरादों से इसतरह, धड़कनों में तेरी आहट को सुन लेता है! मुक्तककार – #महादेव »

मुक्तक

करीब आओ तुम नूरानी सी रातें हैं! बाद मुद्दत़ के मस्तानी सी रातें हैं! छुप गये हो किसलिए उम्र की तस्वीरों में? शबनमी ख्याल की दीवानी सी रातें हैं! मुक्तककार #महादेव’ »

मुक्तक

तुझे चाहना मेरी इबाद़त जैसी है! तुझे याद करना मेरी आदत जैसी है! धड़कनों में चल रही है आरजू तेरी, तेरे बगैर जिन्द़गी लानत जैसी है! मुक्तककार #महादेव’ »

मुक्तक

क्या हुआ अगर मैं खामोश हूँ! तेरी तमन्ना में मदहोश हूँ! यादें चीखती हैं जेहन में, जिन्दगी में खानाबदोश हूँ! #महादेव की कविताऐं »

मुक्तक

क्या हुआ अगर मैं खामोश हूँ! तेरी तमन्ना में मदहोश हूँ! यादें चीखती हैं जेहन में, जिन्दगी में खानाबदोश हूँ! #महादेव की कविताऐं »

मुक्तक

मेरी जिन्द़गी तुम्हारी सूरत है! मेरी हर मंजिल तुम्हारी मूरत है! डूबा हूँ तेरे प्यार के भंवर में, मुझे हरपल तुम्हारी जरूरत है! रचनाकार #महादेव’ »

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