Mithilesh Rai, Author at Saavan - Page 3 of 35's Posts

मुक्तक

मुक्तक

यादों की करवट से लकीर सी बन जाती है! दिल में तरंगों की तस्वीर सी बन जाती है! जब भी आ जाता है सैलाब तमन्नाओं का, दर्द की कड़ियों की जंजीर सी बन जाती है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

मुक्तक

हार कर भी तेरी कहानी की तरह हूँ! हार कर भी तेरी निशानी की तरह हूँ! ठोकरें खाता रहा हूँ उम्र भर लेकिन, जोशे-जिदंगी में जवानी की तरह हूँ! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

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तेरी चाहत मेरी आदत सी बन गयी है! मेरी जिन्दगी की अमानत सी बन गयी है! पलकों में चलते रहते हैं यादों के कदम, मेरी बंदगी की इबारत सी बन गयी है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

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तेरा कबतलक मैं इंतजार करता रहूँ? तेरी वफा पर मैं ऐतबार करता रहूँ? दफ़न हो गयी है अंधेरों में जिन्दगी, दर्दे-जुदाई में तुमसे प्यार करता रहूँ? मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

मुक्तक

तेरी यादों की तन्हाई से डर जाता हूँ! तेरी चाहत की परछाई से डर जाता हूँ! टूट गये हैं ख्वाब सभी तेरी रुसवाई से, तेरी जुल्फ की अंगड़ाई से डर जाता हूँ! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

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अब तो मंजिलों के भी दाम हो गये हैं! रिश्ते जिन्दगी के नीलाम हो गये हैं! दर्द की लकीरें तैरती हैं अश्कों में, अब तो जख्मों के कई नाम हो गये हैं! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

मुक्तक

तेरा ख्याल जब कभी मुझको चूमता है! हरतरफ फिजाओं में सावन झूमता है! कबतलक मैं रोकूँगा प्यास धड़कनों की? हर घड़ी दिल में तेरा ख्वाब घूमता है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

मुक्तक

शाम की तन्हाई में खामोशी आ रही है! ख्वाबों और ख्यालों की सरगोशी आ रही है! मुमकिन नहीं है रोकना यादों के कदमों को, दिल में तेरे प्यार की मदहोशी आ रही है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

मुक्तक

इसकदर उलझी है जिन्दगी तकदीरों में! हम राह ढूंढते हैं हाथ की लकीरों में! इंसान डर रहा है आशियाँ बनाने से, बंट गयी हैं बस्तियाँ कौम की जागीरों में! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

मुक्तक

मुक्तक

तेरे बगैर जिन्दगी बेजान सी रहती है! तेरी बेवफाई से हैरान सी रहती है! मेरी राह थक गयी है अब तो इंतजार की, तेरी चाहत दिल में परेशान सी रहती है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय »

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