Mithilesh Rai's Posts

मुक्तक

हरवक्त मैं तुमसे बात किया करता हूँ! यादों से मैं मुलाकात किया करता हूँ! हर ख्वाब बेइंतहाँ जलाता है लेकिन, तुमसे गुफ्तगूँ हर रात किया करता हूँ! मुक्तककार- #महादेव’ »

मुक्तक

शामे-आलम में तेरी प्यास चली आती है! लहर ख्वाहिशों की मेरे पास चली आती है! दर्द की दीवारों से टकराती है जिन्द़गी, ख्वाबों की तस्वीर बदहवास चली आती है! मुक्तककार-#महादेव’ »

मुक्तक

किसलिए हर आदमी खुद को जला रहा है? सिलसिला-ए-दर्द़ से खुद को सता रहा है! ढल रही है जिन्दगी शीशे की शक्ल में, रास्तों में तन्हा पत्थर सा जा रहा है! मुक्तककार- #महादेव’ »

मुक्तक

हर सुबह ख्वाबों से रिश्ता टूट जाता है! प्यार का पलकों में गुलिस्ताँ छूट जाता है! खोजता हूँ मंजिलें तमन्नाओं की लेकिन, मुझसे चाहतों का फरिश्ता रूठ जाता है! मुक्तककार- #महादेव’ »

मुक्तक

तेरा ख्याल तन्हा छोड़कर आया हूँ! दीवार-ए-दर्द को तोड़कर आया हूँ! भूला हूँ मंजिलों को वक्त-ए-सितम से, यादों की लहर को मोड़कर आया हूँ! मुक्तककार- #महादेव’ »

मुक्तक

कोई नहीं है मंजिल न कोई ठिकाना है! हरवक्त तेरे दर्द़ से खुद को सताना है! मुमकिन नहीं है रोकना नुमाइश जख्मों की, हर शाम तेरी याद में खुद को जलाना है! मुक्तककार- #महादेव’ »

मुक्तक

दर्द के दामन में चाहत के कमल खिलते हैं! अश्क की लकीर पर यादों के कदम चलते हैं! रेंगते ख्यालों में नज़र आती हैं मंजिलें, जिन्दगी में जब भी ख्वाबों के दिये जलते हैं! मुक्तककार – #महादेव’ , »

मुक्तक

मेरा नसीब मुझसे क्यों रूठ गया है? राहे-मंजिल से रिश्ता टूट गया है! यादें सुलग रहीं हैं पलकों में लेकिन, तेरा दामन हाथों से छूट गया है! मुक्तककार – #महादेव’ »

मुक्तक

मेरा नसीब मुझसे क्यों रूठ गया है? राहे-मंजिल से रिश्ता टूट गया है! यादें चल रहीं हैं पलकों में हर घड़ी, तेरा दामन हाथों से छूट गया है! मुक्तककार – #महादेव’ »

मुक्तक

तुमको देखकर मेरे ख्याल मचलते हैं! तुमको सोचकर मेरे ख्वाब बहलते हैं! किसतरह हालात पर लगाऊँ मैं बंदिशें? मुझको दर्द के कदम दिन रात कुचलते हैं! मुक्तककार – #महादेव’ »

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