Mithilesh Rai, Author at Saavan - Page 3 of 53's Posts

मुक्तक

अपनी यादों को मिटाना बहुत कठिन है। अपने गम को भूल जाना बहुत कठिन है। जब राहे-मयखानों पर चलते हैं कदम, होश में लौट कर आना बहुत कठिन है। मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

अपनी यादों को मिटाना बहुत कठिन है। अपने गम को भूल जाना बहुत कठिन है। जब राहे-मयखानों पर चलते हैं कदम, होश में लौट कर आना बहुत कठिन है। मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

कहीं तेरी बेवफाई से मैं बदल न जाऊँ? कहीं इंतजार की ज्वाला से मैं जल न जाऊँ? मुझे दर्द सताता है हर वक्त तन्हाई में, कहीं सब्र के चट्टानों से मैं फिसल न जाऊँ? मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

तेरी दिल में ख्वाहिश आयी है अभी अभी! चाहत की फरमाइश आयी है अभी अभी! गूंज उठी है शहनाई यादों की लेकिन, फिर गम की पैदाइश आयी है अभी अभी! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

फसाना जिंदगी का अजीब जैसा है! हर ख्वाब आदमी का रकीब जैसा है! बदली हुई निगाहों का खौफ है दिल में, मंजिलों का मिलना तरकीब जैसा है! मुक्तककार -#मिथिलेश_राय »

मुक्तक

मंजिलों के रास्ते कुछ बोल रहे हैं! रंग दिल में चाहत का घोल रहे हैं! तिश्नगी ल़बों पर है पैमानों की, क़दम जुस्तजू के कुछ डोल रहे हैं! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

तुमसे अपने प्यार को कहना मुश्किल है! तेरे बगैर लेकिन रहना मुश्किल है! तुमको कभी गैर की बाँहों में देखकर, तेरी बेवफाई को सहना मुश्किल है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

तेरी नजर हाल-ए-दिल बयान कर देती है! तेरी नजर चाहत का ऐलान कर देती है! ख़्वाहिशें बंध जाती हैं साँसों की डोर से, तेरी याद रातों को वीरान कर देती है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

दिन गुजर जाएगा मगर रात जब होगी! तेरे ख्यालों से मुलाकात तब होगी! कबतलक सुनता रहूँ गमों की सिसकियाँ? तुमसे रूबरू दिल की बात कब होगी? मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

मुझे तेरी आरजू में जुदाई मिल गयी है! मुझे तेरी चाहत में तन्हाई मिल गयी है! गमगीन हो गयी है मेरी हाल-ए-जिंदगी, मुझे राहे-वफा में रुसवाई मिल गयी है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

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